
व्यापार | ऑनलाइन फूड डिलीवरी कंपनी Swiggy को भारतीय आयकर विभाग ने ₹158 करोड़ का अतिरिक्त टैक्स नोटिस जारी किया है। यह नोटिस पिछले वित्तीय वर्षों में इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और अन्य कर मामलों से जुड़ी विसंगतियों के कारण भेजा गया है।
आयकर विभाग के अनुसार, Swiggy ने कुछ वित्तीय वर्षों में अपने टैक्स रिकॉर्ड में कथित अनियमितताएं की हैं।
विभाग का दावा है कि कंपनी ने ITC (इनपुट टैक्स क्रेडिट) के तहत कुछ खर्चों को गलत तरीके से दिखाया, जिससे टैक्स की देनदारी कम हो गई।
सरकार अब Swiggy से यह बकाया टैक्स वसूलना चाहती है और इसके लिए ₹158 करोड़ का नोटिस भेजा गया है।
Swiggy की प्रतिक्रिया क्या है?
कंपनी ने कहा है कि वह आयकर विभाग के इस नोटिस का अध्ययन कर रही है और कानूनी विशेषज्ञों से सलाह ले रही है।
Swiggy का मानना है कि उसने सभी कर नियमों का पालन किया है, लेकिन अगर कोई त्रुटि हुई है, तो वह संबंधित अधिकारियों के साथ सहयोग करेगी।
Swiggy का यह भी कहना है कि अभी यह मामला प्रारंभिक चरण में है और वह आगे की कार्रवाई के लिए अपने कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है।
क्या Swiggy को होगा बड़ा नुकसान?
₹158 करोड़ की टैक्स देनदारी Swiggy के लिए एक अचानक आया वित्तीय झटका हो सकता है, खासकर जब कंपनी मुनाफे में आने के लिए संघर्ष कर रही है।
अगर Swiggy को यह राशि चुकानी पड़ती है, तो इसका असर कंपनी की वित्तीय योजनाओं और संभावित IPO (Initial Public Offering) पर भी पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मामला लंबा खिंचता है, तो इससे Swiggy की ब्रांड वैल्यू और निवेशकों के विश्वास पर असर पड़ सकता है।
आगे क्या होगा?
Swiggy को आयकर विभाग के इस नोटिस पर आधिकारिक जवाब देना होगा।
अगर कंपनी और विभाग के बीच सहमति नहीं बनती, तो मामला टैक्स ट्रिब्यूनल या कोर्ट तक जा सकता है।
फूड डिलीवरी सेक्टर में यह पहला मौका नहीं है जब किसी कंपनी को इस तरह का टैक्स नोटिस मिला हो। इससे पहले Zomato और अन्य ई-कॉमर्स कंपनियों को भी टैक्स संबंधित नोटिस मिल चुके हैं।
निष्कर्ष
Swiggy को मिला ₹158 करोड़ का टैक्स नोटिस एक बड़ा झटका साबित हो सकता है, खासकर जब कंपनी मुनाफे की ओर बढ़ने की कोशिश कर रही है। अब देखना होगा कि कंपनी इस मामले को कैसे निपटाती है और आयकर विभाग की कार्रवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है।





