व्यापार
2 अक्टूबर को दुकानों पर नहीं मिलेगा UPI का विकल्प, जानें वजह
jantaserishta.com
24 Sept 2026 4:49 PM IST

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नई दिल्ली: अगर आप ज्यादातर पेमेंट UPI के जरिए करते हैं, तो 2 अक्टूबर को कुछ दुकानों पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। देश के कई व्यापारी संगठनों ने इस दिन *‘No UPI Day’* मनाने का ऐलान किया है। इसके तहत व्यापारी और दुकानदार UPI से पेमेंट स्वीकार नहीं करने का विरोध कार्यक्रम करेंगे।
महाराष्ट्र चैंबर ऑफ कॉमर्स, इंडस्ट्री एंड एग्रीकल्चर (MACCIA) के अध्यक्ष रवींद्र मंगवे के मुताबिक, यह अभियान केवल महाराष्ट्र तक सीमित नहीं रहेगा। उनके अनुसार, देश के अलग-अलग हिस्सों के कई व्यापारी संगठन इसमें शामिल होने की भी तैयारी कर रहे हैं।
15 अक्टूबर से नया MDR चार्ज लागू होना है ...
व्यापारियों के विरोध की मुख्य वजह UPI के कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर लगने वाला नया *Merchant Discount Rate यानी MDR* है। NPCI के नए ढांचे के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के कुछ Person-to-Merchant यानी P2M UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4% MDR लागू होगा।
हालांकि यह शुल्क ग्राहक से नहीं लिया जाना है। यह चार्ज व्यापारी की तरफ से भुगतान स्वीकार करने वाली व्यवस्था पर लागू होगा। ₹2,000 तक के P2M ट्रांजैक्शन और सामान्य Person-to-Person यानी P2P पेमेंट इस MDR से अलग रहेंगे।
QR कोड और साउंड बॉक्स ढककर जताएंगे विरोध
व्यापारी संगठनों ने 2 अक्टूबर को विरोध दर्ज कराने का अलग तरीका भी तय किया है। इस दौरान कई दुकानदार अपने *UPI QR कोड, स्कैनर, साउंड बॉक्स और दूसरे डिजिटल पेमेंट डिवाइस काले कपड़े से ढक सकते हैं।*
व्यापारी संगठनों का कहना है कि छोटे मार्जिन पर काम करने वाले दुकानदारों और डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए अतिरिक्त भुगतान लागत बढ़ने की चिंता है। उनका तर्क है कि डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देने के बाद अब उस पर शुल्क लगने से कारोबारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।
व्यापारी संगठनों ने क्या कहा?
व्यापारी संगठनों से जुड़े पदाधिकारियों ने MDR को लेकर अपनी आपत्तियां सामने रखी हैं। AICPDF के राष्ट्रीय अध्यक्ष धैर्यशील पाटिल का कहना है कि रिटेल और डिस्ट्रीब्यूशन कारोबार में मार्जिन पहले से सीमित होता है। ऐसे में डिजिटल भुगतान पर अतिरिक्त लागत कारोबारियों के खर्च को भी बढ़ा सकती है।
वहीं, AIEOTF के राष्ट्रीय अध्यक्ष शंकर ठक्कर ने कहा कि UPI के बढ़ते इस्तेमाल से भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता आई है। उनके अनुसार, व्यापारियों की चिंता को देखते हुए इस शुल्क व्यवस्था पर दोबारा विचार किया जाना चाहिए।
ग्राहक को UPI के लिए अलग से शुल्क देना होगा?
फिलहाल उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, नए MDR का भुगतान व्यापारी करेंगे तथा इसे सीधे ग्राहक पर डालने की अनुमति नहीं है। यानी कि ग्राहक के UPI से पेमेंट करने पर उससे अलग से 0.4% शुल्क लेने की व्यवस्था नहीं बताई गई है।
हालांकि 2 अक्टूबर का ‘No UPI Day’ व्यापारियों का विरोध कार्यक्रम है। इसलिए उस दिन किसी दुकान पर UPI स्वीकार होगा या नहीं, यह संबंधित व्यापारी या संगठन की भागीदारी पर निर्भर करेगा। ग्राहकों को उस दिन कैश या उपलब्ध दूसरे पेमेंट विकल्प रखने की जरूरत पड़ सकती है।
TagsUPI
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