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विझिनजम इंटरनेशनल सीपोर्ट 18 अगस्त से बनेगा पूर्ण EXIM हब

Kavita2
18 July 2026 5:31 PM IST
विझिनजम इंटरनेशनल सीपोर्ट 18 अगस्त से बनेगा पूर्ण EXIM हब
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तिरुवनंतपुरम : केरल के समुद्री व्यापार क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। राज्य सरकार ने शनिवार को घोषणा की कि विझिनजम इंटरनेशनल सीपोर्ट 18 अगस्त से पूरी तरह से एक्सपोर्ट-इंपोर्ट (EXIM) गतिविधियों के लिए काम करना शुरू कर देगा। इसके साथ ही यह बंदरगाह केवल ट्रांसशिपमेंट हब तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एक पूर्ण अंतरराष्ट्रीय कार्गो गेटवे के रूप में विकसित होगा।

केरल सरकार के अनुसार, विझिनजम इंटरनेशनल सीपोर्ट के पूरी तरह सक्रिय होने से राज्य के समुद्री व्यापार को नई गति मिलेगी। यह बंदरगाह वैश्विक शिपिंग नेटवर्क से सीधे जुड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और भारत के अंतरराष्ट्रीय व्यापार को मजबूत करने में मदद करेगा।

मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) की ओर से जारी बयान में बताया गया कि मुख्यमंत्री वी.डी. सतीसन 18 अगस्त को पहले एक्सपोर्ट कंटेनर को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसके साथ ही बंदरगाह के नए चरण की शुरुआत होगी और केरल अंतरराष्ट्रीय कार्गो संचालन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण स्थान हासिल करेगा।

इस अवसर पर राज्य सरकार की ओर से ‘मिशन समुद्र’ बिजनेस समिट का आयोजन भी किया जाएगा। इस समिट में दुनिया भर की प्रमुख शिपिंग कंपनियां, लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की कंपनियां, निर्यातक, निवेशक और उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।

सरकार का उद्देश्य इस समिट के माध्यम से विझिनजम बंदरगाह की क्षमताओं और निवेश की संभावनाओं को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करना है। इसमें समुद्री व्यापार, लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर और भविष्य की औद्योगिक संभावनाओं पर चर्चा होने की उम्मीद है।

विझिनजम इंटरनेशनल सीपोर्ट को भारत के सबसे महत्वपूर्ण गहरे समुद्री बंदरगाहों में से एक के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसकी भौगोलिक स्थिति इसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों के करीब बनाती है, जिससे यह बड़े जहाजों के संचालन और वैश्विक माल परिवहन के लिए उपयुक्त माना जाता है।

अब तक यह बंदरगाह मुख्य रूप से ट्रांसशिपमेंट गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा था। ट्रांसशिपमेंट में एक जहाज से दूसरे जहाज में माल का स्थानांतरण किया जाता है। लेकिन EXIM संचालन शुरू होने के बाद यहां से सीधे आयात और निर्यात गतिविधियां संचालित की जा सकेंगी।

राज्य सरकार का मानना है कि बंदरगाह के पूर्ण संचालन से केरल में व्यापार और उद्योग के नए अवसर पैदा होंगे। इससे लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में रोजगार बढ़ने के साथ-साथ निर्यातकों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।

विझिनजम बंदरगाह के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। इससे राज्य के कृषि उत्पादों, समुद्री उत्पादों और अन्य औद्योगिक वस्तुओं के निर्यात को भी बढ़ावा मिल सकता है।

सरकार इस परियोजना को केरल के आर्थिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मान रही है। बंदरगाह से जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

‘मिशन समुद्र’ समिट के दौरान निवेशकों को बंदरगाह से जुड़ी सुविधाओं, व्यापारिक संभावनाओं और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के बारे में जानकारी दी जाएगी। सरकार को उम्मीद है कि इस आयोजन के माध्यम से कई नई साझेदारियां और निवेश प्रस्ताव सामने आ सकते हैं।

समुद्री व्यापार विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी देश या राज्य के लिए मजबूत बंदरगाह व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय व्यापार को बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती है। विझिनजम का पूर्ण EXIM संचालन शुरू होना केरल के लिए इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि बंदरगाह के संचालन को और बेहतर बनाने के लिए आधुनिक तकनीक, बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाया जाएगा।

कुल मिलाकर, 18 अगस्त से शुरू होने वाला विझिनजम इंटरनेशनल सीपोर्ट का पूर्ण EXIM संचालन केरल के समुद्री व्यापार क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत करेगा। सरकार को उम्मीद है कि यह बंदरगाह आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय कार्गो नेटवर्क का एक प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा।

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