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गौतमबुद्ध नगर के स्कूल-कॉलेज में 20 बसें बढ़ीं

Admin Delhi 1
21 April 2023 1:28 PM GMT
गौतमबुद्ध नगर के स्कूल-कॉलेज में 20 बसें बढ़ीं
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नोएडा न्यूज़: गौतमबुद्ध नगर के स्कूल और कॉलेजों में तीन माह में 312 बसें बढ़ी हैं, जोकि करीब 20 प्रतिशत हैं. यह संख्या बीते पूरे साल की तुलना में काफी अधिक है. कोरोना की दूसरी लहर के बाद स्कूल काफी समय तक बस का पंजीकरण नहीं करा रहे थे.

परिवहन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक इस साल जनवरी में स्कूल-कॉलेजों में बस की संख्या 1638 थी, लेकिन इस माह यह संख्या बढ़कर 1950 हो गई हैं. एआरटीओ प्रशासन सियाराम वर्मा ने कहा कि इस वर्ष स्कूल बस की संख्या में तेजी से इजाफा हुआ है. इसकी वजह स्कूल द्वारा नई बस खरीदना और दूसरे जिले से पुरानी बस का नोएडा में पंजीकरण कराना है. उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर के बाद भी काफी समय तक स्कूलों में ऑनलाइन कक्षा की व्यवस्था थी. इस कारण स्कूल न तो नई बस खरीद रहे थे और न ही पुरानी बस की फिटनेस जांच करा रहे थे. अब इसमें तेजी आई है.

रॉकवुड स्कूल के प्रधानाचार्य सुजित टंडन ने कहा कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर के कारण बस का इस्तेमाल बिल्कुल बंद था. इसके बाद भी कई अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेज रहे थे. बीते एक साल में स्कूल बस का इस्तेमाल बढ़ा है.

कुछ स्कूलों ने बस की फिटनेस जांच नहीं कराई

एआरटीओ प्रशासन सियाराम वर्मा ने कहा कि ज्यादातर स्कूल की बस फिट हैं. कुछ ही ऐसे स्कूल हैं, जिनकी बस में कमियां मिलती हैं. इनमें भी ज्यादातर वे बस हैं, जो निजी ऑपरेटर की हैं. उन्होंने कहा कि पुरानी हो चुकी बस का पंजीकरण निलंबित कराने के लिए स्कूलों को पत्र लिखा गया है. यदि स्कूल पंजीकरण निलंबित नहीं कराएंगे तो परिवहन विभाग खुद यह प्रक्रिया पूरी करेगा. इसके छह माह बाद बस का पंजीकरण निरस्त कर दिया जाएगा.

तीन अप्रैल से स्कूलों में नया सत्र शुरू हुआ

तीन अप्रैल से स्कूलों में नया सत्र शुरू हुआ है. स्कूलों के अनुसार दाखिले की प्रक्रिया के दौरान ही बसों की सीट फुल हो गई थी. जिन स्थानों तक स्कूल बस की सुविधा नहीं है, वहां के लिए अभिभावकों ने वैन लगवाई है. कई स्कूलों ने वैन लगवाने वाले अभिभावकों से शपथ पत्र लिया है कि वे अपनी जिम्मेदारी पर वैन लगवा रहे हैं.

शहरके दो स्कूल में बस की सुविधा नहीं

शहर के दो स्कूल में बस की सुविधा नहीं है. इनमें सेक्टर-33 स्थित एसीसी कांवेट और सेक्टर-24 का केंद्रीय विद्यालय शामिल हैं. इन स्कूल के बच्चे परिवहन के लिए वैन, ऑटो और ई रिक्शा पर निर्भर रहते हैं. यह वाहन बच्चों को घर से स्कूल लाने और ले जाने का काम करते हैं. इसके अलावा बाकी स्कूल में बस की सुविधा मौजूद है. यह स्कूल बच्चों को परिवहन की सुविधा देते हैं. इनसे अन्य वाहन के मुकाबले बच्चे सुरक्षित रहते हैं.

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