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लोकेशन की जानकारी
टेक्नोलॉजी : आज लगभग हर व्यक्ति स्मार्टफोन से तस्वीरें खींचता है और उन्हें सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप या दूसरी ऑनलाइन सेवाओं पर शेयर करता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी एक तस्वीर आपके बारे में सिर्फ वही जानकारी नहीं देती जो उसमें दिखाई दे रही है? कुछ परिस्थितियों में फोटो के साथ सेव होने वाली तकनीकी जानकारी से यह पता लगाया जा सकता है कि तस्वीर कहां और कब ली गई थी।
स्मार्टफोन और डिजिटल कैमरे तस्वीर के साथ कुछ अतिरिक्त जानकारी भी सेव कर सकते हैं, जिसे EXIF यानी Exchangeable Image File Format मेटाडेटा कहा जाता है। इसमें फोन या कैमरे का मॉडल, फोटो लेने की तारीख और समय, कैमरा सेटिंग जैसी जानकारियां शामिल हो सकती हैं। अगर फोटो लेते समय डिवाइस की लोकेशन सुविधा सक्रिय है और कैमरा ऐप को लोकेशन की अनुमति मिली हुई है तो तस्वीर में GPS निर्देशांक भी सेव हो सकते हैं।
यही GPS जानकारी प्राइवेसी के लिहाज से महत्वपूर्ण है। यदि किसी व्यक्ति को फोटो की मूल फाइल मिलती है और उसमें लोकेशन मेटाडेटा मौजूद है तो वह तकनीकी जानकारी देखकर फोटो खींचे जाने वाली जगह का अंदाजा लगा सकता है। कुछ मामलों में निर्देशांक काफी सटीक हो सकते हैं।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि इंटरनेट पर शेयर की गई हर तस्वीर से आपकी लोकेशन आसानी से पता चल जाएगी। कई सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म अपलोड या शेयरिंग के दौरान फोटो का मेटाडेटा हटा देते हैं या तस्वीर को प्रोसेस कर देते हैं। लेकिन यदि किसी को फोटो की ओरिजिनल फाइल भेजी गई है तो उसमें मेटाडेटा मौजूद रहने की संभावना हो सकती है।
लोकेशन केवल EXIF डेटा से ही उजागर नहीं होती। तस्वीर में दिखाई देने वाली चीजें भी स्थान का संकेत दे सकती हैं। किसी दुकान का बोर्ड, सड़क का नाम, वाहन की नंबर प्लेट, प्रसिद्ध इमारत, स्कूल या ऑफिस का नाम, मेट्रो स्टेशन और आसपास के अन्य संकेत देखकर भी फोटो कहां ली गई है इसका अनुमान लगाया जा सकता है।
ऐसे में फोटो शेयर करने से पहले थोड़ी सावधानी जरूरी है। स्मार्टफोन की सेटिंग में जाकर कैमरा ऐप के लिए लोकेशन एक्सेस बंद किया जा सकता है। पहले से ली गई तस्वीरों की लोकेशन जानकारी भी कई फोन में फोटो की डिटेल या इन्फॉर्मेशन सेक्शन से देखी और हटाई जा सकती है।
विशेष रूप से घर, बच्चों के स्कूल, ऑफिस या नियमित रूप से आने-जाने वाली जगहों की तस्वीरें सार्वजनिक रूप से पोस्ट करते समय ध्यान रखना चाहिए कि तस्वीर में ऐसी कोई जानकारी दिखाई न दे जिससे सटीक स्थान आसानी से पहचाना जा सके।
इसलिए सवाल का जवाब है—हां, कुछ परिस्थितियों में सिर्फ एक फोटो से उसकी लोकेशन का पता लगाया जा सकता है, लेकिन हर तस्वीर में GPS लोकेशन मौजूद हो यह जरूरी नहीं है। फोटो शेयर करने से पहले मेटाडेटा और तस्वीर में दिखाई देने वाली जानकारी पर ध्यान देना डिजिटल प्राइवेसी के लिए उपयोगी कदम है।
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