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24 राज्यों के 50 शहरों को मिलेगा मॉडल सिटी का दर्जा

Ratna Netam
29 Sept 2026 5:13 PM IST
24 राज्यों के 50 शहरों को मिलेगा मॉडल सिटी का दर्जा
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नई दिल्ली। केंद्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) ने PRAGATI-50 पहल के तहत देश के 50 शहरों की पहचान मॉडल शहरों के रूप में की है। इन शहरों को स्वच्छता, ठोस कचरा प्रबंधन, इस्तेमाल किए गए पानी के प्रबंधन, सैनिटेशन और नागरिक भागीदारी के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के लिए विकसित किया जाएगा। यह पूरी पहल स्वच्छ भारत मिशन-अर्बन 2.0 के फ्रेमवर्क के तहत आगे बढ़ाई जाएगी, जिसमें लक्ष्यों पर आधारित कार्रवाई और तकनीक की मदद से लगातार निगरानी पर जोर रहेगा।PRAGATI-50 पहल का उद्देश्य चुने गए शहरों को ऐसे स्वच्छ और व्यवस्थित शहरी केंद्रों के रूप में विकसित करना है, जो देश के अन्य शहरों के लिए उदाहरण बन सकें। इसके लिए 24 राज्यों के 50 शहरों का चयन किया गया है। इन शहरों में बड़े शहरी केंद्रों के साथ सांस्कृतिक महत्व वाले शहर, अधिक पर्यटन वाले शहर और प्रमुख आर्थिक केंद्र भी शामिल किए गए हैं।
पहल के शुभारंभ के मौके पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कहा कि 24 राज्यों के ये 50 शहर आने वाले समय में देश के लिए स्वच्छता के रोल मॉडल के रूप में उभरेंगे। उन्होंने कहा कि इन शहरों से केवल नियमित सफाई व्यवस्था बनाए रखने की अपेक्षा नहीं होगी, बल्कि उन्हें साफ-सफाई के ऐसे उच्च मानक स्थापित करने होंगे, जो लगातार दिखाई दें और जिनके परिणाम भी स्पष्ट रूप से मापे जा सकें।उन्होंने कहा कि PRAGATI-50 के तहत शहरों को उनकी नियमित सैनिटेशन गतिविधियों से आगे बढ़कर बेहतर और टिकाऊ प्रदर्शन करना होगा। सफाई से जुड़े कामों को केवल अभियान तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि शहरों की दैनिक व्यवस्था में स्वच्छता के ऊंचे मानकों को शामिल करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए हर शहर के प्रदर्शन को अलग-अलग पैमानों पर देखा जाएगा।
इस पहल में KPI यानी प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों पर आधारित कार्रवाई की व्यवस्था की गई है। इसका मतलब है कि शहरों को साफ-सफाई और स्वच्छता से जुड़े तय लक्ष्यों के आधार पर काम करना होगा। इन लक्ष्यों की नियमित समीक्षा की जाएगी और यह देखा जाएगा कि शहरों में वास्तविक स्तर पर कितनी प्रगति हुई हकेंद्रीय मंत्री ने बताया कि पहल का मुख्य उद्देश्य एक निश्चित समयसीमा के भीतर शहरी स्वच्छता व्यवस्था में स्पष्ट सुधार लाना है। इसके लिए मॉनिटरिंग और रिव्यू का एक संरचित ढांचा तैयार किया गया है। इसी व्यवस्था के तहत शहरों में सफाई, कचरा प्रबंधन, इस्तेमाल किए गए पानी के निपटान और सैनिटेशन की स्थिति का लगातार आकलन किया जाएगा।
ठोस कचरा प्रबंधन को PRAGATI-50 पहल के महत्वपूर्ण हिस्सों में शामिल किया गया है। चुने गए शहरों में यह देखा जाएगा कि कचरे के संग्रह, प्रबंधन और निपटान की व्यवस्था कितनी प्रभावी है। इसके साथ ही शहरों में इस्तेमाल किए गए पानी के बेहतर प्रबंधन पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाना है।पहल में नागरिक भागीदारी को भी विशेष महत्व दिया गया है। स्वच्छता से जुड़े किसी भी कार्यक्रम की सफलता में आम लोगों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसी कारण चुने गए शहरों में नागरिकों की भागीदारी बढ़ाने और उन्हें स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियों से जोड़ने पर काम किया जाएगा। स्थानीय स्तर पर लोगों की सक्रिय भागीदारी से स्वच्छता व्यवस्था को लंबे समय तक बनाए रखने की दिशा में प्रयास किए जाएंगे।
PRAGATI-50 की सबसे प्रमुख विशेषताओं में तकनीक आधारित निगरानी भी शामिल है। शहरों के प्रदर्शन और प्रगति को टेक्नोलॉजी की मदद से मॉनिटर किया जाएगा। इसके जरिए संबंधित अधिकारियों को यह जानकारी मिल सकेगी कि तय किए गए लक्ष्यों के मुकाबले कौन से शहर बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है।आउटकम-बेस्ड असेसमेंट यानी परिणाम आधारित मूल्यांकन के जरिए शहरों की प्रगति का लगातार आकलन किया जाएगा। केवल योजनाओं और गतिविधियों की संख्या के आधार पर प्रदर्शन नहीं देखा जाएगा, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले बदलावों और परिणामों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे स्वच्छता की वास्तविक स्थिति का बेहतर आकलन किया जा सकेगा।
केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने यह भी कहा कि वे स्वयं हर दूसरे महीने इस पहल की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करेंगे। इन बैठकों में चुने गए 50 शहरों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और तय लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में किए जा रहे कामों का आकलन होगा। नियमित समीक्षा के जरिए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि शहर समयसीमा के भीतर निर्धारित मानकों की दिशा में आगे बढ़ें।PRAGATI-50 पहल को स्वच्छ भारत मिशन-अर्बन 2.0 के तहत शहरी स्वच्छता को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। इसमें नियमित सफाई व्यवस्था के साथ तकनीकी निगरानी, नागरिक भागीदारी, परिणाम आधारित मूल्यांकन और तय समयसीमा में काम पूरा करने पर जोर दिया गया है।इस पहल के माध्यम से सरकार का लक्ष्य ऐसे 50 मॉडल शहर तैयार करना है, जहां स्वच्छता केवल अभियान तक सीमित न रहकर शहर की स्थायी कार्यप्रणाली का हिस्सा बने। इन शहरों में मिलने वाले परिणामों को आगे देश के अन्य शहरी क्षेत्रों के लिए उदाहरण के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा।
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