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TCS से Microsoft तक का सफर टेक कर्मचारी ने बताया काम के माहौल का फर्क

nidhi
31 Aug 2026 10:52 AM IST
TCS से Microsoft तक का सफर टेक कर्मचारी ने बताया काम के माहौल का फर्क
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TCS और Microsoft के वर्क कल्चर की तुलना

बेंगलुरु: भारत की दो दिग्गज आईटी कंपनियों TCS और Microsoft के कामकाजी माहौल को लेकर एक टेक कर्मचारी का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बेंगलुरु के टेक प्रोफेशनल सैलेश गुरूंग ने TCS से Microsoft में जाने के बाद अपने अनुभव साझा किए और बताया कि दोनों कंपनियों की कार्य संस्कृति में उन्हें कौन-कौन से बड़े अंतर महसूस हुए।

सैलेश गुरूंग ने अपने करियर की शुरुआत TCS में बतौर फ्रेशर की थी। उन्होंने बताया कि शुरुआती दौर में उनकी कॉर्पोरेट लाइफ की समझ काफी सीमित थी। उनके अनुसार तब काम का तरीका तय प्रक्रियाओं, जिम्मेदारियों के बंटवारे और निर्धारित सिस्टम के अनुसार चलता था। लेकिन Microsoft जॉइन करने के बाद उन्हें काम करने के तरीके में कई बड़े बदलाव महसूस हुए।
Microsoft में फ्लैट कल्चर का अनुभव
गुरूंग ने सबसे बड़ा अंतर कंपनी की हायरार्की यानी पदानुक्रम में बताया। उनके अनुसार TCS जैसे सर्विस बेस्ड माहौल में वरिष्ठ अधिकारियों, अप्रूवल और कई स्तरों की प्रक्रिया अधिक दिखाई देती थी। वहीं Microsoft में उन्हें ज्यादा फ्लैट स्ट्रक्चर महसूस हुआ, जहां कर्मचारी अलग-अलग टीमों के लोगों से सीधे संपर्क कर सकते हैं और अपने विचार साझा कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि Microsoft में काम के दौरान सहयोग और बातचीत का तरीका ज्यादा खुला महसूस हुआ। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत अनुभव है और हर कर्मचारी का अनुभव अलग हो सकता है।
ड्रेस कोड और ऑफिस कल्चर में अंतर
टेक कर्मचारी ने दोनों कंपनियों के ड्रेस कल्चर की तुलना भी की। उनके मुताबिक TCS में ज्यादातर समय फॉर्मल ड्रेस का चलन था, जबकि Microsoft में कर्मचारियों को अधिक आजादी महसूस हुई। उन्होंने कहा कि वहां मुख्य ध्यान प्रोफेशनल दिखने पर होता है, न कि किसी खास ड्रेस कोड पर।
इसके अलावा उन्होंने Microsoft के ऑफिस माहौल का जिक्र करते हुए बताया कि वहां हैकाथॉन, क्रॉस टीम इवेंट, गेमिंग जोन और आराम करने के लिए अलग जगहों जैसी सुविधाएं देखने को मिलीं।
काम की जिम्मेदारी में बड़ा बदलाव
गुरूंग के अनुसार Microsoft में सबसे बड़ा बदलाव काम की जिम्मेदारी को लेकर आया। उन्होंने बताया कि पहले काम कई हिस्सों में बंटा होता था, लेकिन यहां किसी प्रोजेक्ट को शुरू से अंत तक संभालने की जिम्मेदारी मिलती है। इससे जिम्मेदारी बढ़ती है, लेकिन सीखने और आगे बढ़ने के अवसर भी ज्यादा मिलते हैं।
उन्होंने ऑफिस सुविधाओं का भी जिक्र किया, जिसमें बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, खाने-पीने की सुविधाएं और कर्मचारियों के लिए आरामदायक माहौल शामिल हैं।
सोशल मीडिया पर छिड़ी चर्चा
सैलेश का वीडियो वायरल होने के बाद कई टेक कर्मचारियों ने अपने अनुभव साझा किए। कुछ लोगों ने बताया कि सर्विस बेस्ड कंपनी से प्रोडक्ट बेस्ड कंपनी में जाने के बाद उन्हें भी इसी तरह के बदलाव महसूस हुए। वहीं कुछ यूजर्स ने कहा कि अच्छा वर्क कल्चर केवल कंपनी के नाम से नहीं बल्कि टीम और मैनेजमेंट पर भी निर्भर करता है।
सैलेश गुरूंग ने अंत में कहा कि उनकी तुलना किसी कंपनी को बेहतर या खराब बताने के लिए नहीं है, बल्कि यह उनके व्यक्तिगत करियर सफर का अनुभव है। उनका यह अनुभव अब सोशल मीडिया पर कॉर्पोरेट कल्चर को लेकर नई चर्चा का विषय बन गया है।
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