दिल्ली-एनसीआर

एक फोन कॉल ने बचाई जान परिवार हुआ लापता

Kavita2
31 Aug 2026 9:20 AM IST
एक फोन कॉल ने बचाई जान परिवार हुआ लापता
x

नई दिल्ली। नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई भीषण जलप्रलय ने कई परिवारों को तबाह कर दिया है। अचानक आई बाढ़ और तबाही के बाद कई लोग अपनों से बिछड़ गए हैं, जबकि हजारों लोग अब भी अपने लापता परिजनों की तलाश में जुटे हुए हैं। इस आपदा में कई भारतीय नागरिक भी प्रभावित हुए हैं। अपर त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले कई भारतीय कर्मचारी भी इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आए हैं।

इसी त्रासदी के बीच ओडिशा के रहने वाले इंजीनियर जय कृष्णा की कहानी सामने आई है। एक फोन कॉल ने उनकी जान तो बचा ली, लेकिन उनका परिवार अब भी लापता है। जय कृष्णा अपर त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। आपदा आने से कुछ देर पहले आए एक फोन ने उन्हें घर से बाहर निकलकर टनल की ओर जाने के लिए कहा और यही फैसला उनकी जिंदगी बचाने वाला साबित हुआ।

जानकारी के अनुसार, जय कृष्णा को अचानक एक कॉल आया, जिसमें उन्हें तुरंत टनल की ओर पहुंचने के लिए कहा गया। उन्होंने बिना देर किए घर छोड़ा और प्रोजेक्ट की टनल की तरफ चले गए। उस समय उन्हें अंदाजा नहीं था कि कुछ ही देर बाद भोटेकोशी नदी में भयंकर जलप्रलय आने वाली है।

जय कृष्णा जिस घर में रहते थे, वह भोटेकोशी नदी के बिल्कुल किनारे बना हुआ था। वह घर उन्हें हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की ओर से रहने के लिए दिया गया था। जब वह टनल की ओर गए, उस समय उनकी पत्नी और उनकी दो साल की बेटी घर पर ही मौजूद थीं। अचानक आई बाढ़ ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया और इसके बाद से उनकी पत्नी और बेटी का कोई पता नहीं चल पाया है।

जय कृष्णा के लिए यह स्थिति बेहद दर्दनाक है। एक तरफ वह खुद मौत के मुंह से बचकर बाहर आए, वहीं दूसरी तरफ अपने परिवार की तलाश में बेचैन हैं। उन्हें हर पल अपनी पत्नी और मासूम बेटी के सुरक्षित मिलने की उम्मीद है। राहत और बचाव टीमें लगातार प्रभावित क्षेत्रों में खोज अभियान चला रही हैं।

नेपाल में आई इस प्राकृतिक आपदा ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। भोटेकोशी नदी के उफान के कारण आसपास के इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। कई घर बह गए हैं और बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। कई परिवारों के सदस्य लापता हैं और लोग राहत शिविरों में अपने अपनों का इंतजार कर रहे हैं।

अपर त्रिशूली हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट में काम करने वाले कई भारतीय कर्मचारियों के फंसे होने की जानकारी सामने आई थी। प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार बचाव अभियान चला रही हैं। मुश्किल भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद टीमें प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने और लोगों को सुरक्षित निकालने का प्रयास कर रही हैं।

जय कृष्णा की घटना यह बताती है कि आपदा के समय कुछ मिनटों का फैसला भी जिंदगी और मौत के बीच अंतर पैदा कर सकता है। अगर उस समय उन्हें फोन नहीं आया होता और वह टनल की ओर नहीं गए होते तो शायद उनकी जान भी खतरे में पड़ सकती थी। लेकिन इस बचाव के साथ उनके सामने परिवार के लापता होने का बड़ा दुख खड़ा हो गया है।

ओडिशा में जय कृष्णा के परिवार और परिचित भी उनकी पत्नी और बेटी के सुरक्षित मिलने की प्रार्थना कर रहे हैं। परिजनों को उम्मीद है कि राहत अभियान के दौरान दोनों का पता चल जाएगा। वहीं जय कृष्णा भी लगातार बचाव दलों से संपर्क में हैं और अपने परिवार की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे हैं।

नेपाल में आई जलप्रलय ने एक बार फिर प्राकृतिक आपदाओं की भयावहता को सामने ला दिया है। अचानक आने वाली बाढ़ और भूस्खलन जैसी घटनाएं लोगों की जिंदगी पर गहरा असर डालती हैं। ऐसे समय में राहत और बचाव कार्यों की गति और प्रभावित लोगों तक समय पर मदद पहुंचाना बेहद जरूरी हो जाता है।

फिलहाल भोटेकोशी नदी क्षेत्र में राहत और बचाव अभियान जारी है। कई लोग अभी भी लापता हैं और उनके परिवार उनकी वापसी की उम्मीद लगाए बैठे हैं। जय कृष्णा की तरह कई अन्य लोग भी इस आपदा में अपने परिजनों की तलाश कर रहे हैं।

Next Story