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त्योहार से पहले 508 किलो नकली पनीर नष्ट

Kavita2
27 Aug 2026 4:26 PM IST
त्योहार से पहले 508 किलो नकली पनीर नष्ट
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नई दिल्ली। त्योहारों के सीजन से पहले दिल्ली में खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने कार्रवाई तेज कर दी है। राजधानी में नकली और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की शिकायतों को देखते हुए विभाग ने जांच अभियान शुरू किया है। इसी कड़ी में ओखला सब्जी मंडी में बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 508 किलो नकली पनीर को नष्ट कराया गया है।

खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद बाजारों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है, जिसका फायदा उठाकर कुछ लोग मिलावटी और नकली सामान बेचने की कोशिश करते हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

48 घंटे में 22 खाद्य नमूने जांच के लिए भेजे गए

खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, पिछले 48 घंटों में दिल्ली के अलग-अलग जिलों से 22 खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए गए हैं। इन सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि इनमें से कितने नमूने मानकों पर खरे उतरते हैं और कितनों में मिलावट पाई जाती है।

विभाग का कहना है कि जांच प्रत्योहारों से पहले दिल्ली में मिलावट के खिलाफ बड़ा अभियान, 508 किलो नकली पनीर नष्टक्रिया लगातार जारी रहेगी और जिन खाद्य कारोबारियों के उत्पादों में गड़बड़ी मिलेगी, उनके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

त्योहारों में बढ़ जाता है मिलावट का खतरा

त्योहारों के समय दूध, पनीर, मिठाई, घी, तेल और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग कई गुना बढ़ जाती है। इसी दौरान मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं और कम लागत में अधिक मुनाफा कमाने के लिए लोगों की सेहत से खिलवाड़ करते हैं।

नकली पनीर और मिलावटी डेयरी उत्पादों का सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले हानिकारक रसायन और घटिया सामग्री लोगों को बीमार कर सकते हैं।

बड़े अभियान की जरूरत पर उठ रहे सवाल

राजधानी में लगातार नकली, अधोमानक और असुरक्षित खाद्य पदार्थों के मामले सामने आने के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या मौजूदा कार्रवाई पर्याप्त है। कई लोगों का मानना है कि केवल छिटपुट कार्रवाई से मिलावट पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल है।

खाद्य सुरक्षा से जुड़े जानकारों का कहना है कि दिल्ली में भी बड़े स्तर पर लगातार अभियान चलाने की जरूरत है। उनका कहना है कि बाजारों, दुकानों और खाद्य उत्पादन इकाइयों की नियमित जांच होनी चाहिए, ताकि मिलावटखोरों पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।

महाराष्ट्र की तर्ज पर अभियान की मांग

मिलावट के खिलाफ महाराष्ट्र में चलाए जा रहे बड़े अभियानों का उदाहरण देते हुए दिल्ली में भी इसी तरह लगातार कार्रवाई की मांग उठ रही है। लोगों का कहना है कि त्योहारों के दौरान ही नहीं, बल्कि पूरे साल खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच होनी चाहिए।

अगर नियमित रूप से जांच अभियान चलाए जाएं तो नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर दबाव बनेगा और आम लोगों को सुरक्षित भोजन मिल सकेगा।

विभाग ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की

खाद्य सुरक्षा विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे खाद्य पदार्थ खरीदते समय सावधानी बरतें। संदिग्ध गुणवत्ता वाले उत्पादों से बचें और किसी भी तरह की गड़बड़ी नजर आने पर संबंधित विभाग को जानकारी दें।

अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं की शिकायतें कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। लोगों की जागरूकता से मिलावट के खिलाफ अभियान को और मजबूत किया जा सकता है।

आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में भी बाजारों और खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच जारी रहेगी। त्योहारों के दौरान विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाई जा सके।

फिलहाल ओखला सब्जी मंडी में 508 किलो नकली पनीर नष्ट करने की कार्रवाई को विभाग की बड़ी पहल माना जा रहा है। हालांकि, राजधानी में लगातार सामने आ रहे मिलावट के मामलों को देखते हुए लोगों की उम्मीद है कि यह अभियान केवल त्योहारों तक सीमित न रहकर लंबे समय तक जारी रखा जाएगा।

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