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टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?

Nilmani Pal
30 Sept 2025 1:46 PM IST
टर्म इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदने से पहले किन बातों का ध्यान रखें?
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क्या आप अपने परिवार के भविष्य को लेकर चिंतित हैं और उन्हें सुरक्षित करने के लिए टर्म इंश्योरेंस लेने की सोच रहे हैं? लेकिन बाज़ार में उपलब्ध विकल्पों में से अपने लिए सबसे बेहतर टर्म प्लान चुनना कठिन लग रहा है तो घबराइए मत!सबसे बेहतर टर्म इंश्योरेंस चुनना कोई मुश्किल काम नहीं है। बस पॉलिसी खरीदने से पहले सही कवर राशि तय करें और कुछ अहम बातों का ध्यान रखें जिनके बारे में आपको इस ब्लॉग में जानने को मिलेगा।

सबसे बेहतर टर्म इंश्योरेंस चुनने के लिए चेकलिस्ट

टर्म इंश्योरेंस चुनना एक बहुत ही अहम फैसला है जो आपके परिवार के भविष्य को सुरक्षित करता है। सही प्लान चुनने के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है। यह एक चेकलिस्ट की तरह काम करेगा, जिससे आप सही निर्णय ले सकें।

1. सही कवर राशि

सबसे पहले, आपको यह तय करना होगा कि आपके परिवार को कितनी राशि की ज़रूरत होगी। यह आपकी वार्षिक आय का कम से कम 10-15 गुना होना चाहिए। इसके अलावा, आपके सभी कर्जों (जैसे होम लोन, कार लोन) और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई के खर्चों को भी इसमें शामिल करना चाहिए। एक सामान्य नियम के अनुसार, आपकी वार्षिक आय का 10 गुना पर्याप्त माना जाता है, लेकिन अगर आपके ऊपर ज्यादा देनदारियां हैं तो यह राशि बढ़ाई जा सकती है। इस राशि के साथ भविष्य में होने वाली महंगाई यानि इन्फ्लेशन की दर को भी जोड़े जो सामान्यतः 6% की हो सकती है।

2. क्लेम सेटलमेंट रेश्यो

यह सबसे महत्वपूर्ण फैक्टर है। क्लेम सेटलमेंट रेश्यो (CSR) यह बताता है कि कंपनी ने एक साल में कितने क्लेम सफलतापूर्वक निपटाए हैं। जिस कंपनी का CSR जितना ज्यादा होगा, वह उतनी ही भरोसेमंद मानी जाती है। IRDAI (भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण) द्वारा हर साल यह रिपोर्ट जारी किया जाता है। 2024 के आंकड़ों के अनुसार, कई कंपनियों का CSR 99% से ऊपर था, जो कि एक अच्छा संकेत है। आपको हमेशा ऐसी कंपनी चुननी चाहिए जिसका CSR 98% से ऊपर हो ताकि आपके परिवार को क्लेम लेते समय कोई परेशानी न हो।

3. पॉलिसी की अवधि

पॉलिसी की अवधि उतनी होनी चाहिए जब तक आप अपने परिवार की आर्थिक ज़रूरतों को पूरा कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, जब तक आपके बच्चे आत्मनिर्भर न हो जाएं या जब तक आप रिटायर न हो जाएं। इसके अलावा, कम उम्र में टर्म इंश्योरेंस खरीदने का यह फायदा है कि प्रीमियम कम होता है और लंबी अवधि का कवर मिल जाता है। जबकि, अधिक उम्र में टर्म इंश्योरेंस लेने पर उसका प्रीमियम 2 से 3 गुना अधिक हो सकता है।

4. प्रीमियम और राइडर्स

प्रीमियम की तुलना करते समय, सिर्फ कम कीमत पर ध्यान न दें। आपको यह देखना चाहिए कि उस प्रीमियम पर आपको क्या-क्या लाभ मिल रहे हैं। आप अपने प्लान में कुछ अतिरिक्त राइडर्स (जैसे क्रिटिकल इलनेस, एक्सीडेंटल डेथ बेनिफिट) भी जोड़ सकते हैं। ये राइडर्स अतिरिक्त सुरक्षा देते हैं, लेकिन प्रीमियम थोड़ा बढ़ा देते हैं।

