Business बिजनेस: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते (Bilateral Trade Agreement) को लेकर बातचीत एक बार फिर तेज हो गई है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने गुरुवार को जानकारी दी कि अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जेमीसन ग्रीर के नेतृत्व में एक अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधिमंडल अगले महीने नई दिल्ली का दौरा करेगा।
मंत्री के अनुसार, इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से जुड़े मुद्दों पर बातचीत को आगे बढ़ाना और लंबित बिंदुओं पर सहमति बनाने की दिशा में प्रगति करना है। यह घोषणा ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की कोशिशें लगातार जारी हैं।
इससे पहले भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने भी लगभग एक महीने पहले वाशिंगटन का दौरा किया था। उस यात्रा का उद्देश्य भी प्रस्तावित व्यापार समझौते के विभिन्न पहलुओं को स्पष्ट करना और बातचीत को आगे बढ़ाना था। दोनों देशों के बीच लगातार हो रही इन बैठकों को समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने भी अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल के भारत दौरे की पुष्टि की है। उन्होंने यह जानकारी अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स के एक कार्यक्रम के दौरान दी।
कार्यक्रम में बोलते हुए सर्जियो गोर ने कहा कि पिछले महीने भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने वाशिंगटन डीसी का दौरा किया था ताकि व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में मदद मिल सके। उन्होंने आगे बताया कि अगले महीने अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल नई दिल्ली आएगा, जहां इस समझौते पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
अमेरिकी राजदूत ने भरोसा जताया कि आने वाले हफ्तों में भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता अंतिम रूप ले सकता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और इसमें तेजी देखी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई दिशा दे सकता है। व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्रों में इस डील के महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ने की संभावना है।
दोनों देशों की ओर से लगातार हो रही उच्च स्तरीय बातचीत यह संकेत देती है कि भारत-अमेरिका आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने की गंभीर कोशिशें चल रही हैं। आने वाले समय में इस समझौते पर होने वाली प्रगति पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की भी नजर बनी हुई है।





