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होम लोन पर 5 लाख तक ग्राहकों को मिली छूट, जल्द ही उठाएं इसका लाभ

Tara Tandi
15 Jan 2021 11:00 AM GMT
होम लोन पर 5 लाख तक ग्राहकों को मिली छूट, जल्द ही उठाएं इसका लाभ
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बीते कुछ दशकों में पलायन में काफी तेजी आई है.

जनता से रिश्ता बेवङेस्क | बीबीते कुछ दशकों में पलायन में काफी तेजी आई है.लोग गांव से निकल कर शहरों की ओर भाग रहे हैं. शहर में रोजगार के ज्यादा मौके हैं, पढ़ाई-लिखाई की सुविधा बेहतर है और अच्छी लाइफस्टाइल के लिए पर्याप्त सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हैं. इन्हीं कारणों से टायर-2 सिटी का बहुत तेजी से विकास हो रहा है. जो लोग पलायन कर शहर पहुंचते हैं, उनके लिए सबसे पहला लक्ष्य होता है अपने लिए घर खरीदना. यही वजह है कि रियल एस्टेट का बाजार इतना बड़ा और विस्तृत हो गया है.

सरकार भी इस सेक्टर को अलग-अलग तरीके से राहत देती है. अगर कोई घर खरीदता है तो होम लोन पर टैक्स में कई तरह से छूट दी जाती है. प्राइवेट और पब्लिक बैंक कम इंट्रेस्ट रेट पर आसानी से होम लोन उपलब्ध करवाते हैं. इसी लोन पर टैक्स का लाभ मिलता है. इस आर्टिकल में आपको होम लोन पर मिलने वाली अलग-अलग छूट के बारे में विस्तार से बताएंगे. बता दें कि होम लोन पर आप 5 लाख तक टैक्स में छूट का लाभ उठा सकते हैं.

इंट्रेस्ट रीपेमेंट पर 2 लाख तक मिलती है छूट

इनकम टैक्स एक्ट 1961 के सेक्शन 24बी के तहत होम लोन के इंट्रेस्ट पेमेंट पर एक वित्त वर्ष में 2 लाख रुपए तक डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है. हालांकि इसको लेकर कुछ शर्तें हैं. होम लोन घर खरीदने के लिए या फिर घर बनाने के लिए लिया जाना चाहिए. जिस वित्त वर्ष में लोन लिया गया है उस वित्त वर्ष के समाप्त होने के बाद अगले पांच सालों के भीतर कंस्ट्रक्शन का काम पूरा हो जाना चाहिए.

पजेशन मिलने पर ही मिलेगा सेक्शन 24बी का फायदा

अगर आपने कोई अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी खरीदी जिसका पजेशन आपको नहीं मिला है, लेकिन आप उसकी ईएमआई भर रहे हैं तो आपको इंट्रेस्ट पर मिलने वाली टैक्स में छूट का फायदा नहीं मिलेगा. सेक्शन 24बी का फायदा तभी मिलेगा जब आपको पजेशन मिल गया हो. हालांकि इनकम टैक्स एक्ट में इस दौरान भरी गई ईएमआई में इंट्रेस्ट पर छूट दी गई है. जिस साल प्रॉपर्टी का पजेशन मिलेगा उसके अगले पांच सालों तक एक समान किस्तों में इंट्रेस्ट डिडक्शन का लाभ मिलेगा.

प्रिंसिपल अमाउंट रीपेमेंट पर 80सी के तहत छूट

होम लोन की ईएमआई में दो हिस्सा होती है. एक हिस्सा इंट्रेस्ट का होता है और दूसरा हिस्सा प्रिंसिपल अमाउंट होता है. होम बायर्स को प्रिंसिपल अमाउंट चुकाने पर भी टैक्स में डिडक्शन का लाभ मिलता है. होम लोन के प्रिंसिपल अमाउंट रीपेमेंट पर सेक्शन 80सी के तहत लाभ मिलता है. इस सेक्शन की अपर लिमिट 1.5 लाख रुपए है. इस सेक्शन में स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन चार्जेज भी शामिल होता है.

80EE के तहत 50 हजार तक छूट

Section 80EE के तहत होम बायर्स को अलग से 50 हजार तक छूट मिलती है. हालांकि इसकी कुछ शर्तें हैं. पहली शर्त ये है कि होम लोन 35 लाख से ज्यादा नहीं होना चाहिए साथ ही प्रॉपर्टी की कीमत 50 लाख से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. दूसरी शर्त ये है कि होम लोन 1 अप्रैल 2016 से 31 मार्च 2017 के बीच सैंक्शन होनी चाहिए. इसकी आखिरी शर्त है कि जिस दिन होम लोन जारी किया गया है उस दिन तक होम बायर के लिए यह पहला घर होना चाहिए.

80EEA के तहत 1.5 लाख तक मिलती है छूट

बजट 2019 में सेक्शन 80EEA को लाया गया और इसके तहत छूट की सीमा बढ़ाकर 1.5 लाख रुपए कर दी गई है. हालांकि इसके लिए भी कुछ टर्म एंड कंडिशन हैं. पहली शर्त है कि घर की स्टाम्प वैल्यू 45 लाख से ज्यादा नहीं होनी चाहिए. होम लोन 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2020 के बीच सैंक्शन होना चाहिए साथ ही जिस दिन होम लोन सैंक्शन किया गया है उस दिन होम बायर्स के नाम से कोई और प्रॉपर्टी नहीं होनी चाहिए. इसके अलावा जो होम बायर इसका लाभ उठाना चाहते हैं वे सेक्शन 80EE का लाभ नहीं उठा रहे हों, इस बात का भी विशेष ध्यान रखना है.

ज्वॉइंट होम लोन पर डबल बेनिफिट

अगर ज्वॉइंट होम लोन लिया जाता है तो दोनों लोन होल्डर को डिडक्शन का लाभ मिलेगा. दोनों लोन होल्डर सेक्शन 24बी के तहत इंट्रेस्ट में 2-2 लाख रुपए और प्रिंसिपिल अमाउंट रीपेमेंट पर 1.5-1.5 लाख रुपए का लाभ उठा सकता है. हालांकि इसके लिए दोनों का मालिकाना हक होना जरूरी है. इस तरह होम लोन पर 7 लाख तक आसानी से छूट का फायदा उठाया जा सकता है.

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