दिल्ली-एनसीआर

निर्वाचन आयोग पर फिर भड़के अभिजीत दीपके, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर साधा निशाना

Kavita2
27 Sept 2026 9:38 AM IST
निर्वाचन आयोग पर फिर भड़के अभिजीत दीपके, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर साधा निशाना
x

नई दिल्ली : चुनाव आयोग में कथित तौर पर मनमाने ढंग से फैसले लेने के मुद्दे को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सवाल उठाते रहे कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने शनिवार को एक बार फिर निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा। उन्होंने सोशल मीडिया पर केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन से जुड़ी एक खबर साझा करते हुए चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर सवाल उठाया। इससे पहले की एक पोस्ट में भी उन्होंने ज्ञानेश कुमार को लेकर तीखी टिप्पणी की थी।

अभिजीत दीपके ने शनिवार को सोशल मीडिया पर जिजी थॉमसन से जुड़ी खबर को शेयर किया। इसके साथ उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाने पर लेते हुए लिखा, ‘ये करवाएंगे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव’। उनकी यह टिप्पणी निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर उनकी आलोचना का हिस्सा है।

दीपके इससे पहले भी मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर चुके हैं। पिछली पोस्ट में उन्होंने इसी मुद्दे को उठाते हुए लिखा था कि ‘ज्ञानू को जाना ही होगा।’ अब शनिवार को एक और पोस्ट सामने आने के बाद साफ है कि वह निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े मुद्दे पर लगातार अपनी आपत्तियां सोशल मीडिया के जरिए जाहिर कर रहे हैं।

इस बार उन्होंने अपनी टिप्पणी के साथ केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन से संबंधित खबर को आधार बनाया है। हालांकि साझा की गई खबर में क्या पूरा विवरण था और उसे लेकर दीपके की आपत्ति किन तथ्यों पर आधारित थी, उपलब्ध जानकारी में इसका विस्तृत उल्लेख नहीं है। ऐसे में उनकी पोस्ट को उनकी ओर से निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए गए सवाल के रूप में देखा जा रहा है।

मुख्य चुनाव आयुक्त देश में चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी महत्वपूर्ण संवैधानिक जिम्मेदारी संभालते हैं। निर्वाचन आयोग का दायित्व चुनावों के संचालन और उससे संबंधित व्यवस्थाओं को संभालना है। ऐसे में आयोग के फैसलों और उसकी कार्यप्रणाली को लेकर राजनीतिक तथा सार्वजनिक स्तर पर होने वाली टिप्पणियां चर्चा का विषय बनती रही हैं।

अभिजीत दीपके की आपत्ति मुख्य रूप से चुनाव आयोग में कथित तौर पर मनमाने तरीके से फैसले लेने के आरोप से जुड़ी बताई जा रही है। उन्होंने इसी मुद्दे को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट की हैं। शनिवार की पोस्ट में भी उन्होंने निष्पक्ष चुनाव के सवाल को उठाते हुए आयोग पर तंज किया।

दीपके ने अपनी पोस्ट में ‘स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव’ का उल्लेख करते हुए निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाया। हालांकि यह उनकी व्यक्तिगत और राजनीतिक टिप्पणी है। निर्वाचन आयोग या मुख्य चुनाव आयुक्त की ओर से इस विशेष सोशल मीडिया पोस्ट पर किसी प्रतिक्रिया की जानकारी उपलब्ध सामग्री में नहीं दी गई है।

सोशल मीडिया अब राजनीतिक और सार्वजनिक मुद्दों पर प्रतिक्रिया देने का बड़ा माध्यम बन चुका है। विभिन्न संगठनों और राजनीतिक दलों से जुड़े लोग इसके जरिए संवैधानिक संस्थाओं के फैसलों पर भी अपनी राय रखते हैं। अभिजीत दीपके ने भी निर्वाचन आयोग को लेकर अपनी आपत्ति सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए जाहिर की है।

उनकी पिछली पोस्ट भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर थी। उसमें उन्होंने ‘ज्ञानू को जाना ही होगा’ लिखा था। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाए जाने की मांग का संकेत दिया था। शनिवार की नई पोस्ट में उन्होंने केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन से जुड़ी खबर को साझा करते हुए एक बार फिर निष्पक्ष चुनाव का मुद्दा उठाया।

दोनों पोस्ट को देखें तो दीपके की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त और निर्वाचन आयोग को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि उनके आरोपों और टिप्पणियों को निर्वाचन आयोग का स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता। ये दीपके की ओर से व्यक्त किए गए आरोप और राजनीतिक प्रतिक्रिया हैं।

चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और उसके फैसलों को लेकर उठने वाले सवाल राजनीतिक बहस का विषय हो सकते हैं। किसी भी आरोप का आकलन संबंधित तथ्यों, आयोग के आदेशों और संबंधित पक्षों के जवाब के आधार पर किया जाता है। उपलब्ध जानकारी में दीपके के आरोपों पर निर्वाचन आयोग की प्रतिक्रिया का उल्लेख नहीं है।

केरल के पूर्व मुख्य सचिव जिजी थॉमसन से जुड़ी खबर को शेयर करने के बाद दीपके की टिप्पणी ने एक बार फिर उनके और निर्वाचन आयोग के बीच चल रही आलोचनात्मक बयानबाजी को चर्चा में ला दिया है। उन्होंने पोस्ट के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाया है।

इस पूरे घटनाक्रम में फिलहाल सोशल मीडिया पोस्ट ही प्रमुख आधार है। अभिजीत दीपके ने अपने शब्दों में आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाया है, जबकि मुख्य चुनाव आयुक्त या निर्वाचन आयोग की ओर से इस पोस्ट को लेकर जवाब उपलब्ध नहीं है। ऐसे में मामले में दोनों पक्षों का पूरा दृष्टिकोण सामने आने के बाद ही आरोपों पर व्यापक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

शनिवार की पोस्ट के बाद इतना स्पष्ट है कि कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी आलोचना जारी रखे हुए हैं। पहले मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर ‘ज्ञानू को जाना ही होगा’ लिखने के बाद अब उन्होंने ‘ये करवाएंगे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव’ लिखकर आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाया है।

Next Story