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कच्चे तेल में आएगी गिरावट या लौटेगी तेजी? गोल्डमैन सैक्स ने बताया अनुमान

nidhi
2 Nov 2026 10:52 AM IST
कच्चे तेल में आएगी गिरावट या लौटेगी तेजी? गोल्डमैन सैक्स ने बताया अनुमान
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नई दिल्ली: कच्चे तेल की कीमतों में आगे गिरावट आएगी या फिर तेजी बढ़ेगी, इस पर गोल्डमैन सैक्स ने अपना आकलन जारी किया है। बैंक की रिसर्च टीम का मानना है कि मध्य पूर्व से आपूर्ति में सुधार जारी रहने पर तेल की कीमतें धीरे-धीरे नीचे आ सकती हैं। हालांकि, क्षेत्र में संघर्ष बढ़ने और तेल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में कीमतें अनुमान से ऊपर भी जा सकती हैं। बैंक ने दिसंबर 2026 के लिए ब्रेंट क्रूड का अनुमान 90 डॉलर प्रति बैरल और 2027 का औसत अनुमान 80 डॉलर प्रति बैरल रखा है।
गोल्डमैन सैक्स ने दिसंबर का अनुमान पहले के 85 डॉलर से बढ़ाकर 90 डॉलर किया है। इसका अर्थ है कि बैंक को आपूर्ति सुधरने से राहत की उम्मीद तो है, लेकिन उसने जोखिमों को देखते हुए अपना पिछला अनुमान संशोधित किया है। वैश्विक तेल बाजार 2026 की चौथी तिमाही और 2027 में अतिरिक्त आपूर्ति की स्थिति में पहुंच सकता है। यही कीमतों में नरमी आने के अनुमान का प्रमुख आधार है।
बैंक के तेल अनुसंधान प्रमुख डान स्ट्रुवेन ने 23 अक्टूबर को प्रकाशित बातचीत में बताया कि संभावित आपूर्ति संकट के डर से रिफाइनरियां पहले ही तेल खरीद रही हैं। इसके साथ संस्थागत निवेशक भी ऊर्जा कीमतों में उछाल से अपने निवेश को बचाने के लिए कच्चे तेल में हिस्सेदारी ले रहे हैं। ये दोनों कारण आपूर्ति में सुधार के बावजूद कीमतों को ऊंचा बनाए रखने में मदद कर रहे हैं।
स्ट्रुवेन के अनुसार, उस समय ब्रेंट की कीमत में लगभग 27 डॉलर प्रति बैरल का जोखिम प्रीमियम शामिल था। यह वह अतिरिक्त कीमत है जो बाजार संभावित संकट की आशंका में चुका रहा था। यदि कोई टिकाऊ कूटनीतिक समाधान सामने आता है और आपूर्ति बाधित होने का डर घटता है, तो यह प्रीमियम कम हो सकता है। इससे तेल की कीमतों में गिरावट की गुंजाइश बनेगी। दूसरी ओर, जहाजों पर हमले बढ़ने, निर्यात घटने या तेल ढांचे को नुकसान पहुंचने की स्थिति में कीमतों पर ऊपर जाने का दबाव बनेगा। इसलिए गोल्डमैन सैक्स का आकलन आपूर्ति और भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर है। दिसंबर के लिए 90 डॉलर और अगले वर्ष के लिए 80 डॉलर के आंकड़े पूर्वानुमान हैं, आज के बाजार भाव नहीं। बैंक ने भी स्पष्ट किया है कि उसके विचार प्रकाशन के समय की परिस्थितियों पर आधारित हैं और बदल सकते हैं।
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