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करोड़पति बनने का फॉर्मूला 25 से 40 साल की उम्र में कितनी करें SIP
Ratna Netam
13 Sept 2026 4:20 PM IST

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नई दिल्ली। आज के समय में हर व्यक्ति अपने भविष्य को आर्थिक रूप से सुरक्षित बनाना चाहता है। रिटायरमेंट के बाद अच्छी जिंदगी जीने के लिए लोग निवेश के अलग-अलग विकल्प तलाशते हैं। म्यूचुअल फंड की **सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP)** लंबे समय में बड़ा फंड तैयार करने का एक लोकप्रिय तरीका बन चुका है। अगर कोई व्यक्ति 60 साल की उम्र तक करीब **10 करोड़ रुपये का फंड** बनाना चाहता है, तो उसे अपनी उम्र के हिसाब से कितनी मासिक SIP करनी होगी, यह निवेश अवधि और अनुमानित रिटर्न पर निर्भर करता है।
निवेश विशेषज्ञों के अनुसार, लंबी अवधि में कंपाउंडिंग (चक्रवृद्धि ब्याज) का फायदा सबसे ज्यादा मिलता है। यही कारण है कि कम उम्र में शुरू की गई छोटी SIP भी समय के साथ बड़ा फंड तैयार कर सकती है।
SIP और कंपाउंडिंग का क्या है खेल?
SIP में निवेशक हर महीने एक निश्चित राशि म्यूचुअल फंड में निवेश करता है। यह पैसा बाजार से जुड़े फंड में लगाया जाता है, जहां लंबी अवधि में रिटर्न मिलने की संभावना रहती है।
कंपाउंडिंग का मतलब है कि निवेश पर मिलने वाला रिटर्न भी आगे निवेश का हिस्सा बन जाता है और उस पर भी रिटर्न मिलता है। जितना ज्यादा समय निवेश को मिलता है, उतना ही कंपाउंडिंग का प्रभाव बढ़ता जाता है।
उदाहरण के तौर पर, अगर कोई व्यक्ति 25 साल की उम्र में निवेश शुरू करता है तो उसके पास 60 साल तक पैसा बढ़ने के लिए करीब 35 साल का समय होता है। वहीं 40 साल की उम्र में शुरुआत करने पर निवेश अवधि घटकर सिर्फ 20 साल रह जाती है।
25 साल की उम्र में कितनी SIP करनी होगी?
अगर कोई व्यक्ति 25 साल की उम्र में SIP शुरू करता है और 60 साल की उम्र तक 10 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखता है, तो उसके पास करीब 35 साल का समय होगा।
मान लेते हैं कि निवेश पर औसतन 12 प्रतिशत सालाना रिटर्न मिलता है, तो 10 करोड़ रुपये का लक्ष्य हासिल करने के लिए लगभग **₹13,000 से ₹15,000 प्रति महीने की SIP** की जरूरत पड़ सकती है।
लंबी अवधि होने के कारण कम मासिक निवेश भी कंपाउंडिंग के जरिए बड़ा फंड बना सकता है।
30 साल की उम्र में कितनी SIP जरूरी?
अगर निवेश की शुरुआत 30 साल की उम्र में की जाती है तो निवेश अवधि घटकर 30 साल रह जाती है।
12 प्रतिशत सालाना अनुमानित रिटर्न के हिसाब से 10 करोड़ रुपये का फंड बनाने के लिए लगभग **₹28,000 से ₹30,000 प्रति महीने की SIP** करनी पड़ सकती है।
इस उम्र में निवेश शुरू करने वालों के लिए अनुशासन के साथ नियमित निवेश करना बेहद जरूरी होता है।
35 साल की उम्र में कितनी SIP करनी होगी?
35 साल की उम्र में निवेश शुरू करने पर व्यक्ति के पास 60 साल तक करीब 25 साल का समय बचता है।
ऐसे में 10 करोड़ रुपये के लक्ष्य के लिए मासिक SIP की राशि काफी बढ़ जाती है। 12 प्रतिशत सालाना अनुमानित रिटर्न के आधार पर करीब **₹60,000 से ₹65,000 प्रति महीने की SIP** की जरूरत हो सकती है।
जैसे-जैसे निवेश की अवधि कम होती है, लक्ष्य हासिल करने के लिए ज्यादा रकम निवेश करनी पड़ती है।
40 साल की उम्र में कितनी SIP करनी होगी?
अगर कोई व्यक्ति 40 साल की उम्र में निवेश शुरू करता है तो उसके पास 60 साल तक सिर्फ 20 साल का समय होगा।
10 करोड़ रुपये का फंड तैयार करने के लिए उसे करीब **₹1 लाख से ₹1.1 लाख प्रति महीने की SIP** करनी पड़ सकती है।
इससे साफ पता चलता है कि निवेश जितना जल्दी शुरू किया जाए, उतना ही फायदा मिलता है।
उम्र के हिसाब से SIP का अनुमान
| निवेश शुरू करने की उम्र | निवेश अवधि | अनुमानित मासिक SIP (12% रिटर्न पर) |
| ----------------------- | ---------- | ---------------------------------- |
| 25 साल | 35 साल | लगभग ₹13-15 हजार |
| 30 साल | 30 साल | लगभग ₹28-30 हजार |
| 35 साल | 25 साल | लगभग ₹60-65 हजार |
| 40 साल | 20 साल | लगभग ₹1-1.1 लाख |
*(ये आंकड़े अनुमानित हैं और बाजार के प्रदर्शन के अनुसार बदल सकते हैं।)*
क्या 10 करोड़ का लक्ष्य हर किसी के लिए संभव है?
10 करोड़ रुपये का लक्ष्य बड़ा जरूर है, लेकिन सही योजना, अनुशासन और लंबे समय तक निवेश के जरिए इसे हासिल करने की कोशिश की जा सकती है।
हालांकि म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन होते हैं। किसी भी निवेश से पहले व्यक्ति को अपनी आय, खर्च, जोखिम लेने की क्षमता और वित्तीय लक्ष्यों को ध्यान में रखना चाहिए।
SIP शुरू करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान
* निवेश को लंबे समय तक जारी रखने की योजना बनाएं।
* बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण घबराकर SIP बंद न करें।
* समय-समय पर अपने निवेश की समीक्षा करें।
* लक्ष्य के अनुसार निवेश राशि तय करें।
* जरूरत पड़ने पर वित्तीय सलाहकार की मदद लें।
जल्दी शुरुआत का फायदा सबसे बड़ा
10 करोड़ रुपये का फंड बनाने के इस उदाहरण से सबसे बड़ा सबक यही है कि निवेश की शुरुआत जितनी जल्दी होगी, उतना ही कंपाउंडिंग का फायदा मिलेगा।
25 साल की उम्र में शुरू की गई SIP और 40 साल की उम्र में शुरू की गई SIP में बड़ा अंतर इसलिए आता है क्योंकि शुरुआती निवेश को बढ़ने के लिए ज्यादा समय मिलता है।
इसलिए वित्तीय विशेषज्ञ अक्सर सलाह देते हैं कि कम उम्र से ही बचत और निवेश की आदत डालनी चाहिए। सही योजना और लगातार निवेश के साथ भविष्य के बड़े आर्थिक लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा सकता है।
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