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उत्तराखंड में 4.9 तीव्रता का भूकंप, दिल्ली-NCR तक हिली धरती

nidhi
7 Oct 2026 7:02 AM IST
उत्तराखंड में 4.9 तीव्रता का भूकंप, दिल्ली-NCR तक हिली धरती
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देर रात भूकंप से कांपा उत्तर भारत, घरों से बाहर निकले लोग
नई दिल्ली: दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत के कई हिस्सों में मंगलवार, 6 अक्टूबर की देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए। राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.9 दर्ज की गई। इसका केंद्र उत्तराखंड के चमोली जिले में था और भूकंप रात 10 बजकर 23 मिनट पर आया। केंद्र जमीन से करीब 13 किलोमीटर नीचे दर्ज किया गया।
भूकंप के झटके उत्तराखंड के कई जिलों के साथ दिल्ली-NCR, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और हरियाणा तक महसूस किए गए। दिल्ली, नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में लोगों ने अचानक कंपन महसूस किया। उत्तराखंड में चमोली, गोपेश्वर, बदरीनाथ, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चंपावत, हल्द्वानी और ऋषिकेश समेत कई इलाकों में झटके महसूस किए जाने की जानकारी सामने आई।
नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार भूकंप का केंद्र 30.103 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 79.561 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। यह स्थान जोशीमठ से करीब 50 किलोमीटर दक्षिण में बताया गया है। भूकंप की तीव्रता मध्यम होने के बावजूद इसका असर काफी दूर तक महसूस किया गया। देर रात अचानक धरती हिलने से कई इलाकों में लोग घबरा गए। कुछ जगहों पर लोग एहतियात के तौर पर घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। दिल्ली-NCR में ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों ने भी कंपन महसूस होने की जानकारी दी। हालांकि शुरुआती रिपोर्टों में किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना नहीं मिली है।
उत्तराखंड भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है। हिमालयी क्षेत्र में टेक्टोनिक गतिविधियों के कारण समय-समय पर छोटे और मध्यम तीव्रता के भूकंप आते रहते हैं। ऐसे में भूकंप के झटके महसूस होते ही लोगों को सुरक्षित स्थान पर जाने और घबराहट में भागने से बचने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार भूकंप के दौरान यदि कोई व्यक्ति घर के अंदर हो तो उसे मजबूत मेज या फर्नीचर के नीचे सिर को सुरक्षित रखते हुए बैठना चाहिए। खिड़कियों, कांच, भारी सामान और गिर सकने वाली वस्तुओं से दूरी बनानी चाहिए। खुले स्थान पर मौजूद लोगों को इमारतों, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र ने घटना की समीक्षा कर इसे 4.9 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया है। इसका केंद्र चमोली में जमीन से 13 किलोमीटर नीचे था। दिल्ली और नोएडा भूकंप केंद्र से करीब 280 किलोमीटर के दायरे में स्थित हैं, फिर भी झटके यहां तक महसूस हुए। फिलहाल प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अब तक किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। देर रात आए इस भूकंप ने एक बार फिर उत्तर भारत के भूकंपीय रूप से संवेदनशील होने और आपदा के समय सतर्कता बनाए रखने की जरूरत को सामने ला दिया है।
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