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दिल्ली के सीमापुरी में 5 मंजिला इमारत ढही, 3 की मौत
Kanchan Paikara
7 Oct 2026 11:43 PM IST

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को बड़ा हादसा हो गया। यहां एक बहुमंजिला रिहायशी इमारत का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 11 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है। मृतकों में दो बच्चे और एक 21 वर्षीय गर्भवती महिला शामिल हैं। आठ घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राहत और बचाव अभियान देर रात तक जारी रहा।
घटना न्यू सीमापुरी में ईदगाह मछली मंडी के पास हुई। शुरुआती रिपोर्टों में इमारत को पांच मंजिला बताया गया, जबकि कुछ आधिकारिक और बाद की रिपोर्टों में इसे चार मंजिला संरचना बताया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इमारत में ग्राउंड फ्लोर पर दुकानें और ऊपर के हिस्से में परिवार रहते थे। हादसे में इमारत का सामने का हिस्सा गिरा और आसपास के दो मकानों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा।
दोपहर करीब 3:30 बजे हुआ हादसा
दिल्ली फायर सर्विस को इमारत गिरने की सूचना दोपहर करीब 3:30 बजे मिली। सूचना मिलते ही दमकल की चार गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। इसके बाद दिल्ली पुलिस, दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण यानी DDMA, NDRF, MCD और अन्य एजेंसियों की टीमें भी घटनास्थल पर पहुंचीं। मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए भारी मशीनों का भी इस्तेमाल किया गया।
इमारत के गिरते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए और बचावकर्मियों के पहुंचने से पहले ही मलबा हटाने में जुट गए।स्थानीय लोगों ने भी शुरू किया रेस्क्यू
हादसे के बाद सामने आए वीडियो में स्थानीय लोग अपने हाथों से मलबा हटाते दिखाई दिए। कई लोगों ने फंसे हुए लोगों की आवाज सुनकर उनकी स्थिति का पता लगाने की कोशिश की।कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि इमारत गिरते ही उन्होंने जोरदार आवाज सुनी और धूल का गुबार पूरे इलाके में फैल गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत बचाव शुरू कर दिया और कई घायलों को बाहर निकालने में मदद की।
11 लोगों को निकाला गया बाहर
दिल्ली पुलिस के मुताबिक कुल 11 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया। इनमें से तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ घायल हैं।घायलों को राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, ताहिरपुर ले जाया गया। घायलों में करीब तीन साल का एक बच्चा भी शामिल है। अस्पताल में उनका इलाज जारी है।शुरुआती घंटों में मृतकों की संख्या एक बताई गई थी, लेकिन जैसे-जैसे रेस्क्यू अभियान आगे बढ़ा, मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई।
गर्भवती महिला और दो बच्चों की मौत
ताजा रिपोर्टों के मुताबिक हादसे में 21 वर्षीय गर्भवती महिला और दो बच्चों की मौत हुई है। तीनों को मलबे से निकालकर अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।मृतकों की पहचान और पारिवारिक विवरण को लेकर देर रात तक प्रशासन की ओर से पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई थी।
क्या भूकंप से गिरी इमारत?
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने दावा किया कि दिन में आए भूकंप या झटकों के कारण इमारत में दरारें दिखाई दी थीं। कुछ लोगों का कहना था कि झटकों के बाद ही परिवारों ने इमारत से बाहर निकलना शुरू कर दिया था।हालांकि प्रशासन ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है कि इमारत गिरने का कारण भूकंप था। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक वजह स्पष्ट होगी।यानी फिलहाल भूकंप को हादसे का निश्चित कारण नहीं माना जा सकता।निर्माण की मजबूती पर उठे सवाल
कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि इमारत को अलग-अलग चरणों में ऊपर बढ़ाया गया था। अब जांच में यह देखा जाएगा कि निर्माण स्वीकृत नक्शे के अनुसार था या नहीं और क्या इमारत की नींव इतनी मंजिलों का भार उठाने के लिए पर्याप्त थी।दिल्ली में घनी आबादी वाले इलाकों में छोटे प्लॉट पर कई मंजिलों वाली इमारतों का निर्माण लंबे समय से चिंता का विषय रहा है।सीमापुरी की इस इमारत के बारे में भी प्रशासन को यह पता लगाना होगा कि इसकी संरचनात्मक स्थिति कैसी थी और क्या पहले किसी तरह की चेतावनी या नोटिस जारी हुआ था।
मलबे में और लोगों की तलाश
शाम तक अधिकारियों ने आशंका जताई थी कि दो से तीन लोग मलबे में और फंसे हो सकते हैं। इसी वजह से बचाव अभियान जारी रखा गया।NDRF और अन्य एजेंसियों की टीमें सावधानी से मलबा हटा रही थीं, ताकि अगर कोई व्यक्ति अंदर जीवित हो तो भारी मशीन के इस्तेमाल से उसे नुकसान न पहुंचे।
बचावकर्मियों ने सर्च उपकरणों और स्थानीय लोगों से मिली जानकारी का भी सहारा लिया।आसपास की इमारतों को भी नुकसानहादसे में केवल एक इमारत ही प्रभावित नहीं हुई। गिरती हुई संरचना के मलबे से दो आसपास की इमारतों को भी आंशिक नुकसान पहुंचा है।इसी वजह से प्रशासन ने आसपास के मकानों की सुरक्षा की जांच शुरू की है। अगर किसी भवन में खतरे के संकेत मिलते हैं तो वहां रहने वाले लोगों को एहतियातन बाहर निकाला जा सकता है।
ट्रैफिक भी हुआ प्रभावित
हादसे के बाद सीमापुरी और आसपास की सड़कों पर भारी भीड़ जमा हो गई। बचाव वाहनों, एंबुलेंस और भारी मशीनों की आवाजाही के कारण यातायात प्रभावित हुआ।दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से सीमापुरी गोलचक्कर और आसपास के प्रभावित मार्गों से बचने की अपील की।पुलिस ने इलाके को बैरिकेड कर आम लोगों की आवाजाही भी सीमित की, ताकि रेस्क्यू कार्य में बाधा न आए।
एक महीने में दूसरा बड़ा हादसा
सीमापुरी का यह हादसा दिल्ली में हाल के दिनों में इमारत गिरने की दूसरी बड़ी घटना है। करीब एक महीने पहले दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन क्षेत्र में एक बहुमंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद MCD ने अनधिकृत और खतरनाक निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई तेज की थी।इसके बावजूद सीमापुरी की घटना ने राजधानी में जर्जर और अनधिकृत इमारतों की सुरक्षा को लेकर फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रशासन करेगा हादसे की जांच
अब जांच का मुख्य फोकस इमारत की उम्र, निर्माण की गुणवत्ता, अतिरिक्त मंजिलों, संभावित दरारों और भवन की कानूनी स्थिति पर होगा।यह भी जांचा जाएगा कि क्या इमारत पहले से कमजोर थी और क्या किसी एजेंसी ने इसे लेकर पहले चेतावनी जारी की थी।कुल मिलाकर सीमापुरी में हुए इस दर्दनाक हादसे में तीन लोगों की जान चली गई और आठ लोग घायल हुए हैं। कुल 11 लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया है। राहत और बचाव अभियान जारी है और प्रशासन हादसे की असली वजह का पता लगाने में जुटा है। भूकंप से दरार आने की बात स्थानीय लोगों का दावा है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अब जांच रिपोर्ट से ही साफ होगा कि हादसा संरचनात्मक कमजोरी, अनधिकृत निर्माण या किसी अन्य वजह से हुआ।
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