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Q1 नतीजों से Yes Bank मजबूत, सोमवार को शेयर में हलचल संभव

Saba Naaz
18 July 2026 2:16 PM IST
Q1 नतीजों से Yes Bank मजबूत, सोमवार को शेयर में हलचल संभव
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नई दिल्ली। निजी क्षेत्र के प्रमुख बैंक यस बैंक (YES BANK) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के शानदार नतीजे पेश किए हैं। बैंक ने जून 2026 को समाप्त तिमाही में अपने प्रदर्शन में बड़ा सुधार दर्ज किया है। बैंक का शुद्ध लाभ (Net Profit) सालाना आधार पर 33.7 प्रतिशत बढ़कर 1,071 करोड़ रुपये पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में बैंक का मुनाफा 801 करोड़ रुपये था।

यस बैंक के बेहतर तिमाही नतीजों के बाद सोमवार को बैंक के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है। बाजार विशेषज्ञों की नजर अब इस बात पर होगी कि निवेशक बैंक के मजबूत प्रदर्शन और सुधरती वित्तीय स्थिति को किस तरह लेते हैं। शुक्रवार 17 जुलाई को यस बैंक का शेयर बीएसई पर 0.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ 23.63 रुपये के स्तर पर बंद हुआ था।

बैंक की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, यस बैंक की आय और मार्जिन दोनों में सुधार हुआ है। बैंक की शुद्ध ब्याज आय (NII) में सालाना आधार पर 17.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जून तिमाही में बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम बढ़कर 2,786 करोड़ रुपये हो गई, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा कम था।

बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) भी बेहतर हुआ है। पहली तिमाही में एनआईएम बढ़कर 2.7 प्रतिशत हो गया, जो पिछले साल की इसी अवधि में 2.5 प्रतिशत था। इसके अलावा बैंक की कुल शुद्ध आय (Total Net Income) में भी अच्छी वृद्धि देखने को मिली है। यह सालाना आधार पर 11.2 प्रतिशत बढ़कर 4,584 करोड़ रुपये दर्ज की गई है।

यस बैंक के लिए सबसे बड़ी सकारात्मक बात उसकी एसेट क्वालिटी में सुधार है। लंबे समय से खराब कर्ज की समस्या से जूझ रहे बैंक ने इस मोर्चे पर लगातार सुधार दिखाया है। बैंक का ग्रॉस नॉन परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) अनुपात घटकर 1.3 प्रतिशत पर आ गया है। एक साल पहले यह 1.6 प्रतिशत था।

वहीं, बैंक का नेट एनपीए (NNPA) भी घटकर 0.2 प्रतिशत रह गया है, जो पिछले साल 0.3 प्रतिशत था। बैंक का प्रोविजन कवरेज रेशियो (PCR) 81.7 प्रतिशत रहा है। यह आंकड़ा बताता है कि बैंक ने संभावित खराब कर्ज के लिए पर्याप्त प्रावधान किए हैं और उसकी बैलेंस शीट पहले से मजबूत हुई है।

बैंक के कारोबार में भी अच्छी ग्रोथ देखने को मिली है। जून तिमाही में यस बैंक के कुल एडवांस यानी दिए गए कर्ज में 18.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह बढ़कर 2,85,118 करोड़ रुपये हो गया। वहीं, बैंक की कुल जमा राशि (Deposits) में भी 14.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई और यह 3,15,373 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

बैंक का CASA अनुपात यानी चालू और बचत खातों में जमा राशि का हिस्सा 32.7 प्रतिशत रहा। CASA अनुपात बैंक के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि इससे बैंक को कम लागत पर फंड उपलब्ध होता है और मुनाफे में मदद मिलती है।

यस बैंक के बेहतर प्रदर्शन के बाद कई घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों ने भी बैंक की रेटिंग में सुधार किया है। मूडीज ने बैंक की रेटिंग को Ba2 से बढ़ाकर Ba1 कर दिया है। इसके अलावा CARE ने बैंक को AA+ और ICRA ने AA रेटिंग दी है। एसएंडपी ग्लोबल ने भी यस बैंक को पहली बार BB+ की अंतरराष्ट्रीय रेटिंग दी है।

यस बैंक के एमडी और सीईओ विनय एम. टोंसे ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत बैंक के लिए मजबूत रही है। उन्होंने कहा कि मुनाफे में करीब 34 प्रतिशत की वृद्धि और एसेट क्वालिटी में सुधार बैंक की बढ़ती मजबूती को दिखाता है। बैंक का फोकस आगे भी स्थायी विकास, बेहतर ग्राहक सेवाओं और मुनाफे को बनाए रखने पर रहेगा।

यस बैंक पिछले कुछ वर्षों में अपनी वित्तीय स्थिति सुधारने पर लगातार काम कर रहा है। खराब कर्ज, कम मुनाफे और निवेशकों के भरोसे में कमी जैसी चुनौतियों के बाद अब बैंक ने धीरे-धीरे अपनी स्थिति मजबूत की है। ताजा तिमाही नतीजे बैंक के लिए एक सकारात्मक संकेत माने जा रहे हैं।

हालांकि, शेयर बाजार में किसी भी कंपनी के प्रदर्शन पर कई अन्य कारकों का असर पड़ता है। निवेशकों को कंपनी के नतीजों के साथ-साथ बाजार की स्थिति और बैंकिंग सेक्टर के रुझानों को भी ध्यान में रखना होगा। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है, इसलिए निवेश से पहले विशेषज्ञों की सलाह लेना जरूरी है।

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