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टेक कंपनियों में क्यों जा रही नौकरियां AI ने बढ़ाई छंटनी की रफ्तार

Ratna Netam
8 Aug 2026 9:55 PM IST
टेक कंपनियों में क्यों जा रही नौकरियां AI ने बढ़ाई छंटनी की रफ्तार
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नई दिल्ली : वैश्विक टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री में वर्ष 2026 के दौरान छंटनी का सिलसिला लगातार तेज होता नजर आ रहा है। एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल की शुरुआत से अब तक दुनिया भर की टेक कंपनियों ने 1.63 लाख से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से हटाया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कुल 1,63,427 कर्मचारियों की छंटनी हुई है, जिसमें 91,215 नौकरियों पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रभाव को प्रमुख कारणों में शामिल किया गया है। आंकड़े संकेत देते हैं कि टेक कंपनियां तेजी से एआई और ऑटोमेशन को अपनाते हुए अपने मौजूदा कार्यबल और संगठनात्मक ढांचे में बड़े बदलाव कर रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, छंटनी का सबसे ज्यादा असर क्लाउड और सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस यानी SaaS कंपनियों पर पड़ा है। इस क्षेत्र में 37,492 कर्मचारियों की नौकरियां गई हैं। इसके बाद ई-कॉमर्स और मार्केटप्लेस सेक्टर में 22,633, आईटी सर्विसेज में 16,756 और सोशल मीडिया कंपनियों में 13,592 कर्मचारियों की छंटनी दर्ज की गई है। एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर सेक्टर भी छंटनी से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वैश्विक स्तर पर इस क्षेत्र में 13,308 नौकरियां खत्म हुईं, जिनमें करीब 88.6 फीसदी यानी 11,792 छंटनियां अमेरिकी कंपनियों से जुड़ी थीं।
अमेरिका में सिस्को उन कंपनियों में शामिल है, जिसने बड़ी संख्या में कर्मचारियों को नौकरी से हटाया है। कंपनी ने करीब 4,000 कर्मचारियों की छंटनी की। इसके बाद एमडॉक्स ने लगभग 2,900 और ऑटोडेस्क ने करीब 1,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला। कंपनियों की ओर से संगठनात्मक पुनर्गठन, लागत में कमी और एआई आधारित तकनीकों को अपनाने को इन फैसलों के प्रमुख कारणों में बताया जा रहा है।
टेक सेक्टर की छंटनी का असर केवल अमेरिका तक सीमित नहीं है। एशिया और मध्य पूर्व के कई देशों में भी कंपनियां अपने कर्मचारियों की संख्या कम कर रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल इस क्षेत्र में सबसे अधिक प्रभावित देशों में शामिल रहा, जबकि भारत और सिंगापुर भी छंटनी से प्रभावित हुए हैं। एआई स्टार्टअप्स, ई-कॉमर्स कंपनियों और साइबर सिक्योरिटी फर्मों में भी कर्मचारियों की संख्या घटाने की प्रक्रिया देखने को मिली है।
इजरायल की वर्कप्लेस सॉफ्टवेयर कंपनी मंडे डॉट कॉम ने 22 जुलाई 2026 को अपने वैश्विक कार्यबल में लगभग 20 फीसदी कटौती की घोषणा की थी। इसके तहत करीब 620 कर्मचारियों की नौकरी चली गई। कंपनी ने इस कदम को अपने एआई वर्क प्लेटफॉर्म के अनुरूप संगठनात्मक पुनर्गठन का हिस्सा बताया। इसी तरह कनाडा की सूचना प्रबंधन सॉफ्टवेयर कंपनी ओपनटेक्स्ट ने जुलाई 2026 में अपने वैश्विक कार्यबल के करीब 2 फीसदी यानी लगभग 400 कर्मचारियों को हटाने की घोषणा की। कंपनी ने भी इसे संगठनात्मक पुनर्गठन से जोड़ा।
रिपोर्ट में ओरेकल को 2026 में सबसे अधिक कर्मचारियों की छंटनी करने वाली कंपनियों में बताया गया है। कंपनी ने जनवरी से अब तक अलग-अलग चरणों में 25,254 कर्मचारियों की छंटनी की है। हालांकि, कंपनी में कर्मचारियों की संख्या घटाने की प्रक्रिया 2025 के अंत में शुरू हो गई थी। मार्च 2026 में अमेरिका, भारत, कनाडा और मैक्सिको में बड़े स्तर पर छंटनी की गई थी।
एआई की वजह से होने वाले बदलावों का असर कंपनियों की रणनीति और निवेशकों की सोच पर भी दिखाई दे रहा है। सिस्को ने कहा है कि छंटनी से संबंधित करीब 1 अरब डॉलर की पुनर्गठन लागत को उसकी एआई रणनीति को आगे बढ़ाने में इस्तेमाल किया जाएगा। दूसरी ओर, मंडे डॉट कॉम ने भी अपने कर्मचारियों की संख्या में कटौती को एआई-केंद्रित बदलाव से जोड़ा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इन कंपनियों के पुनर्गठन संबंधी फैसलों को निवेशकों की ओर से सकारात्मक प्रतिक्रिया भी मिली। सिस्को के शेयरों में आफ्टर-आवर्स कारोबार के दौरान 17 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। मंडे डॉट कॉम के शेयर 2.3 फीसदी चढ़े, जबकि सर्विसनाउ के शेयरों में अगले सप्ताह करीब 9 फीसदी की बढ़त देखने को मिली।
ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स की विश्लेषक स्टानिस्लावा सविशेवा के अनुसार, मौजूदा बाजार में एआई आधारित पुनर्गठन को निवेशकों की ओर से सकारात्मक रूप में देखा जा रहा है। उनके मुताबिक, बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी अब कई बार अनुशासित प्रबंधन का संकेत मानी जा रही है, खासकर तब जब कंपनियां इसे एआई रणनीति और भविष्य में बेहतर दक्षता से जोड़कर पेश करती हैं।
इस तरह 2026 के शुरुआती महीनों के आंकड़े टेक इंडस्ट्री में बदलते रोजगार परिदृश्य की ओर इशारा कर रहे हैं। कंपनियां एआई, ऑटोमेशन और नई तकनीकों में निवेश बढ़ा रही हैं, वहीं पारंपरिक भूमिकाओं और मौजूदा कार्यबल की जरूरतों का दोबारा आकलन किया जा रहा है। आने वाले समय में यह बदलाव टेक सेक्टर में नौकरियों की प्रकृति, कंपनियों के संगठनात्मक ढांचे और कर्मचारियों की आवश्यक दक्षताओं पर भी बड़ा असर डाल सकता है।
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