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17 शहरों में 4000 टन सस्ता प्याज बिका

Kavita2
6 Sept 2026 2:26 PM IST
17 शहरों में 4000 टन सस्ता प्याज बिका
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नई दिल्ली : देश में प्याज की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने बाजार हस्तक्षेप तेज कर दिया है। उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे ने रविवार को बताया कि सरकार ने सब्सिडी वाली बिक्री शुरू होने के पहले दस दिनों में 17 शहरों में करीब 4,000 टन बफर प्याज बेचा है।

सरकार का उद्देश्य प्याज की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी को रोकना और आम उपभोक्ताओं को सस्ती दरों पर प्याज उपलब्ध कराना है। इसके लिए केंद्र सरकार अपनी एजेंसियों के माध्यम से बाजार में प्याज की आपूर्ति बढ़ा रही है।

17 शहरों में पहुंचाया गया सब्सिडी वाला प्याज

उपभोक्ता मामलों की सचिव निधि खरे के अनुसार, प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए शुरू की गई योजना के तहत देश के 17 शहरों में सब्सिडी वाले प्याज की बिक्री की गई है।

पहले दस दिनों में लगभग 4,000 टन प्याज उपभोक्ताओं तक पहुंचाया गया है। सरकार का कहना है कि जरूरत के अनुसार अन्य शहरों में भी इसकी बिक्री बढ़ाई जाएगी।

1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक तैयार

केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 के लिए 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक तैयार रखा है। इस स्टॉक का इस्तेमाल बाजार में कीमतों को नियंत्रित करने के लिए किया जा रहा है।

सरकार ने प्याज के भंडारण और वितरण की जिम्मेदारी अपनी एजेंसियों नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन (NCCF) और नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन (NAFED) को दी है।

उत्पादक राज्यों से खपत वाले क्षेत्रों तक पहुंच रही आपूर्ति

सरकारी एजेंसियां बड़े प्याज उत्पादक राज्यों से प्याज को उन क्षेत्रों तक पहुंचा रही हैं, जहां इसकी मांग अधिक है।

इसके लिए विशेष रेल रैक और अन्य परिवहन साधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है, ताकि कम समय में ज्यादा मात्रा में प्याज पहुंचाया जा सके।

सरकार का मानना है कि आपूर्ति बढ़ने से बाजार में कीमतों पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी।

आम लोगों को राहत देने की कोशिश

प्याज भारतीय रसोई का प्रमुख हिस्सा है। कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम परिवारों के बजट पर पड़ता है।

इसी को देखते हुए सरकार ने बफर स्टॉक से प्याज निकालकर सस्ती दरों पर बिक्री शुरू की है। इससे उपभोक्ताओं को बाजार मूल्य की तुलना में कम कीमत पर प्याज उपलब्ध कराया जा रहा है।

कीमतों पर लगातार नजर

उपभोक्ता मामलों का विभाग प्याज समेत आवश्यक वस्तुओं की कीमतों पर लगातार नजर रख रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, जहां भी कीमतों में असामान्य वृद्धि देखी जा रही है, वहां बाजार में सरकारी स्टॉक से प्याज की आपूर्ति बढ़ाई जा रही है।

प्याज उत्पादन और बाजार संतुलन पर फोकस

प्याज की कीमतें अक्सर उत्पादन, मौसम और आपूर्ति व्यवस्था के कारण प्रभावित होती हैं। बारिश, फसल नुकसान और परिवहन संबंधी समस्याओं से कई बार बाजार में कीमतें बढ़ जाती हैं।

सरकार बफर स्टॉक के जरिए ऐसी परिस्थितियों में बाजार को संतुलित करने की कोशिश करती है।

NCCF और NAFED की अहम भूमिका

सरकारी एजेंसियां NCCF और NAFED किसानों और उपभोक्ताओं के बीच संतुलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

ये एजेंसियां किसानों से प्याज खरीदकर उसका भंडारण करती हैं और जरूरत पड़ने पर बाजार में उपलब्ध कराती हैं।

आगे भी जारी रह सकती है बिक्री

अधिकारियों का कहना है कि अगर बाजार में प्याज की कीमतों में तेजी बनी रहती है तो सब्सिडी वाली बिक्री को आगे भी जारी रखा जा सकता है।

सरकार का लक्ष्य है कि उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर प्याज उपलब्ध हो और बाजार में अनावश्यक मूल्य वृद्धि पर रोक लगाई जा सके।

प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार की यह पहल आम उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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