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जंतर-मंतर पर AAP का प्रदर्शन, सौरभ भारद्वाज समेत कई नेता हिरासत में

Kavita2
2 Oct 2026 2:33 PM IST
जंतर-मंतर पर AAP का प्रदर्शन, सौरभ भारद्वाज समेत कई नेता हिरासत में
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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और अन्य संगठनों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। दिल्ली प्रदेश AAP अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज भी हिरासत में लिए गए नेताओं में शामिल रहे। प्रदर्शन को लेकर नई दिल्ली जिले में निषेधाज्ञा लागू थी और पुलिस ने जंतर-मंतर तथा आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर रखी थी।

यह प्रदर्शन मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर विपक्षी दलों और छात्र संगठनों की ओर से आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई। AAP ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया में बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं और इस मुद्दे पर जवाबदेही तय होनी चाहिए।

पुलिस ने प्रदर्शन से पहले ही नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी थी। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंचने लगे। पुलिस ने मौके पर बैरिकेडिंग की थी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ी संख्या में जवानों को तैनात किया गया था। प्रदर्शन के चलते आसपास के क्षेत्रों में यातायात और सार्वजनिक आवाजाही को भी नियंत्रित किया गया।

सौरभ भारद्वाज ने हिरासत में लिए जाने से पहले कहा कि पार्टी ने प्रदर्शन के लिए अनुमति मांगी थी और वह शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहती थी। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शनकारियों का उद्देश्य लोकतांत्रिक तरीके से अपनी चिंताओं को सामने रखना है। उनके मुताबिक जंतर-मंतर जैसे निर्धारित प्रदर्शन स्थल पर अपनी बात रखने से रोकना उचित नहीं है।

भारद्वाज ने अपने सोशल मीडिया संदेश में भी कहा कि उन्हें और AAP विधायक संजीव झा को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद हिरासत में लिया गया। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से प्रदर्शन में पहुंचने की अपील की और कहा कि आंदोलन जारी रहेगा।

प्रदर्शन के दौरान AAP की वरिष्ठ नेता आतिशी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह समेत कई नेताओं को भी हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार जंतर-मंतर और उसके आसपास से करीब 500 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया। इनमें AAP नेताओं के अलावा AISA, SFI और अन्य छात्र संगठनों से जुड़े लोग भी शामिल थे।

संजय सिंह को प्रदर्शन स्थल तक पहुंचने से पहले नॉर्थ एवेन्यू इलाके में रोके जाने की भी जानकारी सामने आई। वहीं पुलिस ने जंतर-मंतर की ओर जाने वाले कई रास्तों पर बैरिकेडिंग कर रखी थी। सुरक्षा एजेंसियों का उद्देश्य प्रतिबंधित क्षेत्र में बड़ी भीड़ को एकत्र होने से रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना था।

प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार भी अस्थायी रूप से बंद किए गए। रिपोर्टों के अनुसार 11 से अधिक मेट्रो स्टेशनों पर प्रवेश-निकास प्रभावित रहा, जबकि इंटरचेंज की सुविधा कुछ स्टेशनों पर जारी रही। पुलिस ने लोगों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने की सलाह दी।

भारद्वाज ने हिरासत के दौरान पुलिस पर प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि विरोध स्थल पर महिला प्रदर्शनकारियों के साथ पुरुष पुलिसकर्मियों ने बदसलूकी की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस कार्रवाई के दौरान उन्हें चोट पहुंची और उनके साथ मारपीट की गई। ये आरोप AAP नेता की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध रिपोर्टों में नहीं हुई है।

AAP नेता ने आरोप लगाया कि पुलिस सरकार के निर्देशों पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारियों को जिस तरह रोका गया, उससे उन्हें ऐसा प्रतीत होता है कि शांतिपूर्ण विरोध को दबाने की कोशिश की जा रही है। पुलिस की ओर से फिलहाल इन व्यक्तिगत आरोपों पर विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन पर कार्रवाई निषेधाज्ञा और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए की गई। अधिकारियों के मुताबिक अनुमति नहीं होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन स्थल पर पहुंच रहे थे, इसलिए उन्हें हिरासत में लिया गया। पुलिस ने यह भी सुनिश्चित करने की कोशिश की कि जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में स्थिति नियंत्रण से बाहर न हो।

प्रदर्शन का मुद्दा मतदाता सूची के SIR को लेकर विपक्ष की आपत्तियों से जुड़ा है। AAP समेत प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुनरीक्षण प्रक्रिया के कारण पात्र मतदाताओं के नाम हटने का खतरा है। चुनाव आयोग ने दूसरी ओर कहा है कि मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया कानून और निर्धारित नियमों के तहत की जा रही है। SIR को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद और सार्वजनिक बहस जारी है।

प्रदर्शन में राजनीतिक दलों के साथ छात्र संगठनों की भागीदारी भी रही। AISA, SFI और NSUI से जुड़े लोगों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की पारदर्शिता और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को लेकर नारेबाजी की तथा मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई।

दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के बाद जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ी रही। कई जगहों पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई। बैरिकेडिंग के कारण प्रदर्शनकारियों को अलग-अलग स्थानों पर रोका गया। कुछ लोगों को बसों में ले जाकर हिरासत में रखा गया।

इस पूरे घटनाक्रम ने दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के अधिकार, कानून-व्यवस्था और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को एक साथ सामने ला दिया है। AAP और अन्य प्रदर्शनकारी संगठनों का कहना है कि वे मतदाता सूची से जुड़े अपने सवाल उठाते रहेंगे, जबकि पुलिस प्रशासन ने प्रतिबंधात्मक आदेशों का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित किया।

फिलहाल हिरासत में लिए गए नेताओं और प्रदर्शनकारियों के संबंध में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। सौरभ भारद्वाज ने समर्थकों से आंदोलन जारी रखने की अपील की है। दूसरी ओर पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगाए गए प्रतिबंधों के तहत कार्रवाई की है। जंतर-मंतर पर शुक्रवार का प्रदर्शन SIR और चुनाव आयोग को लेकर जारी राजनीतिक विवाद का एक प्रमुख घटनाक्रम बन गया है।

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