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नई दिल्ली। शेयर बाजार में आईपीओ को लेकर निवेशकों का उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच बेहारी लाल इंजीनियरिंग लिमिटेड (Behari Lal Engineering IPO) के आईपीओ ने बाजार में जबरदस्त हलचल मचा दी है। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से शानदार प्रतिक्रिया मिली है और यह करीब 118 गुना सब्सक्राइब हुआ है। ग्रे मार्केट में भी इस आईपीओ को लेकर मजबूत मांग देखने को मिल रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) करीब 110 रुपये तक पहुंच गया है।
आईपीओ को मिले भारी रिस्पॉन्स के बाद निवेशकों की नजर अब इसकी लिस्टिंग पर टिकी हुई है। बाजार में चर्चा है कि मजबूत सब्सक्रिप्शन और ऊंचे GMP के चलते कंपनी के शेयर लिस्टिंग के दिन अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रे मार्केट प्रीमियम केवल अनुमान होता है और वास्तविक लिस्टिंग बाजार की स्थिति, निवेशकों की मांग और कंपनी के प्रदर्शन पर निर्भर करती है।
निवेशकों ने जमकर लगाया पैसा
Behari Lal Engineering IPO को सभी कैटेगरी के निवेशकों से अच्छा समर्थन मिला है। खासतौर पर रिटेल और नॉन-इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की ओर से इसमें जबरदस्त रुचि दिखाई गई। करीब 118 गुना सब्सक्रिप्शन यह बताता है कि निवेशकों ने कंपनी के बिजनेस मॉडल और भविष्य की संभावनाओं पर भरोसा जताया है।
किसी भी आईपीओ को मिलने वाला सब्सक्रिप्शन बाजार में उसकी मांग को दर्शाता है। ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिलने से अक्सर लिस्टिंग को लेकर सकारात्मक माहौल बनता है, लेकिन शेयर बाजार में जोखिम हमेशा बना रहता है।
110 रुपये GMP से बढ़ी उम्मीदें
आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम निवेशकों के बीच चर्चा का बड़ा कारण बन गया है। GMP बताता है कि अनलिस्टेड मार्केट में शेयर की मांग कैसी है। Behari Lal Engineering IPO का GMP 110 रुपये तक पहुंचने से निवेशकों में लिस्टिंग गेन की उम्मीद बढ़ गई है।
अगर GMP और बाजार का रुझान लिस्टिंग तक मजबूत बना रहता है तो निवेशकों को शुरुआती बढ़त मिल सकती है। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि केवल GMP देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए।
कब होगी IPO की लिस्टिंग
Behari Lal Engineering IPO की लिस्टिंग इसी सप्ताह होने की उम्मीद है। निवेशकों को शेयर आवंटन और लिस्टिंग तारीख से जुड़ी जानकारी के लिए कंपनी और एक्सचेंज की आधिकारिक घोषणाओं पर नजर रखनी चाहिए।
आईपीओ प्रक्रिया में पहले शेयरों का अलॉटमेंट किया जाता है, उसके बाद तय तारीख पर कंपनी के शेयर बीएसई या एनएसई पर सूचीबद्ध होते हैं। लिस्टिंग के बाद शेयर की कीमत बाजार में मांग और आपूर्ति के आधार पर तय होती है।
क्या होती है GMP की भूमिका
ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP शेयर बाजार में किसी आईपीओ के प्रति शुरुआती धारणा को दिखाता है। अगर किसी आईपीओ का GMP ज्यादा होता है तो इसका मतलब होता है कि अनलिस्टेड मार्केट में निवेशक उसके शेयर को इश्यू प्राइस से अधिक कीमत पर खरीदने को तैयार हैं।
लेकिन GMP आधिकारिक आंकड़ा नहीं होता। इसमें बदलाव होता रहता है और कई बार लिस्टिंग के समय वास्तविक प्रदर्शन इससे अलग भी हो सकता है।
निवेशकों को किन बातों का रखना चाहिए ध्यान
आईपीओ में निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, कारोबार का मॉडल, भविष्य की योजनाएं और जोखिमों को समझना जरूरी होता है। केवल ज्यादा सब्सक्रिप्शन या GMP के आधार पर निवेश करना सही रणनीति नहीं मानी जाती।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, लंबी अवधि के निवेश के लिए कंपनी की मजबूत नींव, कमाई की क्षमता और सेक्टर की संभावनाओं को देखना चाहिए।
छोटे निवेशकों में बढ़ा आईपीओ का क्रेज
पिछले कुछ समय में छोटे निवेशकों के बीच आईपीओ को लेकर काफी उत्साह देखने को मिला है। कई निवेशक लिस्टिंग गेन के लिए आईपीओ में पैसा लगाते हैं। वहीं, कुछ निवेशक लंबी अवधि के नजरिए से कंपनियों में हिस्सेदारी लेना चाहते हैं।
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