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5G मामला: जूही चावला पर लगा बीस लाख रुपये का जुर्माना, 2 लाख कर सकता है दिल्ली हाईकोर्ट

Kunti Dhruw
25 Jan 2022 11:14 AM GMT
5G मामला: जूही चावला पर लगा बीस लाख रुपये का जुर्माना, 2 लाख कर सकता है दिल्ली हाईकोर्ट
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दिल्ली उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच ने बॉलीवुड अभिनेत्री जूही चावला की 5जी को लांच करने से रोकने की मांग खारिज करते समय सिंगल बेंच के 20 लाख रुपये के जुर्माने की रकम को कम कर दो लाख करने का प्रस्ताव दिया है.

नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच ने बॉलीवुड अभिनेत्री जूही चावला की 5जी को लांच करने से रोकने की मांग खारिज करते समय सिंगल बेंच के 20 लाख रुपये के जुर्माने की रकम को कम कर दो लाख करने का प्रस्ताव दिया है. जस्टिस विपिन सांघी की अध्यक्षता वाली बेंच ने इसके लिए जूही चावला पर एक शर्त लगाई कि उन्हें दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के लिए कुछ सामाजिक कार्य करना होगा. मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी को होगी.

कोर्ट ने जूही चावला के वकील सलमान खुर्शीद से कहा कि वो सिंगल बेंच की ओर से लगाए गए जुर्माने की रकम को पूरे तरीके से खत्म नहीं करेंगे. कोर्ट इसे दो लाख कर सकती है. चूंकि याचिकाकर्ता एक सेलिब्रिटी हैं, इसलिए उन्हें कुछ सामाजिक कार्य करना होगा. कोर्ट ने कहा कि जब भी दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकार को जरुरत होगी वो जूही चावला से संपर्क कर सकते हैं. इस पर सलमान खुर्शीद ने जूही चावला से पूछकर कहा कि वे इस कार्य के लिए तैयार हैं. सलमान खुर्शीद ने कहा कि चूंकि याचिका खारिज हुई है इसलिए कोर्ट फीस के रुप में लगी रकम को दिल्ली विधिक सेवा प्राधिकरण को दे दी जाए, तब कोर्ट ने दिल्ली सेवा विधिक प्राधिकरण के सचिव कंवलजीत अरोड़ा को नोटिस जारी कर उनका पक्ष जानना चाहा.
23 दिसंबर 2021 को सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा था कि सिंगल बेंच ने जून में आदेश दिया था और आप दिसंबर में आ रहे हैं. बाद में हाईकोर्ट शीतकालीन अवकाश के बाद सुनवाई को तैयार हो गया. चार जून को 2021 को जस्टिस जेआर मिधा की सिंगल बेंच ने जूही चावला की याचिका को खारिज करते हुए 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था. कोर्ट ने कहा था कि याचिकाकर्ता न उचित कोर्ट फीस जमा नहीं की है. ये करना कानून की स्थापित मान्यताओं के खिलाफ है. कोर्ट ने एक हफ्ते के अंदर कोर्ट फीस जमा करने का निर्देश दिया था. कोर्ट ने कहा था कि याचिका दायर करने के पहले सरकार को नोटिस देना चाहिए था. कोर्ट ने कहा था कि याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका के पक्ष में कोई साक्ष्य नहीं दिया है.
याचिका में कहा गया था कि 5 जी उपकरणों से रेडिएशन से लोगों के स्वास्थ्य के खराब होने की आशंका है. जूही चावला ने इस पर एक अध्ययन के हवाले से कहा था कि ये तकनीक काफी नुकसानदायक है. याचिका में कहा गया था कि ऐसा कोई अध्ययन नहीं किया गया है जो ये बता सके कि 5जी तकनीक मनुष्य के लिए सुरक्षित है. ऐसे में इस तकनीक को लांच करने से रोका जाए.
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