
व्यापार | अमेरिका और भारत के बीच कृषि व्यापार को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत समेत कई देशों पर टैरिफ लगाने का फैसला किया, जिससे व्यापार संतुलन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। इस टैरिफ का खासतौर पर असर बादाम, अखरोट और अन्य कृषि उत्पादों पर पड़ सकता है, जिन्हें भारत में आयात किया जाता है।
क्या भारत में मिलेंगे सस्ते अमेरिकी उत्पाद?
अमेरिका चाहता है कि भारत कृषि उत्पादों पर आयात शुल्क कम करे, जिससे अमेरिकी किसान भारत को ज्यादा निर्यात कर सकें। इससे भारत में अमेरिकी बादाम, अखरोट, फल और सब्जियां सस्ती हो सकती हैं। लेकिन भारत अपने किसानों के हितों की रक्षा के लिए टैरिफ में कटौती करने से हिचकिचा रहा है।
भारतीय किसान पहले से ही महंगे आयातित उत्पादों से परेशान हैं, अगर टैरिफ घटा तो उनकी फसल को सीधी टक्कर मिलेगी।
सरकार ने ‘आत्मनिर्भर भारत’ नीति के तहत स्थानीय उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया है।
भारत व्यापार घाटे को संतुलित करने के लिए भी कुछ अमेरिकी उत्पादों पर टैरिफ बढ़ा सकता है।
अमेरिका की क्या है मांग?
अमेरिका चाहता है कि भारत बादाम और अखरोट जैसे उत्पादों पर आयात शुल्क कम करे।
अमेरिका को उम्मीद है कि टैरिफ कटौती से भारत में उसके उत्पादों की बिक्री बढ़ेगी।
भारत अगर इस मांग को मानता है, तो अमेरिका के कृषि निर्यात को बड़ा फायदा होगा।
क्या टैरिफ कम होगा?
भारत सरकार ने अभी तक इस पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है, लेकिन संकेत मिले हैं कि सरकार स्थानीय किसानों के हित को प्राथमिकता देगी। अगर कोई समझौता होता है, तो भारत में अमेरिकी उत्पाद सस्ते हो सकते हैं, लेकिन यह भारतीय किसानों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
आगे क्या होगा?
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और अमेरिका के बीच कृषि व्यापार को लेकर अगले कुछ महीनों में अहम बातचीत होगी। अगर दोनों देशों के बीच संतुलित समझौता होता है, तो भारतीय उपभोक्ताओं को सस्ते आयातित उत्पाद मिल सकते हैं, लेकिन यह किसानों के लिए चुनौतीपूर्ण होगा।





