
Business बिजनेस : देश में सोने की कीमतों में आई गिरावट का असर अब आम परिवारों और सर्राफा बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। हाल के महीनों में सोने के दाम अपने उच्च स्तर से काफी नीचे आने के बाद कई लोग अपने पुराने गहने बेचने का फैसला कर रहे हैं। शादी और त्योहारों के सीजन से पहले कीमतों में और गिरावट की आशंका ने भी कई परिवारों को पुराने आभूषण बेचने के लिए प्रेरित किया है।
उपलब्ध बाजार आंकड़ों के अनुसार, पिछले 90 दिनों में भारतीय परिवारों ने लगभग 50,000 किलोग्राम पुराना सोना बाजार में बेचा है। माना जा रहा है कि कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव और भविष्य को लेकर अनिश्चितता इसकी प्रमुख वजह है।बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी 2026 में 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 1,80,000 रुपये तक पहुंच गई थी। वहीं, वर्तमान में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का भाव करीब 1,43,205 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है। यानी पिछले कुछ महीनों में सोना अपने उच्च स्तर से लगभग 36,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो चुका है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोने की कीमतों में बदलाव कई घरेलू और वैश्विक कारणों से होता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार, डॉलर की चाल, ब्याज दरों में बदलाव, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और निवेशकों की मांग जैसे कारक सोने के भाव को प्रभावित करते हैं। ऐसे में कीमतों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय अपनी वित्तीय जरूरतों और निवेश रणनीति के अनुसार निर्णय लेना चाहिए।
सर्राफा कारोबारियों के अनुसार, पुराने गहनों की बिक्री बढ़ने से बाजार में स्क्रैप गोल्ड की आपूर्ति भी बढ़ी है। हालांकि, दूसरी ओर शादी और त्योहारों के मौसम को देखते हुए नए आभूषणों की मांग में भी धीरे-धीरे बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है।विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सोने की खरीद या बिक्री से पहले ताजा बाजार भाव की जानकारी जरूर लें और जरूरत पड़ने पर वित्तीय सलाहकार से परामर्श करें। बाजार में उतार-चढ़ाव सामान्य प्रक्रिया है, इसलिए केवल अल्पकालिक कीमतों के आधार पर निर्णय लेना हमेशा उचित नहीं माना जाता।





