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टाटा ट्रस्ट्स ने 1989 के शेयर ट्रांसफर में गड़बड़ी के आरोप से इनकार किया

Kiran
6 Jun 2026 3:58 PM IST
टाटा ट्रस्ट्स ने 1989 के शेयर ट्रांसफर में गड़बड़ी के आरोप से इनकार किया
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Mumbai मुंबई टाटा ट्रस्ट्स (TT), जो समाज सेवा करने वाली संस्थाओं का नेटवर्क है और नमक से लेकर सॉफ्टवेयर बनाने वाली इस कंपनी का दो-तिहाई हिस्सा रखता है, ने शुक्रवार को 1989 में हुए शेयर ट्रांसफर में किसी भी तरह की गड़बड़ी से इनकार किया। TT ने 1989 में नवाजभाई रतन टाटा ट्रस्ट द्वारा स्वर्गीय नवल एच टाटा को शेयर ट्रांसफर करने के बारे में एक व्यक्ति के लगाए गए आरोपों को “बेबुनियाद, बेबुनियाद और गलत इरादे से किया गया” बताकर खारिज कर दिया।टाटा ट्रस्ट्स ने वर्ष 1989 में हुए शेयर ट्रांसफर को लेकर लगाए गए गड़बड़ी के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। ट्रस्ट्स का कहना है कि उस समय की सभी प्रक्रियाएं कानूनी नियमों और पारदर्शी व्यवस्था के तहत पूरी की गई थीं। संस्था ने स्पष्ट किया कि शेयरों का हस्तांतरण संबंधित नियमों, ट्रस्ट डीड और तत्कालीन कानूनी प्रावधानों के अनुसार ही किया गया था।

टाटा ट्रस्ट्स ने यह भी कहा कि इस तरह के आरोप न केवल तथ्यहीन हैं बल्कि संस्था की दीर्घकालिक प्रतिष्ठा को भी नुकसान पहुंचाने वाले हैं। ट्रस्ट्स का दावा है कि वर्षों से उनकी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। किसी भी प्रकार की अनियमितता या गलत मंशा का आरोप पूरी तरह निराधार है। इस मामले को लेकर ट्रस्ट्स ने यह भी संकेत दिया है कि यदि आवश्यक हुआ तो वे कानूनी रूप से अपना पक्ष मजबूती से प्रस्तुत करेंगे। टाटा समूह से जुड़े ट्रस्ट देश के प्रमुख परोपकारी संस्थानों में गिने जाते हैं और शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास तथा सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में लंबे समय से कार्यरत हैं। कुल मिलाकर, ट्रस्ट्स ने साफ किया है कि 1989 के शेयर ट्रांसफर में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी नहीं हुई थी और सभी कार्य नियमों के अनुसार ही किए गए थे।

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