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शिक्षा मंत्री के खिलाफ फिर मोर्चा अभिजीत दीपके ने उठाए सवाल

Ratna Netam
20 Aug 2026 3:10 PM IST
शिक्षा मंत्री के खिलाफ फिर मोर्चा अभिजीत दीपके ने उठाए सवाल
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नई दिल्ली। चंडीगढ़ जनहित पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक बार फिर सरकार पर निशाना साधते हुए शिक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने शिक्षा मंत्री से इस्तीफे की मांग करते हुए कहा कि जनता ने नेताओं को बेहतर शिक्षा व्यवस्था और बच्चों के भविष्य के लिए चुना है, न कि ऐसी स्थिति देखने के लिए जहां छात्रों और अभिभावकों को परेशानियों का सामना करना पड़े।
अभिजीत दीपके के इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। उन्होंने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंच के जरिए शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और सरकार से जवाब मांगते हुए जिम्मेदारी तय करने की बात कही।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठाए सवाल
अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि राज्य में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कई मुद्दे लंबे समय से सामने आ रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी राज्य के विकास की नींव होती है और इसमें लापरवाही का सीधा असर छात्रों के भविष्य पर पड़ता है।
उन्होंने शिक्षा मंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर विभाग में लगातार समस्याएं बनी हुई हैं तो इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। इसी आधार पर उन्होंने मंत्री के इस्तीफे की मांग की।
बोले- इसके लिए वोट देते हैं क्या?
अभिजीत दीपके ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि जनता नेताओं को काम करने के लिए चुनती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या लोग ऐसी व्यवस्था के लिए वोट देते हैं, जहां शिक्षा से जुड़े मुद्दे लगातार बने रहें।
उन्होंने कहा कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद जनता की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की।
राजनीतिक बयानबाजी तेज
अभिजीत दीपके के इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाजी तेज हो सकती है। विपक्ष और सरकार के बीच शिक्षा, रोजगार और प्रशासनिक मुद्दों को लेकर पहले भी आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा जैसे मुद्दे सीधे जनता से जुड़े होते हैं, इसलिए इन पर दिए गए बयान अक्सर राजनीतिक बहस का हिस्सा बन जाते हैं।
सरकार से जवाब की मांग
अभिजीत दीपके ने सरकार से शिक्षा विभाग की स्थिति को लेकर जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी विभाग की जिम्मेदारी संभालने वाला व्यक्ति अपेक्षित परिणाम नहीं दे पा रहा है तो उसे पद पर बने रहने का अधिकार नहीं होना चाहिए।
छात्रों और अभिभावकों के मुद्दों पर जोर
अभिजीत दीपके ने अपने बयान में छात्रों और अभिभावकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, बेहतर सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जरूरी है।
उन्होंने सरकार से अपील की कि राजनीतिक बहस से ऊपर उठकर बच्चों के भविष्य को प्राथमिकता दी जाए।
शिक्षा राजनीति का अहम मुद्दा
देशभर में शिक्षा व्यवस्था हमेशा से राजनीति का बड़ा मुद्दा रही है। स्कूलों की स्थिति, शिक्षकों की नियुक्ति, परीक्षा व्यवस्था और छात्रों की सुविधाओं को लेकर समय-समय पर सरकारों पर सवाल उठते रहे हैं।
ऐसे में अभिजीत दीपके का यह बयान भी शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर राजनीतिक बहस को आगे बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
आगे क्या?
फिलहाल अभिजीत दीपके की ओर से शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग के बाद अब सरकार और संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया का इंतजार है। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
वहीं, यह देखना भी अहम होगा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था से जुड़े आरोपों पर क्या जवाब देती है और सुधार के लिए कौन से कदम उठाती है।
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