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शराब दुकानों में हो रही उगाही, विधानसभा में बोले बीजेपी विधायक

14 Feb 2024 2:57 AM GMT
शराब दुकानों में हो रही उगाही, विधानसभा में बोले बीजेपी विधायक
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रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र जारी है. शराब दुकानों को लेकर बीजेपी विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा , प्रदेश में देशी/विदेशी शराब की लगभग 700 दुकानें संचालित है, जिनके संचालन के लिए प्लेसमेंट एजेंसियां कार्यरत हैं। दुकानों की सुरक्षा के लिए निजी सुरक्षा एजेंसी तैनात की गयी है, मगर विभागीय अधिकारियों की मॉनीटरिंग के अभाव …

रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र जारी है. शराब दुकानों को लेकर बीजेपी विधायक धर्मजीत सिंह ने कहा , प्रदेश में देशी/विदेशी शराब की लगभग 700 दुकानें संचालित है, जिनके संचालन के लिए प्लेसमेंट एजेंसियां कार्यरत हैं। दुकानों की सुरक्षा के लिए निजी सुरक्षा एजेंसी तैनात की गयी है, मगर विभागीय अधिकारियों की मॉनीटरिंग के अभाव में तैनात एजेंसियां अमानत में खयानत करने लगी हैं। शराब दुकानों के संचालन के लिए बाकायदा शासन के दिशा-निर्देश हैं, पर पालन कराने वाले कोई नही हैं। प्लेसमेंट एजेंसियां दुकान के संचालन के नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ा रही हैं। प्रदेश के 700 दुकानों में आज तक कभी न तो स्टॉक का मिलान किया गया, न बिक्री राशि का हिसाब । जितना मनचाहे कोषालय में जमा और मनमर्जी खर्च कर रहे हैं। 31/12/2023 की स्थिति में ही कांकेर, सूरजपुर, दंतेवाड़ा की . दुकानों में लगभग 25 लाख से अधिक की नगद राशि की चोरी की रिपोर्ट उजागर हुई है। सच तो यह है कि प्रदेश की दुकानों से विधिवत रूप से प्रतिदिन की बिक्री की राशि कोषालय में जमा की जा रही है या नहीं, इस तरफ किसी जिम्मेदार का ध्यान नहीं है। सिर्फ औचक निरीक्षण की आड़ में सभी दुकानों से मोटी रकम . उगाही हो रही है।

प्रदेश के देशी/विदेशी शराब की दुकानों में नगदी राशि के लेन- देन में घपलेबाजी वर्ष 2019 के पहले से चल रही है। अधिकारी ही नही प्लेसमेंट एजेंसी भी बेलगाम है। विधान सभा के शीतकालीन सत्र ( 25 नवंबर से 06 दिसम्बर, 2019 तक) के दौरान दिनांक 26 नवंबर को विधान सभा में मामला उजागर हुआ, जिसमें 2856 करोड़ रु. कोषालय में जमा ही नही हुआ तथा उसे चिल्हर खर्च, प्लेसमेंट एजेंसी के पेमेंट के लिए रखा जाना बताया, जो कि शासकीय नियमों का उल्लंघन, आर्थिक घोटाला एवं अपराध है। इसकी जिम्मेदारी तय नही हुई और इसी का परिणाम है कि प्लेसमेंट एजेंसी एवं अधिकारी बेखौफ होकर मनमर्जी शराब की दुकानें चला रहे हैं। राजस्व की क्षति, करोड़ों के घोटाले और अपराधियों पर कार्यवाही नही होने से आमजन में भारी आक्रोश है।

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