
व्यापार | जोमैटो, भारत की सबसे बड़ी फूड डिलीवरी कंपनी, ने अपने कॉरपोरेट नाम को बदलकर "इटरनल लिमिटेड" रखने की अनुमति प्राप्त कर ली है। यह बदलाव कंपनी के दीर्घकालिक बिजनेस विजन का हिस्सा है। सरकार ने इसे मंजूरी दे दी है, जिससे कंपनी को नए क्षेत्रों में विस्तार करने का रास्ता मिल सकता है।
नाम बदलने के पीछे की रणनीति
जोमैटो सिर्फ फूड डिलीवरी तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि लॉन्ग-टर्म ग्रोथ और विविध व्यवसायों में प्रवेश की योजना बना रही है। सूत्रों के मुताबिक, कंपनी अब क्लाउड किचन, क्विक कॉमर्स (ब्लिंकिट), हाइपरलोकल सर्विसेज और फिनटेक जैसे क्षेत्रों में भी अपनी उपस्थिति मजबूत कर सकती है।
क्या बदलेगा और क्या रहेगा पहले जैसा?
- फूड डिलीवरी सर्विस पहले की तरह जारी रहेगी।
- ब्रांडिंग और ग्राहक सेवाओं में धीरे-धीरे बदलाव आ सकते हैं।
- ब्लिंकिट और अन्य बिजनेस सेगमेंट को भी नए नाम के तहत मजबूती मिलेगी।
क्या कहती है जोमैटो?
जोमैटो के अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव कंपनी के व्यापक विस्तार और नई ऊंचाइयों को छूने की रणनीति का हिस्सा है। हालांकि, ऐप, वेबसाइट और ग्राहक अनुभव में कोई तत्काल बदलाव नहीं होगा।
क्या है भविष्य की योजना?
- नए बिजनेस वेंचर्स में निवेश
- इंटरनेशनल मार्केट में एंट्री
- डिलीवरी नेटवर्क और टेक्नोलॉजी में अपग्रेड
जोमैटो का यह कदम भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। आने वाले दिनों में कंपनी इस बारे में और जानकारी साझा कर सकती है।





