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नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्र सरकार की E20 ईंधन नीति के विरोध में मंगलवार को राजधानी दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन किया। पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में AAP नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकारी आवास की ओर मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने E20 ईंधन को लेकर केंद्र सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए इसे आम जनता के हितों के खिलाफ बताया।
मार्च में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। अरविंद केजरीवाल के साथ वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, राज्यसभा सांसद संजय सिंह, पूर्व मंत्री सौरभ भारद्वाज सहित कई अन्य नेता भी मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और E20 ईंधन नीति को वापस लेने की मांग की।
#WATCH | Delhi: AAP MP Sanjay Singh participates in the march led by AAP National Convenor Arvind Kejriwal to the PM's residence against E20 fuel. pic.twitter.com/2gy7C8L4cl
— ANI (@ANI) August 4, 2026
रिपोर्ट के अनुसार, प्रदर्शनकारी जुलूस फिरोज शाह रोड तक पहुंचा, जहां पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात था। पुलिस ने प्रधानमंत्री आवास की ओर जाने वाले मार्ग पर कई स्तर के बैरिकेड्स लगाए थे ताकि प्रदर्शनकारी आगे न बढ़ सकें। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए इलाके में अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की गई थी।
पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को निर्धारित सीमा से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी। इसके चलते कुछ समय तक प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हल्की नोकझोंक की स्थिति भी बनी, हालांकि हालात नियंत्रण में रहे और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
आम आदमी पार्टी का कहना है कि E20 ईंधन नीति लागू करने से आम वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। पार्टी नेताओं का आरोप है कि देश में बड़ी संख्या में ऐसे वाहन हैं जो E20 ईंधन के अनुरूप नहीं हैं। ऐसे में लोगों को या तो अपने वाहनों में बदलाव कराना पड़ेगा या नए वाहन खरीदने की मजबूरी होगी, जिससे आम नागरिकों पर आर्थिक दबाव बढ़ेगा।
प्रदर्शन के दौरान अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार से इस नीति पर पुनर्विचार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि किसी भी नई नीति को लागू करने से पहले आम जनता, विशेषज्ञों और वाहन उद्योग से व्यापक चर्चा की जानी चाहिए। उनके अनुसार, यदि नीति का असर करोड़ों लोगों पर पड़ने वाला है तो सरकार को सभी पक्षों की राय लेकर ही आगे बढ़ना चाहिए।
AAP नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने पर्याप्त जनजागरूकता अभियान चलाए बिना इस नीति को आगे बढ़ाया है। उनका कहना है कि देश के अधिकांश वाहन मालिक अभी भी E20 ईंधन की तकनीकी जानकारी और उसके प्रभाव से पूरी तरह परिचित नहीं हैं।
दूसरी ओर, केंद्र सरकार पहले भी स्पष्ट कर चुकी है कि E20 ईंधन कार्यक्रम का उद्देश्य पेट्रोल में 20 प्रतिशत तक एथेनॉल मिश्रण को बढ़ावा देना है। सरकार का मानना है कि इससे पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम होगी, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को एथेनॉल उत्पादन के माध्यम से अतिरिक्त आय के अवसर मिलेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि एथेनॉल मिश्रित ईंधन से कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, पुराने वाहनों की तकनीकी अनुकूलता और उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले संभावित खर्च को लेकर समय-समय पर सवाल भी उठते रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन को देखते हुए पहले से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। प्रधानमंत्री आवास के आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए थे। यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए कई मार्गों पर डायवर्जन भी लागू किए गए।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि AAP का यह प्रदर्शन केवल ईंधन नीति तक सीमित नहीं है, बल्कि आगामी राजनीतिक रणनीति का भी हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी इस मुद्दे के माध्यम से आम उपभोक्ताओं और मध्यम वर्ग की चिंताओं को प्रमुखता से उठाने का प्रयास कर रही है।
फिलहाल प्रदर्शन के दौरान स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही। पुलिस लगातार प्रदर्शनकारियों पर नजर रखे हुए थी और उन्हें निर्धारित क्षेत्र में ही रोकने का प्रयास करती रही। समाचार लिखे जाने तक प्रदर्शन जारी था और पार्टी नेता केंद्र सरकार से E20 नीति पर पुनर्विचार करने की मांग दोहरा रहे थे।
अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि केंद्र सरकार इस विरोध पर क्या प्रतिक्रिया देती है और E20 ईंधन नीति को लेकर आगे कोई स्पष्टीकरण या बदलाव सामने आता है या नहीं। फिलहाल इस मुद्दे ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है और आने वाले दिनों में इस पर चर्चा और बढ़ने की संभावना है।





