
Business बिजनेस: गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में पूरे ट्रेडिंग सेशन के दौरान तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिसके बाद प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स हल्की गिरावट के साथ बंद हुए। शुरुआती मजबूती के बाद बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा और निवेशकों ने कई ब्लू-चिप स्टॉक्स में मुनाफावसूली की, जिससे इंडेक्स दिन के उच्च स्तर से नीचे आ गए।
30 शेयरों वाला BSE सेंसेक्स 135.03 अंक या 0.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,183.36 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया। दिन में इंडेक्स ने 75,945.79 का उच्च स्तर और 74,996.78 का निचला स्तर छुआ, जिससे लगभग 950 अंकों की वोलैटिलिटी दर्ज की गई।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, दिनभर की इस अस्थिरता का मुख्य कारण निवेशकों द्वारा ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली करना रहा। शुरुआती कारोबार में बाजार में खरीदारी का रुझान देखा गया था, लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा, कई सेक्टरों में दबाव बढ़ता गया और इंडेक्स नीचे आ गया।
इसी तरह नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी50 भी मामूली कमजोरी के साथ बंद हुआ। निफ्टी 4.30 अंक या 0.02 प्रतिशत गिरकर 23,654.70 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी दिनभर उतार-चढ़ाव का माहौल रहा, हालांकि गिरावट सीमित दायरे में रही।
विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक संकेतों और घरेलू स्तर पर निवेशकों की सतर्कता ने बाजार की दिशा को प्रभावित किया। कई प्रमुख ब्लू-चिप कंपनियों के शेयरों में ऊपरी स्तरों से बिकवाली देखने को मिली, जिससे बाजार पर दबाव बना।
दिन के दौरान सेक्टरवार प्रदर्शन भी मिला-जुला रहा। कुछ सेक्टरों में हल्की खरीदारी देखने को मिली, जबकि वित्तीय और आईटी सेक्टर में दबाव के कारण बाजार की बढ़त सीमित रही। निवेशक फिलहाल आगे आने वाले आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक बाजार संकेतों पर नजर बनाए हुए हैं।
ब्रोकरेज हाउसों का मानना है कि मौजूदा स्तरों पर बाजार में मुनाफावसूली सामान्य है और लंबी अवधि के रुझान अभी भी सकारात्मक बने हुए हैं। हालांकि अल्पकाल में वोलैटिलिटी बनी रह सकती है।
कुल मिलाकर गुरुवार का सत्र उतार-चढ़ाव भरा रहा, जिसमें शुरुआती तेजी के बावजूद बाजार अंत में हल्की गिरावट के साथ बंद हुआ। निवेशकों की सतर्कता और प्रॉफिट बुकिंग ने इंडेक्स को दबाव में रखा, जबकि बाजार की कुल दिशा फिलहाल सीमित दायरे में बनी हुई है।





