व्यापार

UPI पर नहीं लगेगा चार्ज, सब्सिडी घटी तो क्या ग्राहकों पर पड़ेगा असर

nidhi
22 Sept 2026 10:18 AM IST
UPI पर नहीं लगेगा चार्ज, सब्सिडी घटी तो क्या ग्राहकों पर पड़ेगा असर
x
UPI पेमेंट रहेगा फ्री

बिजनेस डेस्क: UPI से भुगतान करने वाले आम लोगों के लिए राहत की बात यह है कि व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P ट्रांजैक्शन पूरी तरह मुफ्त रहेंगे। वहीं दुकानदार को किए जाने वाले ₹2,000 तक के UPI भुगतान पर भी MDR नहीं लगेगा। सरकार के मुताबिक करीब 96 प्रतिशत मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन नए MDR ढांचे से प्रभावित नहीं होंगे।

हालांकि अब UPI के पीछे काम करने वाले बैंकों और पेमेंट कंपनियों को मिलने वाली सरकारी सब्सिडी के भविष्य को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। 22 सितंबर की एक रिपोर्ट के मुताबिक सरकार कम मूल्य वाले UPI ट्रांजैक्शन पर दी जाने वाली सब्सिडी को बंद करने पर विचार कर सकती है। इसके पीछे तर्क यह है कि बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR लागू होने के बाद बैंक और पेमेंट कंपनियां सीधे ट्रांजैक्शन से कमाई कर सकेंगी। फिलहाल इसे अंतिम सरकारी घोषणा नहीं बल्कि विचाराधीन संभावना के रूप में देखना चाहिए।
सरकार ने पिछले वर्षों में कम मूल्य वाले BHIM-UPI मर्चेंट भुगतान और RuPay डेबिट कार्ड ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन योजना चलाई थी। वित्त मंत्रालय की एक रिपोर्ट के मुताबिक इस प्रोत्साहन व्यवस्था ने डिजिटल भुगतान के विस्तार और पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में भूमिका निभाई।
अब सवाल है कि आम आदमी पर इसका क्या असर पड़ेगा? सीधे तौर पर ग्राहक से UPI ट्रांजैक्शन शुल्क लेने की अनुमति नहीं है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि P2P भुगतान किसी भी राशि के हों वे मुफ्त रहेंगे। ₹2,000 तक के मर्चेंट भुगतान भी MDR मुक्त रहेंगे। छोटे व्यापारियों को मिलने वाली विशेष जीरो-MDR व्यवस्था भी जारी है।
नई व्यवस्था में चुनिंदा मर्चेंट भुगतान पर MDR से मिलने वाली राशि बैंक और पेमेंट ऐप सहित UPI इकोसिस्टम में शामिल संस्थाओं के बीच बांटी जाएगी। सरकार का कहना है कि MDR कोई टैक्स नहीं है और इसे सरकार या NPCI अपने लिए नहीं वसूलते। इसका उद्देश्य UPI नेटवर्क के संचालन और विस्तार की लागत को सहारा देना है।
आम ग्राहक के लिए चिंता तब पैदा हो सकती है अगर कोई व्यापारी अपने ऊपर आने वाली भुगतान लागत को सामान या सेवा की कीमत में अप्रत्यक्ष रूप से जोड़ने की कोशिश करे। फिलहाल नियमों का उद्देश्य MDR का सीधा बोझ ग्राहक पर पड़ने से रोकना है।
इसलिए फिलहाल सामान्य UPI यूजर के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि दोस्तों या परिवार को पैसे भेजने और रोजमर्रा के छोटे मर्चेंट भुगतान पर अलग शुल्क नहीं देना होगा। सब्सिडी में बदलाव मुख्य रूप से UPI इकोसिस्टम की फंडिंग से जुड़ा मुद्दा है। इसका वास्तविक दीर्घकालिक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार सब्सिडी को लेकर अंतिम फैसला क्या करती है और MDR से मिलने वाली आय बैंकों तथा पेमेंट कंपनियों की लागत को कितना पूरा करती है।
Next Story