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8 दिन के मासूम का ढाई लाख में सौदा पड़ोसी की कॉल से खुला राज

nidhi
12 Sept 2026 10:39 AM IST
8 दिन के मासूम का ढाई लाख में सौदा पड़ोसी की कॉल से खुला राज
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8 दिन के बच्चे का हुआ सौदा
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में महज आठ दिन के नवजात बच्चे को कथित तौर पर 2.5 लाख रुपये में बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना का खुलासा उस समय हुआ जब एक पड़ोसी को बच्चे के अचानक गायब होने पर शक हुआ और उसने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। मामले की जांच के बाद पुलिस ने बच्चे के पिता और उसे खरीदने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया। नवजात को सुरक्षित बरामद कर लिया गया है। मामला सामने आने के बाद पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बच्चे को बेचने का सौदा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें किसी बिचौलिए या संगठित नेटवर्क की भूमिका तो नहीं थी। बच्चे की मां की भूमिका और पूरे घटनाक्रम की भी जांच की जा रही है।
पड़ोसी को हुआ शक तो खुला मामला
जानकारी के मुताबिक परिवार में कुछ दिन पहले बच्चे का जन्म हुआ था। आसपास के लोगों को भी नवजात के बारे में जानकारी थी। अचानक बच्चा घर में दिखाई देना बंद हो गया। परिवार की ओर से कथित तौर पर संतोषजनक जानकारी नहीं मिलने पर पड़ोसी को संदेह हुआ। इसके बाद पड़ोसी ने पुलिस को फोन कर मामले की सूचना दी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने परिवार से पूछताछ शुरू की। जांच आगे बढ़ने पर बच्चे को दूसरे व्यक्ति को दिए जाने की बात सामने आई।
2.5 लाख रुपये में सौदा करने का आरोप
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आठ दिन के बच्चे का कथित तौर पर ढाई लाख रुपये में सौदा किया गया था। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि रकम किस माध्यम से दी गई और सौदा सीधे पिता तथा खरीदार के बीच हुआ या किसी तीसरे व्यक्ति ने दोनों पक्षों को मिलवाया था। आर्थिक लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है। अगर बैंक खाते या डिजिटल भुगतान के जरिए कोई रकम भेजी गई है तो उससे संबंधित रिकॉर्ड जांच में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
पिता और खरीदार गिरफ्तार
मामले में पर्याप्त प्रारंभिक साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने नवजात के पिता और कथित खरीदार को गिरफ्तार कर लिया। दोनों से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह जानने की कोशिश कर रही हैं कि खरीदार ने बच्चे को किस उद्देश्य से लिया था और क्या इससे पहले भी वह इस तरह के किसी सौदे में शामिल रहा है। पुलिस यह भी जांच रही है कि आरोपियों का किसी ऐसे गिरोह से संपर्क तो नहीं है जो अवैध तरीके से नवजात बच्चों की खरीद-फरोख्त या गैरकानूनी गोद लेने की प्रक्रिया में शामिल हो।
सुरक्षित मिला आठ दिन का बच्चा
सबसे बड़ी राहत यह रही कि पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया। नवजात की स्वास्थ्य जांच कराए जाने और बाल कल्याण से संबंधित निर्धारित कानूनी प्रक्रिया अपनाए जाने की उम्मीद है। बच्चे की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए संबंधित एजेंसियों को भी मामले की जानकारी दी जा सकती है। भारत में बच्चे को सीधे पैसे लेकर किसी दूसरे व्यक्ति को सौंपना कानूनी गोद लेने की प्रक्रिया नहीं है। गोद लेने के लिए निर्धारित वैधानिक प्रक्रिया का पालन करना जरूरी होता है। नवजात की खरीद-बिक्री के मामलों में गंभीर आपराधिक धाराएं लग सकती हैं।
नेटवर्क की तलाश में जांच
अब पुलिस की जांच का फोकस इस बात पर है कि यह मामला केवल दो पक्षों के बीच हुआ सौदा था या इसके पीछे बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड और संपर्कों की जांच से अन्य लोगों की भूमिका सामने आ सकती है। पड़ोसी की सतर्कता के कारण आठ दिन के मासूम को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। मामले की पूरी सच्चाई जांच और आरोपियों से पूछताछ के बाद सामने आएगी।
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