
व्यापार | अमेरिकी टैरिफ नीतियों से परेशान भारत ने अब अपने पत्ते खेलना शुरू कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति के टैरिफ फैसलों से बचाव के लिए मंत्रालयों और विभागों में लगातार चर्चाएं चल रही थीं। लेकिन अब भारत सरकार ने ट्रेड डील पर बातचीत से पहले एक बड़ा फैसला लेकर सबको चौंका दिया है।
सूत्रों के मुताबिक, भारत अमेरिका से आने वाले कुछ चुनिंदा प्रोडक्ट्स पर 23 बिलियन डॉलर तक का टैरिफ कम करने की योजना बना रहा है। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार संतुलन को सुधारने में मदद मिलेगी और अमेरिकी राष्ट्रपति को भी यह फैसला रास आ सकता है।
बातचीत से पहले भारत का मास्टरस्ट्रोक
बुधवार से शुरू होने वाली तीन दिवसीय बैठक में भारतीय और अमेरिकी प्रतिनिधि व्यापार समझौतों पर चर्चा करेंगे। लेकिन इससे पहले ही भारत का यह कदम अमेरिका के साथ रिश्तों को नई दिशा दे सकता है। इससे पहले रॉयटर्स की रिपोर्ट में दावा किया गया था कि भारत अपने टैरिफ नियमों में ढील दे सकता है, ताकि अमेरिकी कंपनियों को व्यापार में राहत मिले।
क्या मिलेगा भारत को फायदा?
अमेरिका के साथ व्यापार संतुलन बेहतर होगा।
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भारतीय कंपनियों को अमेरिकी बाजार में बेहतर एक्सेस मिल सकता है।
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संभावित टैरिफ युद्ध से बचा जा सकेगा।
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अमेरिकी निवेश को भारत में बढ़ावा मिलने की संभावना बढ़ेगी।
ट्रेड डील में भारत की रणनीति
भारत न सिर्फ टैरिफ कम करने के विकल्प पर विचार कर रहा है, बल्कि आईटी, फार्मा और ऑटो सेक्टर में ज्यादा छूट की मांग भी रख सकता है। इसके अलावा, भारत की कोशिश रहेगी कि अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों को और ज्यादा जगह मिले।
अमेरिका की प्रतिक्रिया का इंतजार
अमेरिका को मनाने की इस रणनीति से भारत को कितना फायदा होगा, यह तीन दिवसीय बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा। लेकिन भारत सरकार का यह कदम निश्चित रूप से अमेरिका के साथ रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में अहम साबित हो सकता है।





