Billion की कंपनी के मालिक को बैंक ने माना हाई रिस्क ग्राहक

New Delhi नई दिल्ली : देश की एक अरबों रुपये की वैल्यू वाली फिनटेक कंपनी के संस्थापक को होम लोन नहीं मिलने का मामला चर्चा में है। रेज फाइनेंशियल सर्विसेज के संस्थापक और सीईओ प्रवीण जाधव ने सोशल मीडिया के जरिए इस अनुभव को साझा करते हुए बैंकिंग सिस्टम पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि एक बड़े निजी बैंक ने उनका होम लोन आवेदन सिर्फ इसलिए खारिज कर दिया क्योंकि वह कंपनी के फाउंडर हैं और बैंक संस्थापकों को हाई रिस्क कैटेगरी में रखता है।
प्रवीण जाधव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में इस स्थिति को लेकर हल्के-फुल्के अंदाज में अपनी बात रखी। उन्होंने लिखा कि फाउंडर की जिंदगी आसान नहीं होती। उनका कहना था कि जिस बैंक ने उनका लोन आवेदन अस्वीकार किया, उसी बैंक ने कुछ समय पहले उन्हें टॉप फिनटेक इनोवेटर के तौर पर सम्मानित किया था।
जाधव ने अपनी पोस्ट में लिखा, “फाउंडर की जिंदगी मुश्किल है। मेरा होम लोन आवेदन एक बड़े निजी बैंक ने ठुकरा दिया। सिर्फ इसलिए क्योंकि मैं एक संस्थापक हूं।”
1.2 अरब डॉलर की कंपनी के मालिक हैं जाधव
प्रवीण जाधव रेज फाइनेंशियल सर्विसेज के तीन को-फाउंडर्स में से एक हैं। उनकी कंपनी स्टॉक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ‘वेल्थ’ की मूल कंपनी है। अक्टूबर 2025 में रेज ने हॉर्नबिल कैपिटल के नेतृत्व में सीरीज बी फंडिंग राउंड के जरिए 120 मिलियन डॉलर यानी करीब 1,000 करोड़ रुपये जुटाए थे।
इस फंडिंग के बाद कंपनी का मूल्यांकन बढ़कर 1.2 अरब डॉलर यानी करीब 10 हजार करोड़ रुपये हो गया और कंपनी यूनिकॉर्न क्लब में शामिल हो गई।
जाधव ने गिनाई अपनी वित्तीय मजबूती
लोन रिजेक्शन के बाद जाधव ने अपनी वित्तीय स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह संबंधित बैंक के 25 साल से ज्यादा पुराने ग्राहक हैं। उन्होंने दावा किया कि बैंक के साथ उनका जमा और निवेश संबंध लोन राशि से कई गुना ज्यादा है।
उन्होंने कहा कि संपत्ति के मामले में वह संभवत: बैंक के शीर्ष 0.1 प्रतिशत ग्राहकों में आते हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया कि उनका CIBIL स्कोर 800 से अधिक है, जिसे आमतौर पर बेहद अच्छा क्रेडिट स्कोर माना जाता है।
इसके बावजूद बैंक द्वारा लोन आवेदन अस्वीकार किए जाने पर उन्होंने हैरानी जताई। उनका कहना था कि एक उद्यमी होने के कारण उन्हें हाई रिस्क ग्राहक माना गया।
बैंक के नाम का नहीं किया खुलासा
जाधव ने अपनी पोस्ट में बैंक का नाम नहीं बताया है। उन्होंने केवल इतना कहा कि यह वही बैंक है जिसने पहले उन्हें फिनटेक क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया था।
उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा कि बैंक उनकी कंपनी के कर्मचारियों को तो होम लोन दे सकता है, लेकिन उन्हें नहीं, क्योंकि संस्थापक होने के कारण वह जोखिम वाली श्रेणी में आते हैं। उन्होंने कहा कि शायद उन्हें पूरी जिंदगी ऑफिस में ही रहना पड़ेगा।
फाउंडर्स के लिए लोन प्रक्रिया पर उठे सवाल
प्रवीण जाधव की पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर फाउंडर्स और उद्यमियों के लिए लोन प्रक्रिया को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। कई लोगों का कहना है कि बिजनेस मालिकों की आय और वित्तीय स्थिति का मूल्यांकन अलग तरीके से किया जाना चाहिए।
वहीं, बैंकिंग क्षेत्र में लोन मंजूरी के लिए कई जोखिम मानकों को ध्यान में रखा जाता है। हालांकि, इस मामले में संबंधित बैंक की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।





