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94वां वायुसेना दिवस आज, हिंडन एयरबेस पर भव्य परेड का आयोजन

nidhi
8 Oct 2026 8:27 AM IST
94वां वायुसेना दिवस आज, हिंडन एयरबेस पर भव्य परेड का आयोजन
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भारतीय वायुसेना के 94 साल पूरे
नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना आज गुरुवार, 8 अक्टूबर 2026 को अपना 94वां स्थापना दिवस मना रही है। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद स्थित हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर भव्य परेड और सैन्य उपकरणों के प्रदर्शन का आयोजन किया गया है। इस वर्ष वायुसेना दिवस की थीम 'अचूक, अभेद्य और सटीक' रखी गई है। समारोह में आधुनिक लड़ाकू विमानों, मिसाइल प्रणालियों और स्वदेशी रक्षा तकनीक के जरिए भारतीय वायुसेना की क्षमताओं को प्रदर्शित किया जाएगा।
भारतीय वायुसेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी। शुरुआत में यह ब्रिटिश शासन के अधीन एक छोटी सैन्य इकाई थी, लेकिन समय के साथ इसका विस्तार हुआ। आजादी के बाद भारतीय वायुसेना ने देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्तमान में यह भारतीय सशस्त्र बलों के तीन प्रमुख अंगों में से एक है। इस वर्ष मुख्य समारोह हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर आयोजित किया जा रहा है। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह परेड की सलामी लेंगे। समारोह की तैयारियों के तहत 6 अक्टूबर को फुल ड्रेस रिहर्सल की गई थी। इसमें वायुसेना के अधिकारियों और जवानों ने भाग लिया।
वायुसेना दिवस पर राफेल, सुखोई-30 एमकेआई और तेजस जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों की क्षमताओं को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली भी प्रदर्शनी का हिस्सा है। इस बार हिंडन एयरबेस पर आयोजित प्रदर्शनी में ब्रह्मोस मिसाइल को पहली बार शामिल किया गया है। वायुसेना के इस आयोजन का उद्देश्य देशवासियों को भारतीय सेना की हवाई सुरक्षा क्षमताओं और आधुनिक रक्षा तकनीक से परिचित कराना है। इसके साथ ही जवानों के साहस, समर्पण और राष्ट्रसेवा को सम्मान देना भी समारोह का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
इस वर्ष वायुसेना दिवस का आकर्षण वाराणसी में प्रस्तावित विशेष एयर शो भी होगा। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में गंगा नदी के ऊपर लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों का हवाई प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। नमो घाट के आसपास होने वाले इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की उम्मीद है। यह आयोजन अक्टूबर के अंतिम सप्ताह के लिए निर्धारित किया गया है। भारतीय वायुसेना ने देश के विभिन्न सैन्य अभियानों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। युद्ध के समय दुश्मन के ठिकानों को निशाना बनाने से लेकर सीमाओं की निगरानी और सैनिकों तक जरूरी सामग्री पहुंचाने तक वायुसेना की भूमिका अहम रही है। इसके अलावा प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी वायुसेना राहत और बचाव कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाती रही है। बाढ़, भूकंप और अन्य आपदाओं में हेलीकॉप्टरों तथा परिवहन विमानों की मदद से प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जाता है।
वायुसेना के सामने आधुनिक तकनीक अपनाने और लड़ाकू विमानों की संख्या बढ़ाने जैसी चुनौतियां भी हैं। वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने हाल ही में लड़ाकू स्क्वाड्रनों की घटती संख्या पर चिंता जताई थी। उन्होंने नए विमानों को समय पर शामिल करने की आवश्यकता बताई है। भारतीय वायुसेना का आदर्श वाक्य 'नभः स्पृशं दीप्तम्' है, जिसका अर्थ है 'गौरव के साथ आकाश को छुओ'। स्थापना दिवस देश की हवाई सीमाओं की रक्षा करने वाले जवानों के साहस और बलिदान को याद करने का अवसर है।
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