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संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन करने वाले 17 लोग तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए

SHIDDHANT
24 Nov 2025 8:49 PM IST
संसद मार्ग थाने के बाहर प्रदर्शन करने वाले 17 लोग तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए
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Delhi दिल्ली। राजधानी में संसद मार्ग थाने के बाहर हुए प्रदर्शन को लेकर दर्ज मामले में पटियाला हाउस कोर्ट ने 17 प्रदर्शनकारियों को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इनमें 11 महिलाएं और 6 पुरुष शामिल हैं। सभी को शनिवार देर शाम पुलिस ने गिरफ्तार किया था, जिसके बाद आज उन्हें अदालत में पेश किया गया। सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने संसद मार्ग थाने के बाहर विरोध प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने उन्हें कई बार वहां से हटने और अनुमति के बिना भीड़ इकट्ठा न करने की चेतावनी दी, लेकिन चेतावनी के बावजूद वे वहीं डटे रहे। इसके बाद पुलिस ने कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में लिया और बाद में गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी की।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शन बिना पूर्व अनुमति के आयोजित किया गया था और इससे क्षेत्र में कानून व्यवस्था संबंधी चुनौतियां पैदा हो रही थीं। संसद मार्ग परिसर अत्यधिक संवेदनशील जोन में आता है, इसलिए बिना अनुमति के किसी भी तरह का प्रदर्शन कानून का उल्लंघन माना जाता है। पुलिस के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने रुक-रुक कर नारेबाजी भी की, जिससे मौके पर भीड़ बढ़ती चली गई। गिरफ्तार प्रदर्शनकारियों में कई सामाजिक संगठनों से जुड़े लोग शामिल बताए जा रहे हैं, हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी संगठन का आधिकारिक नाम जारी नहीं किया है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए थाने के बाहर अतिरिक्त बल की तैनाती की गई थी।
आज कोर्ट में पेशी के दौरान पुलिस ने कहा कि जांच अभी शुरुआती स्तर पर है और हिरासत के दौरान उनसे पूछताछ आवश्यक है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सभी 17 आरोपियों को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों के परिजनों और कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने कोर्ट के बाहर पुलिस की कार्रवाई पर आपत्ति जताई। उनका कहना है कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था और पुलिस ने अत्यधिक सख्ती दिखाते हुए गिरफ्तारी की है। वहीं पुलिस का पक्ष है कि प्रदर्शन से यातायात बाधित हो रहा था और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन किया जा रहा था।
घटना के बाद से इलाके में सुरक्षात्मक उपाय और कड़े कर दिए गए हैं। संसद मार्ग, भीड़भाड़ और वीआईपी मूवमेंट वाला क्षेत्र होने के कारण पुलिस किसी भी तरह की संवेदनशील स्थिति को रोकने के लिए सतर्क है। सिविल सोसायटी संगठनों ने इस कार्रवाई को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि लोकतांत्रिक ढांचे में शांतिपूर्ण प्रदर्शन नागरिकों का अधिकार है, लेकिन पुलिस का कहना है कि यह अधिकार तभी मान्य है जब सभी कानूनी औपचारिकताओं और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया जाए।
कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश के बाद अब सभी प्रदर्शनकारियों को तिहाड़ जेल भेजा जाएगा, जहां वे अगले तीन दिन न्यायिक हिरासत में रहेंगे। पुलिस ने यह भी संकेत दिया है कि जांच के दौरान कुछ और नाम सामने आ सकते हैं और आगे की कार्रवाई भी संभव है।
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