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कृषि कार्य और गन्ने की कटाई में पड़ा बारिश का प्रभाव, किसानों को हो रहा नुकसान

Gulabi
4 Dec 2021 3:25 PM GMT
कृषि कार्य और गन्ने की कटाई में पड़ा बारिश का प्रभाव, किसानों को हो रहा नुकसान
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कृषि कार्य और गन्ने की कटाई में पड़ा बारिश का प्रभाव
महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश के कारण किसनों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. पिछले हफ्तों से हो रही लगातार बारिश के कारण राज्य में कई फसलों का बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है. वहीं कोल्हापुर जिले में बेमौसम बारिश ने सभी कृषि क्षेत्रों को प्रभावित किया है. कोंकण में आम के बाग प्रभावित हुए हैं, जबकि नासिक जिले में अंगूर के बाग नष्ट हो गए हैं. बेमौसम बरसात के चलते कोल्हापुर जिले में गन्ने की कटाई पर भी ब्रेक लग गया है.
बारिश की वजह से सभी फसलों को नुकसान हो रहा था, तो अब गन्ना कटाई का काम भी ठप हो गया है. कोल्हापुर जिले में सबसे ज्यादा गन्ने की पेराई होती है, लेकीन बारिश के कारण गन्ने की कटाई संभव नहीं हो पा रही है. इस वजह से गन्ना उत्पादक किसानों को नुकसान झेलना पड़ रहा है. इसके अलावा, अन्य कृषि गतिविधियां भी ठप पड़ी हैं.
गन्ना मजदूरों की बढ़ी परेशानी
ये मजदूर गन्ने की कटाई के सिलसिले में अस्थाई झोंपड़ियों के सहारे एक खेत में रहते हैं, लेकिन पिछले एक हफ्ते से कोल्हापुर जिले में बेमौसम बारिश हो रही है. ऐसे में कटाई का काम नहीं हो पा रहा है. ऐसे में मजदूरों का रहना संभव नहीं हो पा रहा है, क्योंकि पानी, भूसी और गन्ने के डंठल में खेत भर चुका है. गन्ना मजदूर गुजारा करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
बारिश की वजह से गन्ना उत्पादकों को हो रहा नुकसान
गन्ने की सर्वाधिक मात्रा में खेती कोल्हापुर जिले में होती है, लेकीन बेमौसम बारिश से कटाई का काम यहां भी बाधित हो गया है. बुधवार को गन्ने के खेतों में पानी जमा होने से कटाई असंभव हो गई है. गुरुवार को गन्ना ले जाने वाला कोई वाहन कारखाने की ओर नहीं जा रहा था. साथ ही शुक्रवार की सुबह भी बादल छाए रहे और कटाई भी शुरू नहीं हुई. इसलिए असमय बारिश और जलवायु परिवर्तन ने कृषि से जुड़े कई कारखानों को प्रभावित किया है.
गन्ना मिलें भी रहीं बंद
कोल्हापुर जिले में गुरुवार को गन्ने की कटाई पूरी तरह ठप रही. इस वजह से चीनी मिलें भी अगले दो दिनों तक बंद रहीं. अगर कुछ दिनों तक ऐसे ही बेमौसम बारिश होती रही तो बहुत ज्यादा नुकसान हो सकता है. यदि गन्ना काट भी दिया जाता है तो भी वाहनों द्वारा गन्ना मिलों तक पहुंचने में अंतहीन कठिनाइयां होती हैं. ऐसे में गन्ने की मिल को दो दिन के लिए बंद करने का निर्णय लिया गया था.
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