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YouTube ने मॉनेटाइजेशन के लिए वॉच ऑवर्स की शर्त बढ़ाई जानें नया नियम

nidhi
11 Aug 2026 3:58 PM IST
YouTube ने मॉनेटाइजेशन के लिए वॉच ऑवर्स की शर्त बढ़ाई जानें नया नियम
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YouTube ने बढ़ाई मॉनेटाइजेशन की राह मुश्किल वॉच ऑवर्स की शर्त हुई दोगुनी
नई दिल्ली: YouTube ने अपने YouTube Partner Program (YPP) में शामिल होकर विज्ञापनों से कमाई शुरू करने की तैयारी कर रहे नए क्रिएटर्स के लिए नियमों को सख्त करने का ऐलान किया है। 1 फरवरी 2027 से नए क्रिएटर्स को मॉनेटाइजेशन के लिए मौजूदा 4,000 वैलिड पब्लिक वॉच ऑवर्स की जगह 8,000 घंटे पूरे करने होंगे। Shorts क्रिएटर्स के लिए भी जरूरी व्यूज की सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 2 करोड़ वैलिड पब्लिक Shorts views कर दी जाएगी।
4,000 से बढ़कर 8,000 घंटे होगी शर्त
फिलहाल YPP के विज्ञापन-रेवेन्यू शेयरिंग के लिए सामान्य रास्ते में क्रिएटर को 1,000 सब्सक्राइबर के साथ पिछले 12 महीनों में 4,000 वैलिड पब्लिक वॉच ऑवर्स पूरे करने होते हैं। नए नियम लागू होने के बाद यही वॉच-टाइम सीमा 8,000 घंटे हो जाएगी।
यानी नए चैनलों के लिए मॉनेटाइजेशन की पहली बड़ी बाधा दोगुनी हो जाएगी।
Shorts क्रिएटर्स के लिए भी बड़ा बदलाव
Shorts के जरिए YPP में विज्ञापन-रेवेन्यू शेयरिंग हासिल करने वाले नए क्रिएटर्स के लिए भी लक्ष्य बढ़ाया जाएगा। अभी 1,000 सब्सक्राइबर और 90 दिनों में 1 करोड़ वैलिड पब्लिक Shorts views का रास्ता है, जबकि नए नियमों में यह आंकड़ा बढ़कर 2 करोड़ Shorts views हो जाएगा।
नियम कब से लागू होंगे?
YouTube के घोषित बदलाव 1 फरवरी 2027 से नए क्रिएटर्स के लिए लागू होंगे। मौजूदा YPP सदस्यों को नए नियमों से तत्काल बाहर नहीं किया जाएगा; उन्हें अपडेटेड शर्तों को स्वीकार करने के लिए 31 जनवरी 2027 तक का समय दिया गया है।
पुराने क्रिएटर्स पर क्या असर पड़ेगा?
जो क्रिएटर्स पहले से YouTube Partner Program में शामिल हैं, उनके मौजूदा YPP लाभों में इस बदलाव के कारण तत्काल कटौती नहीं की जाएगी। हालांकि, YouTube ने सक्रियता से जुड़े कुछ मानदंड भी बताए हैं। लंबे समय तक चैनल पर गतिविधि न होने की स्थिति में YPP से हटाए जाने का जोखिम हो सकता है।
YouTube ने क्यों बदले नियम?
YouTube के मुताबिक क्रिएटर इकोसिस्टम तेजी से बढ़ रहा है और प्लेटफॉर्म चाहता है कि मॉनेटाइजेशन उन चैनलों को मिले जो लगातार दर्शकों को जोड़ते हैं और स्थायी ऑडियंस बनाते हैं, न कि केवल किसी एक वायरल वीडियो की वजह से अचानक बड़ी संख्या में व्यूज हासिल कर लेते हैं।
नए क्रिएटर्स के लिए क्या बदलेगा?
अब नए चैनलों को मॉनेटाइजेशन के लिए ज्यादा समय और लगातार कंटेंट पर काम करना पड़ सकता है। खासकर छोटे क्रिएटर्स के लिए 8,000 घंटे का लक्ष्य हासिल करना मौजूदा 4,000 घंटे की तुलना में बड़ी चुनौती होगा।
इसका मतलब यह भी है कि सिर्फ वीडियो अपलोड करना पर्याप्त नहीं होगा। क्रिएटर्स को वीडियो की लंबाई, दर्शकों का रिटेंशन, नियमित अपलोड और ऑडियंस एंगेजमेंट पर ज्यादा ध्यान देना होगा।
जरूरी बात: 8,000 घंटे हर तरह के वॉच टाइम से नहीं जुड़ेंगे
YPP के लिए YouTube द्वारा मान्य valid public watch hours ही मायने रखते हैं। Shorts Feed से मिलने वाला वॉच टाइम सामान्य 4,000/8,000 घंटे वाले रास्ते में नहीं गिना जाता; Shorts के लिए अलग व्यू-आधारित पात्रता मार्ग है।
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