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माइनिंग सेक्टर में सहयोग बढ़ाने पर 19 देशों ने की चर्चा

Ratna Netam
30 Sept 2026 6:58 PM IST
माइनिंग सेक्टर में सहयोग बढ़ाने पर 19 देशों ने की चर्चा
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नई दिल्ली। भारत के खनन और खनिज क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में ‘इंडिया माइनिंग: ग्लोबल कनेक्ट’ नाम से एक विशेष अंतरराष्ट्रीय आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में 19 देशों के राजनयिक मिशनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और भारत के माइनिंग एवं मिनरल सेक्टर में निवेश, तकनीक, क्रिटिकल मिनरल्स और वैश्विक भागीदारी बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की। यह कार्यक्रम नवंबर में होने वाले ‘इंडिया माइनिंग वीक 2026’ की तैयारियों के तहत आयोजित किया गया।
‘इंडिया माइनिंग वीक 2026’ का आयोजन 15 से 17 नवंबर तक नई दिल्ली के द्वारका स्थित यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में किया जाएगा। इसे भारत के खनन और खनिज क्षेत्र के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन और प्रदर्शनी के रूप में तैयार किया गया है। कार्यक्रम को कोयला मंत्रालय और खान मंत्रालय के तत्वावधान में खनन उद्योग के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
ग्लोबल कनेक्ट कार्यक्रम की मेजबानी कोयला और खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे तथा कोयला मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव रूपिंदर बरार ने की। कार्यक्रम में शामिल राजनयिक मिशनों के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ खनन और खनिज क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों ने अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को मजबूत करने पर विचार-विमर्श किया।
सतीश चंद्र दुबे ने कार्यक्रम के दौरान वैश्विक माइनिंग कम्युनिटी से ‘इंडिया माइनिंग वीक 2026’ में व्यापक भागीदारी की अपील की। उन्होंने साझेदार देशों से प्रमुख माइनिंग कंपनियों, निवेशकों, तकनीकी विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों को कार्यक्रम से जोड़ने का आग्रह किया। साथ ही अलग-अलग देशों में माइनिंग सेक्टर की जिम्मेदारी संभाल रहे मंत्रियों और वरिष्ठ सरकारी प्रतिनिधियों को भी 15 नवंबर के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया।
रूपिंदर बरार ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग और साझेदारी की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक वृद्धि और वैश्विक महत्वाकांक्षाओं में माइनिंग और मिनरल सेक्टर की अहम भूमिका है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय खनन समुदाय से इंडिया माइनिंग वीक को विचारों के आदान-प्रदान, विशेषज्ञता साझा करने और नए सहयोग के अवसर तलाशने के मंच के रूप में इस्तेमाल करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान क्रिटिकल मिनरल्स, मिनरल एक्सप्लोरेशन, माइनिंग टेक्नोलॉजी, भारी खनन उपकरण, नवाचार, निवेश, व्यापार और संसाधन विकास जैसे विषयों पर विशेष चर्चा हुई। भारत तेजी से क्रिटिकल मिनरल्स की सुरक्षा, घरेलू विनिर्माण, संसाधन उपलब्धता और खनन क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर ध्यान बढ़ा रहा है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय तकनीकी और निवेश सहयोग को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि अलग-अलग देश ‘इंडिया माइनिंग वीक 2026’ में अपने प्रतिनिधिमंडल भेज सकते हैं। इनमें सरकारी एजेंसियों, खनन और खनिज कंपनियों, तकनीकी सेवा प्रदाताओं, उपकरण निर्माताओं, निवेशकों, अनुसंधान संस्थानों और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं।
आयोजकों ने सहभागी देशों से अपने यहां की संबंधित कंपनियों और संस्थाओं को भारत के साथ जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करने की अपील की। इसका उद्देश्य केवल तीन दिवसीय सम्मेलन तक सीमित भागीदारी नहीं, बल्कि दीर्घकालीन व्यावसायिक और तकनीकी साझेदारी विकसित करना भी है।
‘इंडिया माइनिंग वीक 2026’ में खनन क्षेत्र के भविष्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होने की योजना है। इनमें माइनिंग 5.0, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ऑटोमेशन, डिजिटल माइनिंग, क्रिटिकल मिनरल्स, शहरी खनन, रणनीतिक मिनरल कॉरिडोर, खदानों का पुनर्वास, स्वच्छ ऊर्जा, सुरक्षा, भविष्य का कार्यबल, जिम्मेदार खनन और निवेश जैसे विषय शामिल हैं।
कार्यक्रम के आधिकारिक ढांचे के अनुसार इसमें अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शनी, तकनीकी सत्र, नेतृत्व संवाद, बिजनेस-टू-बिजनेस बैठकें, टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन और उत्पाद लॉन्च जैसे आयोजन भी शामिल होंगे। इससे कंपनियों और निवेशकों को एक-दूसरे से सीधे संपर्क स्थापित करने और नई तकनीक को समझने का अवसर मिलेगा।
आयोजकों के अनुसार मुख्य सम्मेलन में 25 हजार से अधिक उद्योग पेशेवरों और निर्णयकर्ताओं की भागीदारी की उम्मीद है। इसके अलावा 500 से अधिक प्रदर्शक और तकनीकी प्रदाता, 200 से अधिक वक्ता और विशेषज्ञ, 300 से ज्यादा माइनिंग एवं मिनरल कंपनियां तथा 50 से अधिक देशों के प्रतिनिधि शामिल हो सकते हैं। कार्यक्रम में 100 से अधिक कॉन्फ्रेंस सत्र और तकनीकी प्रस्तुतियां आयोजित करने की भी योजना है।
इस वर्ष आयोजन की थीम ‘Stronger Resources, Smarter Mining, Sustainable Tomorrow’ रखी गई है। इसके जरिए संसाधनों की बेहतर सुरक्षा, आधुनिक तकनीक आधारित खनन और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार भविष्य की दिशा पर चर्चा होगी।
भारत के लिए क्रिटिकल मिनरल्स और खनिज सुरक्षा का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी, रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों के विस्तार के साथ लिथियम, रेयर अर्थ और दूसरे रणनीतिक खनिजों की मांग बढ़ रही है। इसी वजह से खनन क्षेत्र में नई खोज, प्रोसेसिंग क्षमता, रिसाइक्लिंग और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
‘इंडिया माइनिंग: ग्लोबल कनेक्ट’ कार्यक्रम को इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। 19 देशों के राजनयिक प्रतिनिधियों के साथ हुई चर्चा का उद्देश्य नवंबर में होने वाले मुख्य आयोजन से पहले अंतरराष्ट्रीय भागीदारी की मजबूत नींव तैयार करना है।
आने वाले हफ्तों में विभिन्न देशों, माइनिंग कंपनियों, निवेशकों, तकनीकी प्रदाताओं और उद्योग संगठनों के साथ ऐसे और संपर्क कार्यक्रम किए जाने की योजना है। 15 से 17 नवंबर तक होने वाला ‘इंडिया माइनिंग वीक 2026’ भारत के माइनिंग सेक्टर में निवेश, तकनीकी बदलाव और वैश्विक साझेदारी को आगे बढ़ाने के बड़े मंच के रूप में सामने आएगा।
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