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अग्निपथ योजना में बड़ा बदलाव, कैबिनेट की मंजूरी

Kavita2
4 Nov 2026 5:47 PM IST
अग्निपथ योजना में बड़ा बदलाव, कैबिनेट की मंजूरी
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नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती होने वाले अग्निवीरों के भविष्य को लेकर बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार, 4 नवंबर 2026 को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस फैसले के तहत चार साल का शुरुआती कार्यकाल पूरा करने वाले शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल और सशस्त्र बलों में सेवा करने का अवसर मिलेगा। इसके बाद पात्रता और निर्धारित चयन मानदंडों के आधार पर उन्हें नियमित सैनिक के रूप में शामिल होने का मौका भी मिल सकेगा।

केंद्र सरकार के इस फैसले को अग्निपथ योजना में महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। इससे उन हजारों युवाओं को राहत मिलने की उम्मीद है, जो चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद अपने भविष्य और रोजगार को लेकर चिंतित थे। सरकार ने अब उन्हें अतिरिक्त दो वर्षों तक सैन्य सेवाओं में योगदान देने और नियमित सेवा के लिए अपनी योग्यता साबित करने का नया अवसर उपलब्ध कराया है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले चार साल की सेवा के बाद नियमित बल में चयनित नहीं होने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को अतिरिक्त दो साल के कार्यकाल का विकल्प दिया जाएगा। इस अवधि के बाद इच्छुक अग्निवीर निर्धारित शर्तों और चयन प्रक्रिया के आधार पर नियमित सैन्य सेवा में शामिल होने का अवसर प्राप्त कर सकेंगे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस फैसले के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने अतिरिक्त दो वर्षों की सेवा अवधि को अग्निवीरों के लिए दूसरा सेवा अवसर बताया। रक्षा क्षेत्र से जुड़े इस निर्णय को युवाओं के सैन्य अनुभव और भविष्य की संभावनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

चार साल के बाद मिलेगा दो साल का अतिरिक्त अवसर

अग्निपथ योजना की शुरुआत 14 जून 2022 को की गई थी। इसके तहत भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना में युवाओं को चार साल के लिए अग्निवीर के रूप में भर्ती करने की व्यवस्था लागू की गई थी। मूल योजना के अनुसार, चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर एक बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को प्रदर्शन और निर्धारित मानदंडों के आधार पर नियमित सैन्य सेवा में शामिल किया जा सकता था।

शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को चार साल बाद सेवा से बाहर होना पड़ता था। उन्हें निर्धारित सेवा निधि पैकेज के साथ नागरिक जीवन में लौटने का प्रावधान था। इस व्यवस्था को लेकर समय-समय पर रोजगार सुरक्षा, भविष्य की अनिश्चितता और सैन्य प्रशिक्षण में किए गए निवेश जैसे मुद्दे उठाए जाते रहे हैं।

अब सरकार के ताजा निर्णय से इन 75 प्रतिशत अग्निवीरों को तत्काल सेवा से बाहर होने के बजाय दो साल और सैन्य सेवाओं में बने रहने का विकल्प मिलेगा। इससे उनका कुल कार्यकाल छह साल तक पहुंच सकता है।

नियमित सैनिक बनने का भी मिलेगा मौका

सरकार के फैसले का महत्वपूर्ण पहलू नियमित सैन्य सेवा में प्रवेश का अतिरिक्त अवसर है। चार साल के बाद जिन अग्निवीरों को नियमित नियुक्ति नहीं मिलती, वे अतिरिक्त दो वर्षों तक सेवा कर सकेंगे। इसके बाद इच्छुक अग्निवीर निर्धारित चयन मानदंडों के अनुसार नियमित बल में शामिल होने के लिए पात्र होंगे।

हालांकि, इसका अर्थ यह नहीं है कि सभी अग्निवीरों को स्वतः स्थायी नियुक्ति मिल जाएगी। नियमित सेवा में चयन संबंधित सशस्त्र बलों की आवश्यकताओं, योग्यता, प्रदर्शन और अन्य वस्तुनिष्ठ मानदंडों के आधार पर होगा।

इस व्यवस्था से अग्निवीरों को अपने सैन्य कौशल, अनुशासन और कार्यक्षमता को बेहतर बनाने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। दो वर्षों का अतिरिक्त अनुभव नियमित सेवा के लिए चयन प्रक्रिया में भी उपयोगी साबित हो सकता है।

