
झारखंड : झारखंड में कोरोना वायरस महामारी धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ रही है। गुरुवार को 11 नए केस मिले और इसी के साथ एक्टिव केस की संख्या बढ़कर 60 हो गई है। हालांकि, इस दौरान दो मरीज स्वस्थ भी हुए हैं। राज्य में एक तरफ जहां कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, वहीं टीकाकरण पर एक तरह से संकट आ गया है क्योंकि वैक्सीन खत्म हो गए हैं। यहां अप्रैल के पहले सप्ताह से ही कोविशील्ड, कोवैक्सीन और कोर्बिवैक्स टीका की उपलब्धता खत्म हो गई है। थोड़ा-बहुत टीकाकरण जिलों में बचे छिटपुट वैक्सीन से हो रही है।
वहीं, अगर जांच की बात की जाए तो सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क जांच की व्यवस्था की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य अभियान, झारखंड के निदेशक डॉ भुवनेश प्रताप सिंह ने संबंधित अधिकारियोंं को कुछ ऐसी रणनीति बनाने के निर्देश दिए हैं जिससे कोरोना के प्रसार को रोका जा सके, लोगों का टीकाकरण सही से हो, जांच कराने में परेशानी न हो वगैरह।इंफेक्शन (सारी) एवं एंफ्लूएंजा लाइक इलनेस (आइएलआइ) की निगरानी सभी स्वास्थ्य संस्थानों द्वारा किया जाए एवं संभावित मरीज की रैपिड एंटीजन किट से जांच हो। साथ ही सभी आरटीपीसीआर लैब को दुरुस्त कराने एवं जांच किट की उपलब्धता सुनिश्चित कराने का भी निर्देश दिया है। उन्होंने सभी पाजिटिव सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग के भी निर्देश दिए हैं।





