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गैर-पंजीकृत प्रतिष्ठानों की संख्या 9.20% बढ़ी, अप्रैल-जून 2026 में रोजगार भी 6.55% बढ़ा

Kavita2
21 Aug 2026 5:26 PM IST
गैर-पंजीकृत प्रतिष्ठानों की संख्या 9.20% बढ़ी, अप्रैल-जून 2026 में रोजगार भी 6.55% बढ़ा
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नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत के गैर-कृषि क्षेत्र के अनइनकॉरपोरेटेड यानी गैर-पंजीकृत प्रतिष्ठानों ने वृद्धि दर्ज की है। नेशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस (NSO) की ओर से शुक्रवार को जारी बयान के अनुसार, अप्रैल-जून 2026 तिमाही में ऐसे प्रतिष्ठानों की अनुमानित संख्या बढ़कर 8.67 करोड़ हो गई। पिछले वर्ष की समान तिमाही में यह संख्या 7.94 करोड़ थी। इस तरह एक साल में गैर-पंजीकृत प्रतिष्ठानों की संख्या में 9.20 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

एनएसओ के आंकड़ों के मुताबिक, इस क्षेत्र में रोजगार के मोर्चे पर भी सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। अप्रैल-जून 2026 के दौरान अनइनकॉरपोरेटेड सेक्टर में रोजगार बढ़कर 13.70 करोड़ हो गया, जबकि अप्रैल-जून 2025 में यह आंकड़ा 12.81 करोड़ था। यानी सालाना आधार पर रोजगार में 6.55 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

सेवा क्षेत्र बना वृद्धि का प्रमुख आधार

एनएसओ ने अपने बयान में बताया कि गैर-पंजीकृत क्षेत्र में रोजगार और प्रतिष्ठानों की संख्या में हुई बढ़ोतरी में सेवा क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में सेवा क्षेत्र की अनुमानित वर्कफोर्स में 21 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।

सेवा क्षेत्र में बढ़ता रोजगार यह संकेत देता है कि छोटे और गैर-पंजीकृत कारोबारों के बीच इस क्षेत्र की गतिविधियां लगातार विस्तार कर रही हैं। स्थानीय स्तर पर संचालित विभिन्न सेवाओं से जुड़े प्रतिष्ठानों की बढ़ती संख्या भी रोजगार के अवसर पैदा करने में योगदान दे रही है।

गैर-कृषि अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका

अनइनकॉरपोरेटेड प्रतिष्ठान भारत की गैर-कृषि अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इनमें ऐसे छोटे कारोबारी प्रतिष्ठान शामिल होते हैं जो कॉरपोरेट या औपचारिक रूप से पंजीकृत कंपनियों की श्रेणी में नहीं आते। रोजगार उपलब्ध कराने और स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बनाए रखने में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

इन प्रतिष्ठानों की संख्या में वृद्धि को व्यापक आर्थिक गतिविधियों के एक संकेतक के तौर पर देखा जा सकता है। खासकर छोटे कारोबार और सेवा गतिविधियां स्थानीय अर्थव्यवस्था में आय और रोजगार पैदा करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।

एक साल में 73 लाख प्रतिष्ठानों की बढ़ोतरी

एनएसओ के आंकड़ों की तुलना करें तो अप्रैल-जून 2025 में गैर-पंजीकृत गैर-कृषि प्रतिष्ठानों की अनुमानित संख्या 7.94 करोड़ थी। एक साल बाद यह बढ़कर 8.67 करोड़ हो गई। यानी संख्या में करीब 73 लाख प्रतिष्ठानों की बढ़ोतरी हुई।

9.20 प्रतिशत की यह वृद्धि ऐसे समय में सामने आई है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापार, मांग और आर्थिक गतिविधियों को लेकर चुनौतियों के बावजूद घरेलू स्तर पर छोटे और गैर-पंजीकृत प्रतिष्ठानों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

रोजगार में करीब 89 लाख की बढ़ोतरी

रोजगार के आंकड़ों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अप्रैल-जून 2025 में अनइनकॉरपोरेटेड सेक्टर में 12.81 करोड़ लोग रोजगार से जुड़े थे। अप्रैल-जून 2026 में यह संख्या बढ़कर 13.70 करोड़ हो गई।

इस तरह एक साल के दौरान करीब 89 लाख अतिरिक्त रोजगार जुड़े। 6.55 प्रतिशत की सालाना वृद्धि इस बात का संकेत देती है कि छोटे और गैर-पंजीकृत प्रतिष्ठानों की आर्थिक गतिविधियों के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़े हैं।

सेवा क्षेत्र में रोजगार वृद्धि पर खास नजर

कुल रोजगार वृद्धि में सेवा क्षेत्र की भूमिका विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही। एनएसओ के अनुसार, सेवा क्षेत्र में अनुमानित वर्कफोर्स में 21 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।

इसका मतलब है कि गैर-पंजीकृत अर्थव्यवस्था में रोजगार सृजन का एक बड़ा हिस्सा अब सेवा गतिविधियों से आ रहा है। बदलती उपभोक्ता जरूरतों और स्थानीय स्तर पर सेवाओं की मांग बढ़ने से इस क्षेत्र में नए अवसर बनने की संभावना है।

वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच सकारात्मक संकेत

एनएसओ के आंकड़े ऐसे समय में आए हैं, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था विभिन्न अनिश्चितताओं का सामना कर रही है। इसके बावजूद भारत के गैर-कृषि अनइनकॉरपोरेटेड सेक्टर में प्रतिष्ठानों और रोजगार दोनों में वृद्धि दर्ज होना घरेलू आर्थिक गतिविधियों की मजबूती की ओर संकेत करता है।

हालांकि, इन आंकड़ों को व्यापक आर्थिक स्थिति के साथ देखकर ही निष्कर्ष निकालना उचित होगा। गैर-पंजीकृत क्षेत्र में बड़ी संख्या में छोटे प्रतिष्ठान शामिल होते हैं और इनकी गतिविधियां स्थानीय मांग, उपभोक्ता खर्च तथा रोजगार की परिस्थितियों से सीधे प्रभावित होती हैं।

छोटे कारोबारों के लिए अहम आंकड़े

गैर-पंजीकृत प्रतिष्ठानों की बढ़ती संख्या छोटे कारोबारों के लिए बदलते आर्थिक माहौल को भी दर्शाती है। रोजगार के आंकड़ों में वृद्धि यह बताती है कि इस क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां और काम के अवसर दोनों बढ़े हैं।

आने वाले समय में इस क्षेत्र की वृद्धि को बनाए रखने के लिए कारोबारों को बेहतर बाजार पहुंच, वित्तीय संसाधन, तकनीकी सहायता और कौशलयुक्त श्रम की जरूरत होगी। सेवा क्षेत्र में रोजगार की तेज वृद्धि को देखते हुए कौशल विकास और उत्पादकता बढ़ाने से जुड़े प्रयास भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

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