
नई दिल्ली। टाटा ग्रुप को संचालित करने वाली कंपनी टाटा संस के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन की कमाई इन दिनों चर्चा में है। कंपनी से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, चंद्रशेखरन ने पिछले पांच सालों में टाटा ट्रस्ट्स से करीब 685 करोड़ रुपये का भुगतान प्राप्त किया है। वहीं, वित्त वर्ष 2026 में उनकी कमाई ने नया रिकॉर्ड बनाया और उन्हें कुल 158.6 करोड़ रुपये का वेतन पैकेज मिला।
एन. चंद्रशेखरन टाटा समूह के सबसे अहम पदों में से एक पर हैं और लंबे समय से समूह की रणनीति, विस्तार और संचालन की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वित्त वर्ष 2026 में उन्हें मिला 158.6 करोड़ रुपये का भुगतान टाटा संस के सभी निदेशकों को दिए गए कुल पारिश्रमिक का लगभग 80 प्रतिशत रहा। उनकी कमाई में सबसे बड़ा हिस्सा कमीशन का रहा, जो करीब 140.7 करोड़ रुपये था। इसके अलावा उन्हें 17.9 करोड़ रुपये वेतन के रूप में मिले।
अगर पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो चंद्रशेखरन की कमाई लगातार बढ़ी है। वित्त वर्ष 2025 में उन्हें करीब 155 करोड़ रुपये का भुगतान मिला था, जबकि वित्त वर्ष 2024 में उनकी कमाई 134.8 करोड़ रुपये रही थी। लगातार बढ़ते वेतन पैकेज से साफ है कि टाटा समूह में उनके नेतृत्व और योगदान को काफी महत्व दिया जा रहा है।
एन. चंद्रशेखरन वर्ष 2017 में टाटा संस के चेयरमैन बने थे। उनके नेतृत्व में टाटा समूह ने कई क्षेत्रों में विस्तार किया है। टाटा मोटर्स, टाटा डिजिटल, एयर इंडिया, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य कारोबारों में समूह ने बड़े निवेश किए हैं। चंद्रशेखरन की अगुवाई में समूह ने डिजिटल, इलेक्ट्रिक वाहन, सेमीकंडक्टर और एविएशन जैसे नए क्षेत्रों पर भी अपना फोकस बढ़ाया है।
हालांकि, इस समय चंद्रशेखरन के सेवा विस्तार को लेकर टाटा समूह के भीतर चर्चा चल रही है। टाटा संस के चेयरमैन के रूप में उनका मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 तक है। आगामी 18 अगस्त को होने वाली टाटा संस की वार्षिक आम बैठक (AGM) में उनकी दोबारा नियुक्ति का मुद्दा प्रमुख एजेंडा में शामिल रहेगा।
टाटा संस के बोर्ड ने उनकी पुनर्नियुक्ति की सिफारिश की है। कंपनी का कहना है कि चंद्रशेखरन के अनुभव, कौशल और समूह के साथ उनके लंबे जुड़ाव से कंपनी को लगातार लाभ मिल रहा है। AGM में शेयरधारक उनकी नियुक्ति पर अंतिम फैसला करेंगे।
चंद्रशेखरन टाटा समूह के उन चुनिंदा अधिकारियों में शामिल हैं, जिन्हें प्रदर्शन आधारित भुगतान और कमीशन के जरिए बड़ी रकम मिलती है। उनके वेतन पैकेज का बड़ा हिस्सा कंपनी के प्रदर्शन और नेतृत्व क्षमता से जुड़ा हुआ है।
टाटा समूह भारत के सबसे बड़े कारोबारी समूहों में से एक है, जिसकी मौजूदगी ऑटोमोबाइल, आईटी, स्टील, विमानन, रिटेल, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऊर्जा जैसे कई क्षेत्रों में है। ऐसे में समूह के चेयरमैन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
एन. चंद्रशेखरन की बढ़ती कमाई जहां उनके नेतृत्व की सफलता को दर्शाती है, वहीं कॉरपोरेट जगत में बड़े अधिकारियों के वेतन पैकेज को लेकर चर्चा भी तेज हो गई है। आने वाली AGM में उनकी पुनर्नियुक्ति पर फैसला यह तय करेगा कि वह आगे कितने समय तक टाटा समूह की कमान संभालेंगे।