आपको गारंटीड रिटर्न्स प्लान पर भी विचार क्यों करना चाहिए

टर्म इंश्योरेंस लेना एक अच्छा फैसला है, क्योंकि यह आपके परिवार को आपकी गैर-मौजूदगी में आर्थिक सुरक्षा देता है। लेकिन, कुछ लोगों को यह लगता है कि अगर पॉलिसी की अवधि खत्म होने तक कुछ नहीं होता, तो उनके दिए गए प्रीमियम बेकार हो जाते हैं। यहीं पर गारंटीड रिटर्न्स प्लान काम आता है। यह एक ऐसा प्लान है जो आपको सुरक्षा के साथ-साथ बचत का फायदा भी देता है।

गारंटीड रिटर्न्स प्लान कैसे काम करता है?

एक सामान्य टर्म इंश्योरेंस में, अगर आप पॉलिसी की अवधि पूरी होने तक जीवित रहते हैं, तो आपको कोई पैसा वापस नहीं मिलता। लेकिन गारंटीड रिटर्न्स प्लान में ऐसा नहीं होता। इस प्लान में, अगर आप पॉलिसी की अवधि पूरी होने तक जीवित रहते हैं, तो आपके द्वारा दिए गए सारे प्रीमियम (कुछ चार्जेस को छोड़कर) आपको वापस मिल जाते हैं वो भी संभावित रूप से 7.5% तक के रिटर्न के साथ।

यह क्यों एक अच्छा विकल्प है?

● दोहरा फायदा: आपको टर्म इंश्योरेंस की सुरक्षा मिलती है, और साथ ही आपके पैसे भी वापस मिल जाते हैं। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो सुरक्षा और बचत दोनों चाहते हैं।

● गारंटीड रिटर्न: रिटर्न की गारंटी होने से आपको मन की शांति मिलती है। आपको पता होता है कि आपके पैसे बर्बाद नहीं होंगे, बल्कि एक तय समय के बाद आपको निश्चित रूप से मिल जाएंगे।

● निवेश का विकल्प: यह एक तरह का निवेश भी है, जिसमें जोखिम बहुत कम होता है और आपको लगभग FD जितना या उससे थोड़ा कम रिटर्न मिल जाता है। हाल ही के एक अध्ययन के अनुसार, भारत में लोग गारंटीड रिटर्न वाले प्लान्स को ज्यादा पसंद कर रहे हैं क्योंकि वे बाजार के उतार-चढ़ाव से बचना चाहते हैं।

● टैक्स की छूट: आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80(सी), के तहत आप पॉलिसी के लिए भरे गए प्रीमियम पर हर वर्ष अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक की टैक्स छूट ले सकते हैं। वहीं, धारा 10(10डी) के तहत, मैच्योरिटी राशि भी टैक्स फ्री रहती है। अगर आपने कोई अतिरिक्त राइडर जोड़ा है तो उसका प्रीमियम भी ₹25,000 तक 80डी के तहत टैक्स फ्री रहता है, बुजुर्गों के लिए यह सीमा ₹50,000 तक है।

अगर आप लंबे समय के लिए एक सुरक्षित निवेश देख रहे हैं और अपने प्रीमियम के वापस मिलने की गारंटी चाहते हैं, तो गारंटीड रिटर्न्स प्लान एक बहुत ही अच्छा विकल्प हो सकता है। टर्म इंश्योरेंस सिर्फ एक पॉलिसी नहीं, बल्कि आपके परिवार के सुरक्षित भविष्य की गारंटी है। सही कवर राशि, विश्वसनीय कंपनी, उचित अवधि और ज़रूरी राइडर्स को ध्यान में रखकर आप अपने लिए सबसे बेहतर प्लान चुन सकते हैं। वहीं, अगर आप सुरक्षा के साथ-साथ बचत भी चाहते हैं, तो गारंटीड रिटर्न्स प्लान आपके लिए एक स्मार्ट विकल्प हो सकता है। जिसमें गारंटीड रिटर्न के साथ ही टैक्स की छूट भी मिल सकती है।

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