दिल्ली-एनसीआर

अभिजीत दिपके की गिरफ्तारी, दिल्ली पुलिस करेगी अदालत में पेश

Tara Tandi
17 Oct 2026 12:22 PM IST
नई दिल्ली: 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके को गिरफ्तार कर लिया गया है और शनिवार को उन्हें SEM कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। यह कार्रवाई शुक्रवार को कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में CJP द्वारा आयोजित 'लहरा दो तिरंगा' रैली के सिलसिले में की गई है।
CJP की लीगल अफेयर्स हेड रत्ना सिंह ने 'X' पर एक पोस्ट में कहा, "अभिजीत को गिरफ्तार कर लिया गया है और उन्हें SEM कोर्ट के सामने पेश किया जाएगा। अभी उनकी लोकेशन का पता नहीं है और वकीलों की उनसे मुलाकात नहीं हो पाई है।"
दिल्ली के मुख्य इलाकों में पुलिस द्वारा सुरक्षा कड़ी किए जाने के बीच, 'ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन' (AISA) की नेहा बोरा को भी मंडी हाउस के पास हिरासत में लिया गया। हालांकि, कुछ देर बाद ही उन्हें छोड़ दिया गया।
ये गिरफ्तारियां और हिरासत की घटनाएं उस तनाव के बीच हुई हैं, जो CJP के दो सह-संयोजकों - सौरव दास और आशुतोष रांका - की गिरफ्तारी और न्यायिक हिरासत के बाद विरोध प्रदर्शनों की वजह से पैदा हुआ है। इन दोनों को 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर में घुसकर राष्ट्रीय ध्वज फहराने के आरोप में पांच दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। बता दें कि उससे एक दिन पहले ही जंतर-मंतर को विरोध प्रदर्शन के लिए तय जगह की सूची से हटा दिया गया था।
एक हफ्ते के भीतर यह दूसरी बार है जब दिल्ली पुलिस ने दिपके को हिरासत में लिया है। इससे पहले, 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) के दौरान मतदाता सूची में कथित हेरफेर को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञान कुमार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के लिए मुंबई से दिल्ली पहुंचने के तुरंत बाद उन्हें हिरासत में लिया गया था।
शुक्रवार को प्रस्तावित रैली से पहले, दिल्ली पुलिस ने दिपके को एक नोटिस भेजा था। इसमें बताया गया था कि कनॉट प्लेस विरोध प्रदर्शन के लिए अधिकृत जगह नहीं है और नई दिल्ली नगर परिषद (NDMC) ने इस 'तिरंगा यात्रा' के लिए अनुमति नहीं दी है।
'भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता' (BNSS) की धारा 163 के तहत जारी इस नोटिस में चेतावनी दी गई थी कि मार्च निकालना या भीड़ इकट्ठा करना उस इलाके में लागू निषेधाज्ञा (prohibitory orders) का उल्लंघन होगा।
अपने आवास पर पुलिसकर्मियों से बातचीत के दौरान, दिपके ने अपनी हिरासत के आधार पर सवाल उठाते हुए पूछा, "आपने मुझ पर किस तरह का आरोप लगाया है?" जब उन्हें बताया गया कि वे नई दिल्ली नहीं जा सकते और उन्हें हिरासत में लिया जा रहा है, तो उन्होंने कहा कि वे कहीं और जा सकते हैं और सवाल किया कि उन्होंने किस कानून का उल्लंघन किया है।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय ध्वज फहराने पर कोई रोक नहीं है, लेकिन बिना अनुमति के जुलूस निकालना और पाबंदियों का उल्लंघन करते हुए भीड़ इकट्ठा करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। उन्हें 'फ्लैग कोड' (ध्वज संहिता) के उन प्रावधानों के बारे में भी याद दिलाया गया, जो राष्ट्रीय ध्वज को सम्मानपूर्वक प्रदर्शित करने से संबंधित हैं।
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