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अभिजीत दीपके बोले, बच्चों के लिए बेहतर स्कूल बनाने में इस्तेमाल हो फंड

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने बुधवार को ग्रामीण स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए PM CARES फंड के इस्तेमाल की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि इस फंड का उपयोग देशभर में नए आधुनिक स्कूल बनाने और मौजूदा स्कूलों की सुविधाएं सुधारने में किया जा सकता है।
CJP के नेशनल कन्वीनर अभिजीत दीपके ने ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों की स्थिति को लेकर ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान शुरू किया है। इस अभियान के जरिए उन्होंने स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी को सामने रखने की कोशिश की है।
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जारी एक वीडियो बयान में कहा कि देश के कई हिस्सों में बच्चे आज भी बेहतर शिक्षा सुविधाओं से वंचित हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी स्कूल पहुंचने के लिए अच्छी सड़कों, कक्षाओं में बैठने के लिए पर्याप्त बेंच और पीने के साफ पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि एक तरफ बड़ी राशि का फंड उपलब्ध है, वहीं दूसरी ओर देश के कई स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी बनी हुई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बच्चों को बेहतर शिक्षा वातावरण देने की जरूरत है तो ऐसे संसाधनों का उपयोग क्यों नहीं किया जा रहा है।
दीपके ने अपने बयान में कहा कि PM CARES फंड का इस्तेमाल ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि इस राशि से 1,000 से अधिक आधुनिक स्कूलों का निर्माण किया जा सकता है और पुराने स्कूलों में जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि स्कूल केवल पढ़ाई की जगह नहीं होते, बल्कि बच्चों के भविष्य की नींव तैयार करने वाले केंद्र होते हैं। इसलिए स्कूलों में अच्छी इमारत, साफ पानी, शौचालय, बैठने की व्यवस्था और बेहतर माहौल होना जरूरी है।
CJP की ओर से शुरू किए गए ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान का उद्देश्य ग्रामीण और सरकारी स्कूलों की समस्याओं को उजागर करना है। पार्टी का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए जमीनी स्तर की समस्याओं को समझना जरूरी है।
अभिजीत दीपके ने कहा कि देश के बच्चों को समान शिक्षा अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों के बीच सुविधाओं का अंतर कम किया जाना जरूरी है।
उन्होंने सरकार से अपील की कि ग्रामीण स्कूलों के विकास को प्राथमिकता दी जाए। उनके अनुसार, बेहतर स्कूल इंफ्रास्ट्रक्चर से बच्चों की पढ़ाई में रुचि बढ़ेगी और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
CJP के इस बयान के बाद शिक्षा क्षेत्र और सरकारी योजनाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पार्टी ने ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है।
विशेषज्ञों का कहना है कि स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं का सीधा असर बच्चों की पढ़ाई और सीखने की क्षमता पर पड़ता है। बेहतर कक्षाएं, साफ पानी, सुरक्षित भवन और अन्य सुविधाएं छात्रों के लिए जरूरी हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्कूल आज भी भवन, फर्नीचर, पेयजल और अन्य संसाधनों की कमी का सामना कर रहे हैं। ऐसे में शिक्षा के क्षेत्र में निवेश को महत्वपूर्ण माना जाता है।
अभिजीत दीपके ने कहा कि देश का भविष्य बच्चों से जुड़ा है और उनके लिए बेहतर शिक्षा व्यवस्था तैयार करना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने अपने अभियान के माध्यम से सरकार और समाज का ध्यान ग्रामीण स्कूलों की समस्याओं की ओर आकर्षित करने की कोशिश की है।
फिलहाल CJP की ओर से उठाई गई यह मांग राजनीतिक और सामाजिक चर्चा का विषय बन गई है। अब देखना होगा कि सरकार की ओर से इस मुद्दे पर क्या प्रतिक्रिया आती है।





