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आरक्षण विरोधियों को अभिजीत दीपके का जवाब, कहा- कोटा नहीं सीटें बढ़ाने की जरूरत है

नई दिल्ली : पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन से चर्चा में आए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके अब अपनी राजनीतिक रणनीति को आगे बढ़ाने की तैयारी में जुट गए हैं। इसी बीच उन्होंने आरक्षण के मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी है। अभिजीत दीपके ने आरक्षण का समर्थन करते हुए कहा कि अगर किसी वंचित वर्ग के बच्चे को शिक्षा का अवसर मिल रहा है तो इसमें किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए।
एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में अभिजीत दीपके ने शिक्षा व्यवस्था, आरक्षण और देश में शिक्षण संस्थानों की संख्या बढ़ाने जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि समाज में ऐसे कई बच्चे हैं जिन्हें संसाधनों की कमी के कारण शिक्षा हासिल करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे बच्चों को आगे बढ़ने का मौका मिलना जरूरी है।
अभिजीत दीपके ने कहा कि उनका मानना है कि शिक्षा ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर किसी वंचित बच्चे को पढ़ाई का अवसर मिल रहा है तो इसमें गलत क्या है। उनका उद्देश्य यह होना चाहिए कि जो लोग शिक्षा से दूर हैं, उन्हें शिक्षा से जोड़ा जाए और उन्हें आगे बढ़ने का मौका दिया जाए।
आरक्षण के मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए दीपके ने कहा कि आरक्षण को लेकर विरोध करने वालों को यह समझना चाहिए कि इसके जरिए किसी को घर या गाड़ी नहीं दी जा रही है, बल्कि केवल शिक्षा का अवसर दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मिलने से एक बच्चे के साथ-साथ उसका परिवार और पूरा समाज आगे बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि आरक्षण के जरिए मिलने वाला लाभ केवल शिक्षा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे सामाजिक और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को पढ़ाई का अवसर दिया जा रहा है तो इसमें परेशानी किस बात की होनी चाहिए।
अभिजीत दीपके ने देश में स्कूलों और कॉलेजों की संख्या बढ़ाने की जरूरत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि आरक्षण के कारण सीटें कम होने की बात करने के बजाय सरकार से अधिक शिक्षण संस्थान बनाने की मांग करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को ज्यादा स्कूल और कॉलेज खोलने चाहिए ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षा का अवसर मिल सके।
उन्होंने कहा कि अगर शिक्षा के लिए पर्याप्त सीटें होंगी तो आरक्षण को लेकर विवाद भी कम होंगे। उन्होंने सरकार से शिक्षा व्यवस्था के विस्तार पर ध्यान देने की अपील की। दीपके ने कहा कि समस्या का समाधान सीटें बढ़ाना है, न कि किसी वर्ग को शिक्षा के अधिकार से दूर करना।
इसके साथ ही अभिजीत दीपके ने कॉलेजों में मौजूद मैनेजमेंट कोटा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जो लोग आरक्षण का विरोध करते हैं, उन्हें मैनेजमेंट कोटा के खिलाफ भी आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कई संस्थानों में पैसे देकर एडमिशन लेने की व्यवस्था मौजूद है, जिससे कई विद्यार्थियों के अवसर प्रभावित होते हैं।
दीपके ने कहा कि अगर शिक्षा में समान अवसर की बात करनी है तो सभी व्यवस्थाओं पर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल आरक्षण को निशाना बनाना सही नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में मौजूद हर उस व्यवस्था पर ध्यान देना चाहिए जो विद्यार्थियों के अवसरों को प्रभावित करती है।
इधर, कॉकरोच जनता पार्टी अपनी आगे की रणनीति तैयार करने में जुटी हुई है। सूत्रों के अनुसार, सीजेपी के प्रमुख सदस्य 5 अगस्त को महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस बैठक में संगठन के भविष्य की रणनीति और आगे की कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी।
बताया जा रहा है कि यह बैठक सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके के आवास पर आयोजित की जाएगी। पार्टी के प्रमुख सदस्यों को पहले ही निर्देश दिए गए हैं कि वे स्वयंसेवकों और विद्यार्थियों से बातचीत करें और उनके सुझाव लेकर बैठक में शामिल हों।
इस बैठक के बाद संगठन अपने विस्तार और आगामी कार्यक्रमों को लेकर फैसला ले सकता है। अभिजीत दीपके लगातार शिक्षा, परीक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं। अब आरक्षण जैसे बड़े सामाजिक मुद्दे पर अपनी स्थिति स्पष्ट करने के बाद उनकी राजनीतिक गतिविधियों पर भी नजरें टिक गई हैं।





