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गहलोत सरकार ने 'मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना' को दी मंजूरी, किसानों को सलाना मिलेगा 12 हजार रूपए

Rani Sahu
10 Jun 2021 10:45 AM GMT
गहलोत सरकार ने मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना को दी मंजूरी, किसानों को सलाना मिलेगा 12 हजार रूपए
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राजस्थान के किसानों के लिए अच्छी खबर है. राजस्थान सरकार ने 'मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना' के प्रारूप को मंजूरी दे दी है

राजस्थान के किसानों के लिए अच्छी खबर है. राजस्थान सरकार ने 'मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना' के प्रारूप को मंजूरी दे दी है, इससे किसानों को हर महीने हजार रुपये तक फायदा होने वाला है. दरअसल, इस योजना के तहत किसानों को बिजली बिल में फायदा मिलेगा और उन्हें बिजली बिल में हर महीने एक हजार रुपये अनुदान दिया जाएगा. प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है.

अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा है, 'मुख्यमंत्री किसान मित्र ऊर्जा योजना के प्रारूप को मंजूरी दी है. इस योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा मीटर्ड कृषि उपभोक्ताओं को बिजली के बिल पर प्रतिमाह एक हजार रूपए और अधिकतम 12 हजार रूपए प्रतिवर्ष अनुदान दिया जाएगा. इससे प्रतिवर्ष एक हजार 450 करोड़ रूपये का वित्तीय भार आएगा.' साथ ही अशोक गहलोत ने बताया, 'योजना का लाभ मई, 2021 से मिलना शुरू होगा. इसके तहत विद्युत वितरण निगमों द्वारा द्विमासिक बिलिंग व्यवस्था के आधार पर पात्र कृषि उपभोक्ताओं को विद्युत विपत्र जारी किए जाएंगे. अनुपातिक आधार पर विद्युत विपत्र का 60 प्रतिशत अधिकतम एक हजार रूपए प्रतिमाह देय होगा.'

ऐसे में जानते हैं किन-किन लोगों को इसका फायदा मिलने वाला है और इस योजना का फायदा उठाने के लिए किसानों को क्या करना होगा…
किन किन किसानों को फायदा मिलेगा?
इस योजना का फायदा राज्य सरकार द्वारा मीटर्ड कृषि उपभोक्ताओं को मिलेगा. केंद्र एवं राज्य सरकार के कर्मचारी एवं आयकरदाता कृषि उपभोक्ता अनुदान राशि के लिए पात्र नहीं होंगे. इसके अलावा सभी किसानों को बिजली के बिल में छूट दी जाएगी. बता दें कि अभी कई स्थानों पर दो महीने से बिल आने की व्यवस्था है और उसमें हर महीने एक हजार रुपये के हिसाब से अनुदान दिया जाएगा.
कैसे मिलेगा फायदा?
इस योजना का फायदा लेने के लिए इस योजना के पात्र किसानों को अपने बैंक खाते को आधार से लिंक करना होगा. इसके साथ ही पहले से किसान विद्युत वितरण निगमों का कोई बकाया नहीं चाहिए, ऐसा होने पर उन्हें अनुदान की राशि नहीं दी जाएगी. बकाया भुगतान कर देने पर उपभोक्ता को अनुदान राशि आगामी विद्युत बिल पर देय होगी.
अगर कम आ जाए बिल तो क्या होगा?
पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, अगर कोई किसान बिजली का कम उपभोग करता है और उसका बिल एक हजार रुपये से कम है, तो वास्तविक बिल और अनुदान राशि की अंतर राशि उसके बैंक खाते में जमा करवाई जाएगी. इससे किसानों में बिजली की बचत को प्रोत्साहन मिलेगा. यानी कम बिजली बिल आने पर इसका फायदा आगे मिलेगा.


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