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Delhi दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके पांच दिवसीय विदेश दौरे के दूसरे दिन नीदरलैंड्स में जोरदार स्वागत मिला। यह दौरा 15 से 20 मई तक चल रहा है, जिसके तहत प्रधानमंत्री यूनाइटेड अरब अमीरात, नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली की यात्रा पर हैं। इस बहु-देशीय दौरे का उद्देश्य भारत के द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करना तथा विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को बढ़ावा देना बताया गया है।
नीदरलैंड्स पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत एम्स्टर्डम एयरपोर्ट पर किया गया। वहां नीदरलैंड के विदेश मंत्री टॉम बेरेंडसेन और भारत के राजदूत कुमार दुहिन ने उनका औपचारिक स्वागत किया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी रही और प्रधानमंत्री की आगवानी के लिए विशेष प्रोटोकॉल अपनाया गया। एयरपोर्ट पर मौजूद अधिकारियों और भारतीय समुदाय के प्रतिनिधियों ने भी प्रधानमंत्री का स्वागत किया।
यह दौरा प्रधानमंत्री के पांच देशों के यात्रा कार्यक्रम का दूसरा चरण है। इससे पहले अपने दौरे के पहले पड़ाव में प्रधानमंत्री मोदी ने यूनाइटेड अरब अमीरात की यात्रा की थी, जहां उन्होंने राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं के बीच ऊर्जा, निवेश और रणनीतिक साझेदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत और यूएई के बीच संबंधों को और गहरा करने पर विशेष जोर दिया गया।
नीदरलैंड्स में प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि यहां भारत और डच नेतृत्व के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत होने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी के डच प्रधानमंत्री रॉब ज़ेटन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करने की संभावना है। इस बैठक में व्यापार, तकनीक, सुरक्षा और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और विस्तार देने पर चर्चा की जाएगी।
दोनों देशों के बीच पहले से ही मजबूत आर्थिक और तकनीकी संबंध मौजूद हैं, लेकिन इस यात्रा के दौरान इन्हें और अधिक रणनीतिक स्तर पर ले जाने का प्रयास किया जाएगा। विशेष रूप से ग्रीन एनर्जी, डिजिटल टेक्नोलॉजी, जल प्रबंधन और स्टार्टअप इकोसिस्टम जैसे क्षेत्रों में साझेदारी को बढ़ावा देने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यूरोप के प्रमुख देशों की यह यात्रा भारत की विदेश नीति के लिहाज से महत्वपूर्ण है। इससे न केवल व्यापारिक संबंध मजबूत होंगे बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की भूमिका भी और अधिक प्रभावशाली होगी। नीदरलैंड्स, स्वीडन, नॉर्वे और इटली जैसे देशों के साथ भारत की साझेदारी ऊर्जा संक्रमण और तकनीकी विकास के क्षेत्र में नई दिशा दे सकती है।
प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा को भारत की वैश्विक कूटनीतिक सक्रियता के रूप में देखा जा रहा है। लगातार बदलते वैश्विक हालातों के बीच यह दौरा भारत के लिए नए निवेश अवसरों और रणनीतिक साझेदारियों के द्वार खोल सकता है। आने वाले दिनों में होने वाली उच्चस्तरीय बैठकों पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
इस दौरे से यह उम्मीद जताई जा रही है कि भारत और यूरोपीय देशों के बीच संबंधों में और अधिक मजबूती आएगी तथा आपसी सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान होगी।





