व्यापार

भारतीय निर्यातकों को सशक्त बनाने के लिए सरकार की नई पहल, शुरू की 'मार्केट एक्सेस सपोर्ट' योजना

jantaserishta.com
31 Dec 2025 5:34 PM IST
भारतीय निर्यातकों को सशक्त बनाने के लिए सरकार की नई पहल, शुरू की मार्केट एक्सेस सपोर्ट योजना
x
नई दिल्ली: भारतीय निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक बेहतर पहुंच दिलाने के लिए सरकार ने बुधवार को मार्केट एक्सेस सपोर्ट (एमएएस) योजना शुरू की। यह योजना एक्सपोर्ट प्रमोशन मिशन (ईपीएम) के तहत लाई गई है, जिसे इस साल नवंबर में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी थी।
वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि एमएएस योजना को ईपीएम की ‘निर्यात दिशा’ उप-योजना के तहत लागू किया जा रहा है। इसका उद्देश्य खासतौर पर एमएसएमई, पहली बार निर्यात करने वाले निर्यातकों और प्राथमिक क्षेत्रों से जुड़ी कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच दिलाना है।
मार्केट एक्सेस सपोर्ट योजना के तहत कई गतिविधियों के लिए वित्तीय और संस्थागत सहायता दी जाएगी। इनमें खरीदार-विक्रेता बैठकें (बीएसएम), अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों में भागीदारी, भारत में होने वाली मेगा रिवर्स क्रेता-विक्रेता बैठकें (आरबीएसएम) और प्रमुख व उभरते निर्यात बाजारों में व्यापार प्रतिनिधिमंडल भेजना शामिल है।
मंत्रालय ने बताया कि आने वाले तीन से पांच वर्षों के लिए बड़े बाजार पहुंच कार्यक्रमों की एक सूची पहले से तैयार और मंजूर की जाएगी, जिससे निर्यातकों और आयोजकों को पहले से योजना बनाने में मदद मिलेगी और बाजार विकास के प्रयास लगातार चलते रहेंगे।
आधिकारिक बयान के अनुसार, इन कार्यक्रमों में कम से कम 35 प्रतिशत भागीदारी एमएसएमई की अनिवार्य होगी। नए देशों और छोटे बाजारों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि निर्यात के नए रास्ते खुलें। प्रतिनिधिमंडल में कम से कम 50 लोगों की भागीदारी तय की गई है, हालांकि बाजार की स्थिति के अनुसार इसमें बदलाव किया जा सकता है।
खास बात यह है कि कार्यक्रमों के लिए दी जाने वाली आर्थिक सहायता की सीमा और लागत साझा करने के नियमों को सरल बनाया गया है। प्राथमिक क्षेत्रों और बाजारों को अधिक मदद दी जाएगी। पिछले साल 75 लाख रुपए तक का निर्यात कारोबार करने वाले छोटे निर्यातकों को हवाई किराए में आंशिक सहायता दी जाएगी, ताकि नए और छोटे निर्यातकों को आगे बढ़ने का मौका मिले।
कार्यक्रमों की सूची, प्रस्ताव भेजने, मंजूरी, प्रतिभागियों का पंजीकरण, धन जारी करने और निगरानी की पूरी प्रक्रिया ट्रेड डॉट गॉव डॉट इन वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन की जाएगी। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और सभी को आसानी होगी।
हर कार्यक्रम में शामिल होने वाले निर्यातकों से ऑनलाइन फीडबैक लेना अनिवार्य होगा। इसमें खरीदारों की गुणवत्ता, उत्पन्न व्यापारिक अवसर और बाजार की उपयोगिता जैसे मापदंडों को शामिल किया जाएगा।
मंत्रालय ने कहा कि इस फीडबैक और अनुभव के आधार पर एमएएस के नियमों को समय-समय पर और बेहतर बनाया जाएगा। एमएएस योजना का मुख्य उद्देश्य खरीदारों से बेहतर संपर्क बनाना और योजनाबद्ध व परिणाम देने वाले प्रयासों के जरिए दुनिया भर के बाजारों में देश की मौजूदगी मजबूत करना है।
jantaserishta.com

jantaserishta.com

भारत के भले ही किसी कोने में आप रह रहे हों, जनता से रिश्ता वेबसाइट पर आपके राज्य की हर छोटी-बड़ी खबर मिलेगी। राजनीति, खेल, चुनाव, बिजनेस, सिनेमा, इस प्लैटफॉर्म पर बस एक क्लिक करते ही हमेशा पाएं ताजा खबरें। उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, गुजरात, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल समेत देश के बाकी राज्यों और शहरों की कोई जानकारी हो, हम आपको देते हैं। सियासी रण हो या बजट का मौसम, कहां चल रहा क्या सियासी दांव-पेच, आपके गांव में किसकी सरकार, हर अपडेट यहां आपको मिलेंगे। तो फिर अपने राज्य की हर हलचल के लिए जुड़े रहिए जनता से रिश्ता के साथ।

    Next Story