पहले बैच के अग्निवीरों को मिलेगी राहत

अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए शुरुआती बैचों के अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल 2026 में पूरा होना शुरू हो रहा है। ऐसे में सरकार का यह फैसला महत्वपूर्ण समय पर आया है।

पहले की व्यवस्था में बड़ी संख्या में अग्निवीरों को शुरुआती कार्यकाल के बाद सैन्य सेवा छोड़नी पड़ती। अब उन्हें अतिरिक्त दो साल तक सेवा जारी रखने का विकल्प मिलने से भविष्य की योजना बनाने के लिए अधिक समय मिलेगा।

रिपोर्टों के अनुसार, पहले बैच के लगभग 18 हजार अग्निवीर दिसंबर 2026 के आसपास अपना शुरुआती कार्यकाल पूरा करने वाले थे। ऐसे में नई व्यवस्था का प्रभाव सबसे पहले इन युवाओं पर पड़ सकता है। हालांकि, अलग-अलग बैचों के लिए विस्तृत कार्यान्वयन प्रक्रिया संबंधित रक्षा सेवाओं के निर्देशों से स्पष्ट होगी।

दो साल की अतिरिक्त सेवा में बेहतर वेतन की व्यवस्था

सीडीएस ने जानकारी दी है कि अतिरिक्त दो वर्षों की सेवा अवधि के दौरान अग्निवीरों को बेहतर वेतन पैकेज उपलब्ध कराया जाएगा। इससे उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

हालांकि, अतिरिक्त कार्यकाल के दौरान वेतन की सटीक राशि, भत्तों और सेवा निधि से संबंधित विस्तृत शर्तों की जानकारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों से स्पष्ट होगी।

सरकार के इस कदम से अग्निवीरों को केवल सेवा विस्तार ही नहीं, बल्कि अतिरिक्त आय और सैन्य अनुभव का भी लाभ मिल सकेगा। विशेष रूप से उन युवाओं के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण है, जो सैन्य सेवा को दीर्घकालिक करियर के रूप में अपनाना चाहते हैं।

सैन्य अनुभव और प्रशिक्षण का मिलेगा लाभ

अग्निवीरों को शुरुआती चार वर्षों में सैन्य प्रशिक्षण, अनुशासन, तकनीकी कौशल और विभिन्न परिचालन परिस्थितियों का अनुभव प्राप्त होता है। अतिरिक्त दो वर्ष मिलने से इन क्षमताओं को और विकसित करने का अवसर मिलेगा।

रक्षा सेवाओं के लिए भी प्रशिक्षित युवाओं की उपलब्धता महत्वपूर्ण मानी जाती है। पहले से प्रशिक्षित अग्निवीरों के अनुभव का अतिरिक्त अवधि तक उपयोग किया जा सकेगा।

इसके साथ ही नियमित सैन्य सेवा के इच्छुक युवाओं को अपनी योग्यता और प्रदर्शन में सुधार के लिए अधिक समय मिल सकेगा।

अग्निपथ योजना में बड़ा बदलाव

अग्निपथ योजना लागू होने के बाद से ही चार वर्ष की सेवा अवधि और सीमित नियमित नियुक्तियों को लेकर व्यापक चर्चा होती रही है। कुछ युवाओं और संगठनों ने सेवा अवधि बढ़ाने की मांग भी उठाई थी।

अब केंद्रीय मंत्रिमंडल के फैसले से योजना के स्वरूप में महत्वपूर्ण परिवर्तन हुआ है। मूल चार वर्ष की व्यवस्था के साथ अतिरिक्त दो साल के कार्यकाल का विकल्प जुड़ने से अग्निवीरों के सामने नई संभावनाएं खुलेंगी।

हालांकि, अंतिम रूप से कितने अग्निवीर नियमित सेवा में शामिल हो सकेंगे, यह निर्धारित चयन प्रक्रिया और रक्षा सेवाओं की आवश्यकताओं पर निर्भर करेगा।

फिलहाल सरकार का यह फैसला अग्निवीरों के लिए बड़ी राहत के रूप में सामने आया है। चार साल की सेवा के बाद तुरंत बाहर होने की स्थिति से राहत मिलने के साथ उन्हें दो वर्षों का अतिरिक्त सैन्य अनुभव प्राप्त होगा। यह बदलाव युवाओं को अपने भविष्य की तैयारी के लिए अधिक समय देने के साथ सशस्त्र बलों में नियमित नियुक्ति का एक और अवसर भी उपलब्ध कराएगा।

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